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Maharajganj News: दलाल पहले भांपते हैं जरूरत फिर आसानी से दिलाते लोन
Thu, 10 Apr 2025 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 10 Apr 2025 12:48 AM IST
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महराजगंज। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लोन दिलाने में दलालों की भूमिका अहम है। गांव-गांव घूमकर यह महिलाओं की जरूरत के बारे में जानकारी लेते हैं। उसके बाद आसानी से कर्ज दिलाकर किनारा कस लेते हैं। ब्याज दर अधिक होने के कारण महिलाएं समय से कर्ज नहीं चुका पाती हैं और लोन चुकाने के लिए लोन ले लेती हैं।
विकास खंड मिठौरा के टीकर परसौनी में कई महिलाओं ने कर्ज ले रखा है। गांव के रामप्रीत कहने लगे की माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का पूरा नेटवर्क गांवों में है। समूह के जरिए महिलाओं को एकत्र कर उनकी जरूरतों के अनुसार कर्ज देते हैं। दलाल गांव में भ्रमण कर यह जानकारी लेते हैं कि किसको कौन सी परेशानी है। इसी का फायदा उठाकर वे कर्ज दिलाते हैं।
ग्राम सभा टीकर, पिपरिया गुरु गोबिंद राय, शेखुई, सोनबरसा, नक्शा बक्शा, परसौनी आदि महिलाएं विभिन्न समूहों के माइक्रो फाइनेंस कंपनी की सदस्य हैं। सभी महिलाओं को कम ब्याज का प्रलोभन देकर आधार कार्ड पर एक के बाद एक लोन दे दिया गया। महिलाएं गरीब होने के कारण मेहनत-मजदूरी कर जीविका चलाती हैं। धीरे-धीरे अपनी सुविधा के अनुसार कर्ज जमा भी कर रही हैं।
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एक कंपनी का लोन चुकाने के लिए दूसरी कंपनी से कर्ज ले लेती हैं। सेखुई निवासी सुशीला ने तीन फाइनेंस कंपनियों से दो लाख रुपये पुत्री की शादी के लिए लिया था। कर्ज नहीं जमा करने पर एजेंटों की प्रताड़ना से परेशान हो गईं। गांव के लोगों ने बताया की वह लुधियाना में बच्चों के साथ चली गई हैं। सोनबरसा निवासी नाजमा ने बताया कि मकान बनवाने के लिए चार माइक्रो फाइनेंस कंपनी से तीन लाख रुपये कर्ज ली थी।्
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विकास खंड मिठौरा के टीकर परसौनी में कई महिलाओं ने कर्ज ले रखा है। गांव के रामप्रीत कहने लगे की माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का पूरा नेटवर्क गांवों में है। समूह के जरिए महिलाओं को एकत्र कर उनकी जरूरतों के अनुसार कर्ज देते हैं। दलाल गांव में भ्रमण कर यह जानकारी लेते हैं कि किसको कौन सी परेशानी है। इसी का फायदा उठाकर वे कर्ज दिलाते हैं।
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ग्राम सभा टीकर, पिपरिया गुरु गोबिंद राय, शेखुई, सोनबरसा, नक्शा बक्शा, परसौनी आदि महिलाएं विभिन्न समूहों के माइक्रो फाइनेंस कंपनी की सदस्य हैं। सभी महिलाओं को कम ब्याज का प्रलोभन देकर आधार कार्ड पर एक के बाद एक लोन दे दिया गया। महिलाएं गरीब होने के कारण मेहनत-मजदूरी कर जीविका चलाती हैं। धीरे-धीरे अपनी सुविधा के अनुसार कर्ज जमा भी कर रही हैं।
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एक कंपनी का लोन चुकाने के लिए दूसरी कंपनी से कर्ज ले लेती हैं। सेखुई निवासी सुशीला ने तीन फाइनेंस कंपनियों से दो लाख रुपये पुत्री की शादी के लिए लिया था। कर्ज नहीं जमा करने पर एजेंटों की प्रताड़ना से परेशान हो गईं। गांव के लोगों ने बताया की वह लुधियाना में बच्चों के साथ चली गई हैं। सोनबरसा निवासी नाजमा ने बताया कि मकान बनवाने के लिए चार माइक्रो फाइनेंस कंपनी से तीन लाख रुपये कर्ज ली थी।्