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Maharajganj News: पर्याप्त खाद न मिलने से बड़े किसानों हो रही मुश्किल
Sun, 17 Nov 2024 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 17 Nov 2024 11:59 PM IST
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अड्डा बाजार। समितियों पर डाई खाद अपर्याप्त होने से किसानों की लंबी लाइन लग जा रही है। एक किसान को एक बार में अधिकतम तीन बोरी खाद दी जा रही है। लाइसेंसी उर्वरक की दुकानों पर 1700 रुपये प्रति बोरी डाई खाद बिकने की बात कही जा रही है।
सहकारी समितियों पर एक किसान को अधिकतम तीन बोरी खाद दी जा रही है। बड़े किसानों की दिक्कत बढ़ी है, जिन्हें खाद की अधिक की जरूरत है। गजरहा के हरिलाल यादव बताते हैं कि तीन भाई और मां को मिलाकर कुल 17 एकड़ खेती हैं। इसके लिए कम से कम 17 बोरी खाद की जरूरत पड़ती है। पर्याप्त खाद नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। गजरही के डाॅ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि 25 एकड़ में खेती की जाती है। समिति पर एक व्यक्ति को अधिकतम तीन बोरी उर्वरक देने की बात कही जा रही है। ऐसे में समस्या बढ़ गई है। अरुण कुमार सिंह ने बताया कि उनके तीन भाइयों का संयुक्त परिवार है। गांव पर अकेले रहकर खेती संभालते हैं। पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है। जितेंद्र सिंह, मनोज कुमार सिंह, शंकर दयानंद सिंह, बनवाटारी के मकबूल, महबूब, सलाहुद्दीन, परसौनी कला के हरिनंदन उपाध्याय ने भी पर्याप्त खाद नहीं मिलने के कारण आक्रोश है।
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सहकारी समितियों पर एक किसान को अधिकतम तीन बोरी खाद दी जा रही है। बड़े किसानों की दिक्कत बढ़ी है, जिन्हें खाद की अधिक की जरूरत है। गजरहा के हरिलाल यादव बताते हैं कि तीन भाई और मां को मिलाकर कुल 17 एकड़ खेती हैं। इसके लिए कम से कम 17 बोरी खाद की जरूरत पड़ती है। पर्याप्त खाद नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। गजरही के डाॅ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि 25 एकड़ में खेती की जाती है। समिति पर एक व्यक्ति को अधिकतम तीन बोरी उर्वरक देने की बात कही जा रही है। ऐसे में समस्या बढ़ गई है। अरुण कुमार सिंह ने बताया कि उनके तीन भाइयों का संयुक्त परिवार है। गांव पर अकेले रहकर खेती संभालते हैं। पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है। जितेंद्र सिंह, मनोज कुमार सिंह, शंकर दयानंद सिंह, बनवाटारी के मकबूल, महबूब, सलाहुद्दीन, परसौनी कला के हरिनंदन उपाध्याय ने भी पर्याप्त खाद नहीं मिलने के कारण आक्रोश है।
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