{"_id":"57f54fb64f1c1bcd4e27075d","slug":"becoming-increasingly-illegal-sand-mining","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेजी हो रहा अवैध बालू खनन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेजी हो रहा अवैध बालू खनन
ब्यूरो/अमर उजाला महराजगंज
Updated Thu, 06 Oct 2016 12:38 AM IST
विज्ञापन
अवैध बालू खनन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रदेश में अवैध खनन पर जहां सियासत गरम है। वहीं शासन और न्यायालय के आदेश की अनदेखी कर क्षेत्र के बालू माफिया पुलिस की सहयोग से अवैध बालू खनन कराके लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगा रहे हैं।
निचलौल तहसील क्षेत्र के सीमावर्ती ग्राम बैठवलिया और बहुआर के धोबहा नाले के पास से रोजाना सैकड़ों ट्राली अवैध बालू खनन किया जा रहा है। एजेंटों के माध्यम से प्रति ट्राली की दर से मोटी रकम पुलिस व वन विभाग के जिम्मेदारों को दिया जाता हैं। प्रदेश में अवैध बालू खनन पर रोक लगा हैं। इसके बावजूद भी अवैध खनन बदस्तूर जारी हैं। जिसके चलते प्रदेश सरकार के एक मंत्री को अपनी कुर्सी गवानी पड़ी थी। बतादें कि तहसील क्षेत्र के कोठीभार थाना क्षेत्र के एक गांव में एसडीएम और तहसीलदार पर बालू माफियाओं ने हमला बोल दिया था। बालू माफियाओं से घिरे एसडीएम और तहसीलदार पुलिस को मौके पर बुलाते रहें। परन्तु उन्हें कोई सुरक्षा नहीं मिली और किसी तरह भाग कर जान बचाया था। राजस्व कर्मियों के सख्त रवैया अपनाने के कारण अब बालू माफियाओं ने खनन का तरीका बदल दिया हैं। अब दिन के बजाय रात में बालू की निकासी करते हैं । इस संबंध में एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद ने बताया कि खनन रोकने के प्रति पुलिस उदासीन रवैया अपना रही है। फिर भी यदि क्षेत्र में अवैध खनन की जानकारी हो रही है तो कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन
निचलौल तहसील क्षेत्र के सीमावर्ती ग्राम बैठवलिया और बहुआर के धोबहा नाले के पास से रोजाना सैकड़ों ट्राली अवैध बालू खनन किया जा रहा है। एजेंटों के माध्यम से प्रति ट्राली की दर से मोटी रकम पुलिस व वन विभाग के जिम्मेदारों को दिया जाता हैं। प्रदेश में अवैध बालू खनन पर रोक लगा हैं। इसके बावजूद भी अवैध खनन बदस्तूर जारी हैं। जिसके चलते प्रदेश सरकार के एक मंत्री को अपनी कुर्सी गवानी पड़ी थी। बतादें कि तहसील क्षेत्र के कोठीभार थाना क्षेत्र के एक गांव में एसडीएम और तहसीलदार पर बालू माफियाओं ने हमला बोल दिया था। बालू माफियाओं से घिरे एसडीएम और तहसीलदार पुलिस को मौके पर बुलाते रहें। परन्तु उन्हें कोई सुरक्षा नहीं मिली और किसी तरह भाग कर जान बचाया था। राजस्व कर्मियों के सख्त रवैया अपनाने के कारण अब बालू माफियाओं ने खनन का तरीका बदल दिया हैं। अब दिन के बजाय रात में बालू की निकासी करते हैं । इस संबंध में एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद ने बताया कि खनन रोकने के प्रति पुलिस उदासीन रवैया अपना रही है। फिर भी यदि क्षेत्र में अवैध खनन की जानकारी हो रही है तो कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन