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Maharajganj News: झोलाछाप के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस
Wed, 09 Oct 2024 04:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 09 Oct 2024 04:50 AM IST
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महराजगंज। श्यामदेउरवां क्षेत्र के धनहा नायक गांव में झोलाछाप के गलत इंजेक्शन लगाने से हुई 6 वर्षीय बच्ची की मौत के मामले में झोलाछाप के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। आरोपी के क्लीनिक को स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी ने पहले ही सील कर दिया है। केस दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।
धनहा नायक निवासी मुनीब निषाद की 6 वर्षीय बेटी अंकिता को एक अक्टूबर को बुखार हो गया था। बुखार से पीड़ित अंकिता को परिजन इलाज कराने के लिए ले जा रहे थे। घर से थोड़ी ही दूर पर स्थित एक झोलाछाप ने उन्हें रोक लिया और कहा कि लाइए हम इलाज कर दे रहे हैं। झोलाछाप ने अंकिता को इंजेक्शन लगाया और कुछ दवा देकर घर भेज दिया। आरोप है कि झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने से बच्ची को सूजन हो गया। धीरे-धीरे सूजन के साथ-साथ उसका दर्द बढ़ता गया।
बृहस्पतिवार को मध्यरात्रि अंकिता की हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे परतावल बाजार में स्थित दो तीन निजी अस्पताल में ले गए, लेकिन किसी ने उसका इलाज नहीं किया। इसके बाद उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां पहुंचने से पहले ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर घर पहुंचें और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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पिता ने आरोप लगाया कि झोलाछाप के गलत इलाज के कारण ही बच्ची की मौत हुई है। उन्होंने डाॅक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी झोलाछाप को हिरासत में ले लिया और अगले ही दिन शांतिभंग की आशंका में उसका चालान कर दिया।
जमानत से छुटने के बाद आरोपी घर आ गया। आरोप है कि सोमवार को आरोपी अपने समर्थकों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचा और मामले में सुलह समझौता करने का दबाव बनाने लगा। उसने पीड़ित परिवार को मारने पीटने की कोशिश भी की। पीड़ित परिवार ने घर में छुपकर अपनी जान बचाई।
श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि मृतका के पिता मुनीब की तहरीर पर आरोपी जयराम के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व जान से मारने की धमकी देने के मामले में केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
रकम के लालच में जयराम ने की थी पिता और भाई की हत्या
महराजगंज। आरोपी जयराम ने रकम की लालच में अपने ही पिता व भाई की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। धनहा नायक निवासी हरि गौड़ (75) के तीन बेटे थे। तीनों बेटे जयराम, श्रीराम और जोगेश अपने परिवार के साथ अलग-अलग रहते थे। सेवानिवृत्त हरि पत्नी के साथ मझले बेटे श्रीराम (38) के साथ परतावल बाजार में अपने मकान में रहते थे। हरि ने कुशीनगर के मुजहना में जमीन बेची थी। इससे मिली रकम के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था।
जयराम और जोगेश को लग रहा था कि पिता सारी संपत्ति श्रीराम को दे देंगे। 10 सितंबर 2018 को दोनों अपनी पत्नियों किरन व शीला के साथ परतावल पहुंचे और हिस्से की मांग की। इसको लेकर शुरू हुई कहासुनी मारपीट तक जा पहुंची। इसी दौरान जयराम और जोगेश ने पिता-भाई पर चाकू से कई वार कर दोनों की हत्या कर दी। मां गेना देवी बचाव करने पहुंचीं तो बेटों ने उनपर भी हमला कर दिया। मामले में पुलिस ने धारा 302, 307, 120 बी के तहत केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया था। जेल से छूटने के बाद जयराम फिर से अपना क्लीनिक संचालित करने लगा।
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धनहा नायक निवासी मुनीब निषाद की 6 वर्षीय बेटी अंकिता को एक अक्टूबर को बुखार हो गया था। बुखार से पीड़ित अंकिता को परिजन इलाज कराने के लिए ले जा रहे थे। घर से थोड़ी ही दूर पर स्थित एक झोलाछाप ने उन्हें रोक लिया और कहा कि लाइए हम इलाज कर दे रहे हैं। झोलाछाप ने अंकिता को इंजेक्शन लगाया और कुछ दवा देकर घर भेज दिया। आरोप है कि झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने से बच्ची को सूजन हो गया। धीरे-धीरे सूजन के साथ-साथ उसका दर्द बढ़ता गया।
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बृहस्पतिवार को मध्यरात्रि अंकिता की हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे परतावल बाजार में स्थित दो तीन निजी अस्पताल में ले गए, लेकिन किसी ने उसका इलाज नहीं किया। इसके बाद उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां पहुंचने से पहले ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। परिजन शव लेकर घर पहुंचें और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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पिता ने आरोप लगाया कि झोलाछाप के गलत इलाज के कारण ही बच्ची की मौत हुई है। उन्होंने डाॅक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी झोलाछाप को हिरासत में ले लिया और अगले ही दिन शांतिभंग की आशंका में उसका चालान कर दिया।
जमानत से छुटने के बाद आरोपी घर आ गया। आरोप है कि सोमवार को आरोपी अपने समर्थकों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचा और मामले में सुलह समझौता करने का दबाव बनाने लगा। उसने पीड़ित परिवार को मारने पीटने की कोशिश भी की। पीड़ित परिवार ने घर में छुपकर अपनी जान बचाई।
श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि मृतका के पिता मुनीब की तहरीर पर आरोपी जयराम के खिलाफ गैर इरादतन हत्या व जान से मारने की धमकी देने के मामले में केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
रकम के लालच में जयराम ने की थी पिता और भाई की हत्या
महराजगंज। आरोपी जयराम ने रकम की लालच में अपने ही पिता व भाई की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। धनहा नायक निवासी हरि गौड़ (75) के तीन बेटे थे। तीनों बेटे जयराम, श्रीराम और जोगेश अपने परिवार के साथ अलग-अलग रहते थे। सेवानिवृत्त हरि पत्नी के साथ मझले बेटे श्रीराम (38) के साथ परतावल बाजार में अपने मकान में रहते थे। हरि ने कुशीनगर के मुजहना में जमीन बेची थी। इससे मिली रकम के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था।
जयराम और जोगेश को लग रहा था कि पिता सारी संपत्ति श्रीराम को दे देंगे। 10 सितंबर 2018 को दोनों अपनी पत्नियों किरन व शीला के साथ परतावल पहुंचे और हिस्से की मांग की। इसको लेकर शुरू हुई कहासुनी मारपीट तक जा पहुंची। इसी दौरान जयराम और जोगेश ने पिता-भाई पर चाकू से कई वार कर दोनों की हत्या कर दी। मां गेना देवी बचाव करने पहुंचीं तो बेटों ने उनपर भी हमला कर दिया। मामले में पुलिस ने धारा 302, 307, 120 बी के तहत केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया था। जेल से छूटने के बाद जयराम फिर से अपना क्लीनिक संचालित करने लगा।