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Maharajganj News: मिलावटी खोवा और खराब बूंदी के लड्डू खपाने में जुटे धंधेबाज
Sat, 08 Mar 2025 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 08 Mar 2025 01:01 AM IST
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नौतनवां में मिठाई को नष्ट करती खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम।
महराजगंज। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से होली को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। बीते दिन की कार्रवाई में मिलावटी खोवा मिला था। त्योहार को देखते हुए बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों की भरमार है। टीम लगातार छाप डाल रही है।
वहीं खराब बूंदी वाले लड्डू भी धंधेबाज होली में खपाने में जुटे हैं। गोरखपुर मंडी की खराब कचरी धंधेबाजों ने सीमावर्ती क्षेत्र में भेज दी है। शहर से लेकर गांव के चौराहे पर दुकानों तक मिलावटी खोवा पहुंचाया जा रहा है। होली में इसकी मांग अधिक रहती है।
होली पर पकवानों की मिठास तो सभी को खूब पसंद आती है, लेकिन मिलावट इसमें कड़वाहट घोल सकती है। होली पर बढ़ती मांग को देखते हुए मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। मावा और पनीर के साथ तेलों में भी मिलावट का खेल शुरू हो गया, लेकिन सावधानी आपको इस मिलावट से बचा सकती है। छोटी-छाेटी बातों का ध्यान रखकर हम मिलावट की पहचान कर सकते हैं।
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बिना गुजिया के होली की मिठास पूरी नहीं हो सकती है और बिना मावा के गुजिया बनाना भी संभव नहीं है। गुजिया की मांग बढ़ने के साथ ही मावा की मांग भी बढ़ जाती है और इसके साथ ही शुरू हो जाती है मिलावट, लेकिन थोड़ी सतर्कता बरती जाए तो मावा में मिलावट की पहचान की जा सकती है। वहीं जानकार बताते हैं कि पैक्ड मिठाइयाें से लेकर नमकीन व अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उस पर दर्ज निर्माण तिथि जरूर देखें। साथ ही ये भी देखें कि संबंधित खाद्य पदार्थ कब तक खाने के योग्य हैं।
खुली गुजिया और मिठाइयां खरीदते समय भी इसका ध्यान रखें। विक्रेता से निर्माण की तारीख के बारे में जानकारी लेने के बाद ही खरीदारी करें। सूत्र बताते हैं कि कानपुर से मिलावटी खोये की बड़ी खेप जिले में पहुंच रही है। मिलावटखोर इसे निजी वाहनों से भी भेज रहे हैं।
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वहीं खराब बूंदी वाले लड्डू भी धंधेबाज होली में खपाने में जुटे हैं। गोरखपुर मंडी की खराब कचरी धंधेबाजों ने सीमावर्ती क्षेत्र में भेज दी है। शहर से लेकर गांव के चौराहे पर दुकानों तक मिलावटी खोवा पहुंचाया जा रहा है। होली में इसकी मांग अधिक रहती है।
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होली पर पकवानों की मिठास तो सभी को खूब पसंद आती है, लेकिन मिलावट इसमें कड़वाहट घोल सकती है। होली पर बढ़ती मांग को देखते हुए मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। मावा और पनीर के साथ तेलों में भी मिलावट का खेल शुरू हो गया, लेकिन सावधानी आपको इस मिलावट से बचा सकती है। छोटी-छाेटी बातों का ध्यान रखकर हम मिलावट की पहचान कर सकते हैं।
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बिना गुजिया के होली की मिठास पूरी नहीं हो सकती है और बिना मावा के गुजिया बनाना भी संभव नहीं है। गुजिया की मांग बढ़ने के साथ ही मावा की मांग भी बढ़ जाती है और इसके साथ ही शुरू हो जाती है मिलावट, लेकिन थोड़ी सतर्कता बरती जाए तो मावा में मिलावट की पहचान की जा सकती है। वहीं जानकार बताते हैं कि पैक्ड मिठाइयाें से लेकर नमकीन व अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उस पर दर्ज निर्माण तिथि जरूर देखें। साथ ही ये भी देखें कि संबंधित खाद्य पदार्थ कब तक खाने के योग्य हैं।
खुली गुजिया और मिठाइयां खरीदते समय भी इसका ध्यान रखें। विक्रेता से निर्माण की तारीख के बारे में जानकारी लेने के बाद ही खरीदारी करें। सूत्र बताते हैं कि कानपुर से मिलावटी खोये की बड़ी खेप जिले में पहुंच रही है। मिलावटखोर इसे निजी वाहनों से भी भेज रहे हैं।