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Maharajganj News: संभलकर! मिलावटी मसाले बिगाड़ न दें जायका

Sat, 28 Feb 2026 02:13 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Feb 2026 02:13 AM IST
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Be careful! Don't let adulterated spices spoil the taste.
बाजार में बिक रहा मसाला।
लंबे समय तक मिलावटी मसाला खाने से खराब हो सकता है लिवर
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धंधेबाज हल्दी का वजन बढ़ाने के लिए पीले रंग की कर रहे कोटिंग
महराजगंज। त्योहार नजदीक आते ही मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। धंधेबाज मुनाफा कमाने के लिए मसालों में भी हल्दी, काली मिर्च, जीरा, धनिया में मिलावट कर रहे हैं। जानकार बताते हैं कि हल्दी का वजन बढ़ाने के लिए पीले रंग की कोटिंग की जा रही है। जबकि चमक के लिए लेड क्रोमेट का इस्तेमाल किया जा रहा है। मिलावटखोर केवल हल्दी तक ही सीमित नहीं हैं। काली मिर्च, जीरा, दालचीनी और धनिया सहित अन्य मसालों में भी मिलावट की जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि मिलावटी हल्दी, जीरे व अन्य मसाले लिवर नुकसानदायक हैं।
होली में स्वादिष्ट पकवान पकाते समय मसालों का इस्तेमाल करने में सावधानी बरतें, वरना सेहत खराब हो सकती है। लगभग सभी तरह के मसालों में धंधेबाज मिलावट का मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। बेहतर खपत के कारण त्योहार धंधेबाजों के लिए मुफीद समय होता है। होली व रमजान के नजदीक आते ही धंधेबाजों की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है।
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जानकार बताते हैं कि जिले में काली मिर्च में बारीकी से मिलावट कर उसे बाजार में खपा दिया जा रहा है। काली मिर्च में मात्रा के लिए पपीते और भिंडी के बीज और टेस्ट के लिए केमिकल मिलाया जा रहा है। इसके बाद इसे लोकल के बाजारों में खपाया जा रहा है। जानकार बताते हैं कि बाहर से आने वाले मसालों में धंधेबाज जिले में पहुंचने से पहले ही मिलावट का खेल कर देते हैं। थोक में असली दालचीनी 650 रुपये किलो से अधिक के भाव बिकती है जबकि नकली दालचीनी 250 से 300 रुपये प्रति किलो के भाव आती है। चीन के बिलीलीफ पौधे की छाल एकदम दालचीनी जैसी होती है। मिलावटखोर बिलीलीफ पौधे की छाल को दालचीनी में मिला देते हैं।
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सूत्रों की माने तो मिलावटी हल्दी की आपूर्ति कानपुर और गोरखपुर से की जा रही है। गांव-देहात के कस्बों में कच्ची हल्दी 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से थोक में खरीदकर अच्छी गांठ को अलग कर लिया जाता है। खराब हल्दी के ऊपर पीले रंग या लेड क्रोमेट की कोटिंग कर दी जाती है। इससे उसमें चमक आ जाती है। इन दोनों को मिलाकर बाजार में पहुंचा दिया जाता है। चमकाने के बाद इसका भाव 250 से 300 रुपये प्रति किलोग्राम हो जाता है। इसी गांठ को पीसकर धंधेबाज बेच देते हैं और मोटा मुनाफा कमाते हैं।
वहीं जीरा में चारकोल डस्ट, मिट्टी, घास के बीज या रंगे हुए घास का बीज मिलाया जा रहा है। धनिया पाउडर में भी धंधेबाज जंगली पाउडर, आटे की भूसी, नमक, पीसे हुए बीज आदि मिलाकर बेच रहे हैं। इसके अलावा धनिया में कुछ दाने टूटकर दो टुकड़े में बंट जाते हैं तो बाजार में इसकी कीमत आधी हो जाती है। इसकी पिसाई कराने पर पूरी कीमत मिलती है। धंधेबाज इसमें कढ़ी पत्ती भी मिला देते हैं। हल्दी में भी छोटे-छोटे सबसे कम कीमत वाले टुकड़ों की पिसाई की जाती है। इसमें चावल की खुद्दी और सिंथेटिक रंग मिलाया जाता है। इससे मसाले का वजन भी बढ़ जाता है।
जीरा खरीदने से पहले कर लें जांच
जीरा खरीदने से पहले उसकी शुद्धता की जांच जरूर कर लें नहीं तो यह आपके सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। जीरे की शुद्धता की जांच करने के लिए इसे हथेली पर रखें। यदि हथेली पर काला रंग आ जाए तो यह नकली है। एक गिलास पानी में जीरा डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। यदि जीरा असली होगा तो यह तली में बैठ जाएगा। पानी में रंग दिखे या जीरा धीरे-धीरे घुल जाए तो यह नकली है।
ऐसे करें हल्दी की पहचान
एक शीशे के गिलास में पानी लें और उसमें एक चम्मच हल्दी पाउडर डालें। बिना हिलाए थोड़ी देर के लिए छोड़ दें। अगर हल्दी तुरंत रंग छोड़ने लगे और पानी गहरा पीला हो जाए तो समझें कि उसमें कृत्रिम रंग मिलाया गया है। शुद्ध हल्दी का रंग प्राकृतिक पीला या हल्का नारंगी होता है। नकली हल्दी बहुत ज्यादा चमकदार या गहरा पीला दिखता है।
वर्जन

मिलावटी मसाले और हल्दी खाने से गैस की बीमारी हो सकती है। इसके अलावा आतों और लिवर में सूजन हो सकता है। आंत में कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में कोई भी मसाला या हल्दी लेते हैं तो जांच परख जरूर कर लें।
-डॉ. वैभव श्रीवास्तव, फिजिशियन
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हल्दी में औषधीय गुण होते हैं। मगर मिलावटी हल्दी खाने से सेहत को नुकसान होता है। इसे चेहरे और हाथों पर लगाने से स्किन खराब हो सकती है। लिवर में भी दिक्कत हो सकती है। मिलावट से बचने के लिए लोगों को स्वयं खड़े मसाले पिसवाने चाहिए।

-हरेंद्र जायसवाल, आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी

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मिलावटखोरों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। एक सप्ताह में 25 नमूने लिए गए हैं। इसको जांच के लिए भेजा गया है। इसमें खोआ, नमकीन और मिठाई शामिल है। यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
-केके उपाध्याय, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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