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Maharajganj News: सामूहिक विवाह में भाई-बहन की करा दी शादी
Sun, 17 Mar 2024 07:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 17 Mar 2024 07:58 PM IST
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लक्ष्मीपुर। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सामाजिक मान्यताओं को तार-तार करने का मामला प्रकाश में आया है। दूल्हा नहीं पहुंचा तो जिम्मेदारों ने योजना का लाभ लेने के लिए दुल्हन के भाई को ही मंडप में बैठा शादी करा दी। मामला प्रकाश में आते ही हड़कंप मच गया। मामला लक्ष्मीपुर ब्लाॅक के ग्राम पंचायत कजरी का है। मामले की जानकारी होते ही खंड विकास अधिकारी अमित मिश्रा ने लाभार्थी को नोटिस जारी कर योजना में मिले सामग्रियों को वापस करा दिया है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम पांच मार्च को लक्ष्मीपुर ब्लाॅक परिसर में आयोजित किया गया था। इसमें हैरान करने वाली खबर ग्राम पंचायत कजरी से मिली है। सभी तैयारियों के साथ वर-वधू पक्ष के लोग ब्लाॅक परिसर में पहुंचे। वर भी आया था, लेकिन रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद किन्ही कारणों से ब्लाॅक परिसर से चला गया। चयनित दूल्हे ने मंडप में बैठने से इन्कार कर दिया था। उसने कहा कि मंडप में बैठने में शर्म आ रही है। कार्यक्रम के जिम्मेदार वर-वधू को सामान देने के लिए बुलाने लगे तो दूल्हे की जगह पर भाई को ही मंडप में बैठा दिया गया। इतना ही नहीं शासन से लाभ पाने के लिए बहन-भाई में ही वर माला पहनाकर शादी कार्यक्रम भी कराया गया। खंड विकास अधिकारी अमित मिश्रा ने आनन-फानन में लाभार्थियों को नोटिस जारी कर सामान वापस कराया। लड़की पक्ष को मिलने वाले 35 हजार धनराशि पर रोक लगा दी गई।
बीडीओ अमित मिश्रा ने बताया कि वर-वधू दोनों पक्ष का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। कजरी गांव का मामला सामने आते ही लाभार्थियों से सामग्री वापस कराते हुए नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा लाभार्थी को शासन से मिलने वाले 35 हजार रुपये पर भी रोक लगा दी गई है। मामले की गहन जांच की जा रही है।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम पांच मार्च को लक्ष्मीपुर ब्लाॅक परिसर में आयोजित किया गया था। इसमें हैरान करने वाली खबर ग्राम पंचायत कजरी से मिली है। सभी तैयारियों के साथ वर-वधू पक्ष के लोग ब्लाॅक परिसर में पहुंचे। वर भी आया था, लेकिन रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद किन्ही कारणों से ब्लाॅक परिसर से चला गया। चयनित दूल्हे ने मंडप में बैठने से इन्कार कर दिया था। उसने कहा कि मंडप में बैठने में शर्म आ रही है। कार्यक्रम के जिम्मेदार वर-वधू को सामान देने के लिए बुलाने लगे तो दूल्हे की जगह पर भाई को ही मंडप में बैठा दिया गया। इतना ही नहीं शासन से लाभ पाने के लिए बहन-भाई में ही वर माला पहनाकर शादी कार्यक्रम भी कराया गया। खंड विकास अधिकारी अमित मिश्रा ने आनन-फानन में लाभार्थियों को नोटिस जारी कर सामान वापस कराया। लड़की पक्ष को मिलने वाले 35 हजार धनराशि पर रोक लगा दी गई।
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बीडीओ अमित मिश्रा ने बताया कि वर-वधू दोनों पक्ष का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। कजरी गांव का मामला सामने आते ही लाभार्थियों से सामग्री वापस कराते हुए नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा लाभार्थी को शासन से मिलने वाले 35 हजार रुपये पर भी रोक लगा दी गई है। मामले की गहन जांच की जा रही है।
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