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Maharajganj News: मौसम में बदलाव से जिला अस्पताल में बुखार, उल्टी-दस्त के मरीज बढ़े
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महराजगंज। मौसम में बदलाव के साथ जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों बुखार, कमजोरी, उल्टी और दस्त से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1052 मरीजों का उपचार हुआ इनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है।
मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। तीन दिनों तक बारिश के बाद लगातार तेज धूप होने से लोगों को समस्या हुई। इसका असर जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को दिखाई दिया।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पवन कुमार सिंह की ओपीडी में रोजाना करीब 90 से 100 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 70 से 80 मरीज बुखार, उल्टी और दस्त की शिकायत वाले हैं। करीब 15 से 20 मरीज डिहाइड्रेशन के लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों और बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण संक्रमण का असर अधिक दिखाई दे रहा है। लगातार उल्टी-दस्त होने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ गया है।
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डॉ. पवन कुमार सिंह ने बताया कि वायरल संक्रमण में बुखार के साथ कमजोरी, बदन दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हो सकती है। लगातार उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी तेजी से होती है। ऐसे में मरीज को ओआरएस का घोल और पर्याप्त मात्रा में पानी व अन्य तरल पदार्थ देना जरूरी है। बच्चों और बुजुर्गों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार तरल पदार्थ देते रहना चाहिए।
उन्होंने लोगों से बाहर की खुली खाद्य सामग्री का सेवन नहीं करने की अपील की। ताजा और स्वच्छ भोजन करने के साथ साफ पानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी। तेज बुखार के साथ लगातार उल्टी-दस्त, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाकर जांच करानी चाहिए। समय पर उपचार मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
ऐसे करें बचाव
खुले में रखी खाद्य सामग्री का सेवन न करें।
साफ और ताजा भोजन ही करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेते रहें।
उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस का घोल लें।
बच्चों और बुजुर्गों की विशेष निगरानी रखें।
तेज बुखार या लगातार उल्टी-दस्त होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। तीन दिनों तक बारिश के बाद लगातार तेज धूप होने से लोगों को समस्या हुई। इसका असर जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को दिखाई दिया।
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जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पवन कुमार सिंह की ओपीडी में रोजाना करीब 90 से 100 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 70 से 80 मरीज बुखार, उल्टी और दस्त की शिकायत वाले हैं। करीब 15 से 20 मरीज डिहाइड्रेशन के लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों और बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण संक्रमण का असर अधिक दिखाई दे रहा है। लगातार उल्टी-दस्त होने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ गया है।
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डॉ. पवन कुमार सिंह ने बताया कि वायरल संक्रमण में बुखार के साथ कमजोरी, बदन दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हो सकती है। लगातार उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी तेजी से होती है। ऐसे में मरीज को ओआरएस का घोल और पर्याप्त मात्रा में पानी व अन्य तरल पदार्थ देना जरूरी है। बच्चों और बुजुर्गों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार तरल पदार्थ देते रहना चाहिए।
उन्होंने लोगों से बाहर की खुली खाद्य सामग्री का सेवन नहीं करने की अपील की। ताजा और स्वच्छ भोजन करने के साथ साफ पानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी। तेज बुखार के साथ लगातार उल्टी-दस्त, अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाकर जांच करानी चाहिए। समय पर उपचार मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
ऐसे करें बचाव
खुले में रखी खाद्य सामग्री का सेवन न करें।
साफ और ताजा भोजन ही करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेते रहें।
उल्टी-दस्त होने पर ओआरएस का घोल लें।
बच्चों और बुजुर्गों की विशेष निगरानी रखें।
तेज बुखार या लगातार उल्टी-दस्त होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।