{"_id":"5bfee299bdec2241a111b772","slug":"bypassed-by-the-cross-e-pausing-machine","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटेदार ई-पॉस मशीन को कर रहे बाईपास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटेदार ई-पॉस मशीन को कर रहे बाईपास
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
कोटेदार ई-पॉस मशीन को कर रहे बाईपास
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। शहर से लेकर गांव तक कोटेदारों को ई-पॉस मशीन दिए गए हैं। कहीं मशीन से कार्डधारकों की पहचान नहीं हो पा रही है तो कई जगह कार्डधारकों को निर्धारित से कम मात्रा में खाद्यान्न दिए जा रहे हैं। कार्डधारकों की शिकायत है कि कोटेदार कम खाद्यान्न आने का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेते हैं। उधर खाद्य एवं रसद विभाग का दावा है कि इस तरह की शिकायत किसी ने नहीं की है। अगर ऐसी शिकायत मिलेगी तो संबंधित कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अत्योदय कार्डधारकों को 20 किलो गेहूं एवं 15 किलो चावल दिए जाने की व्यवस्था है। पात्र गृहस्थी के कार्डधारक को प्रति यूनिट 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल मिलता है।
जिले में 993 कोटेदार ग्रामीण इलाकों में हैं जबकि 54 शहर क्षेत्र में हैं। सभी को इलेक्ट्रानिक प्वांट आफ सेल (ई-पॉस) मशीन दी गई है। जिले में पात्र गृहस्थी के करीब 4 लाख और अंत्योदय के 66619 कार्डधारक हैं। ई-पॉस मशीन लगने से कार्डधारकों को उम्मीद थी कि अब खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी नहीं हो सकेगी और कालाबाजारी पर लगाम लगेगा लेकिन गड़बड़ी रुकने का नाम नहीं ले रही है। शहर क्षेत्र निवासी रामबरन ने बताया कि बीते माह राशन लेने के दौरान कोटेदार ने ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवा लिया। इसके बाद जब राशन देने की बारी आयी तो दो किलो कम दिया। कोटेदार ने बताया कि इस बार कम राशन मिला है, उसने अगली बार पूरा राशन देने का भरोसा दिया। निचलौल कस्बे के सुरेंद्र ने बताया कि राशन डेढ़ किलो कम मिला। जिले के चौमुखा, परतावल, सिंदुरियां, तरकुलवां, पकड़ी खुर्द, सवरेजी, सवना, पिपरा बाबू, गौनरिया बाबू समेत अन्य गांवों में ई-पॉस मशीन में गड़बड़ी सामने आई। तमाम लोगों का पहचान ही नहीं मशीन से मिल पाया।
विज्ञापन
जिले में 993 कोटेदार ग्रामीण इलाकों में हैं जबकि 54 शहर क्षेत्र में हैं। सभी को इलेक्ट्रानिक प्वांट आफ सेल (ई-पॉस) मशीन दी गई है। जिले में पात्र गृहस्थी के करीब 4 लाख और अंत्योदय के 66619 कार्डधारक हैं। ई-पॉस मशीन लगने से कार्डधारकों को उम्मीद थी कि अब खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी नहीं हो सकेगी और कालाबाजारी पर लगाम लगेगा लेकिन गड़बड़ी रुकने का नाम नहीं ले रही है। शहर क्षेत्र निवासी रामबरन ने बताया कि बीते माह राशन लेने के दौरान कोटेदार ने ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवा लिया। इसके बाद जब राशन देने की बारी आयी तो दो किलो कम दिया। कोटेदार ने बताया कि इस बार कम राशन मिला है, उसने अगली बार पूरा राशन देने का भरोसा दिया। निचलौल कस्बे के सुरेंद्र ने बताया कि राशन डेढ़ किलो कम मिला। जिले के चौमुखा, परतावल, सिंदुरियां, तरकुलवां, पकड़ी खुर्द, सवरेजी, सवना, पिपरा बाबू, गौनरिया बाबू समेत अन्य गांवों में ई-पॉस मशीन में गड़बड़ी सामने आई। तमाम लोगों का पहचान ही नहीं मशीन से मिल पाया।
विज्ञापन