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Maharajganj News: सावधान..सेहत बिगाड़ देगा मिलावटी रंग-गुलाल

Tue, 25 Feb 2025 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Tue, 25 Feb 2025 12:40 AM IST
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Be careful... adulterated color and gulal will spoil your health
हनुमानगढ़ी चौराहे पर होली को लेकर पिचकारी की खरीदारी करते लोग।
महराजगंज। मिलावटखोरों ने खाद्य पदार्थ ही नहीं रंग गुलाल में भी मिलावट कर दी है। हर्बल के नाम पर बिकने वाला अबीर-गुलाल चमड़े को नुकसान पहुंचाने के साथ ही सेहत के लिए भी ठीक नहीं है।
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दिल्ली, कानपुर, गोरखपुर से सीधे सामान मंगाया जा रहा है। शहर में ज्यादातर कारोबारी गोरखपुर से ही रंग, अबीर गुलाल मंगाते हैं। इसमें मिलावट का खेल करने वाले अभी से सक्रिय हो गए हैं। मिलावटी रंगों का अड्डा गोरखपुर बताया जा रहा है।
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शहर से लेकर जिले में ग्रामीण बाजारों से दुकानदार अभी से ही खरीदारी शुरू कर दिए हैं। बाजार में ऐसे गुलाल आए हैं, जिसे लगाने पर शरीर में एलर्जी हो सकती है। केमिकल युक्त रंग से चर्म रोग होने का खतरा अधिक रहता है। मिलावटी चमकदार गुलाल ज्यादातर दुकानों तक पहुंच गया है। इसे गोरखपुर मंडी मंगाया गया है।
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महराजगंज जिले में होली के समय रंग-गुलाल का करीब एक करोड़ का कारोबार होता है। इसमें ज्यादातर आपूर्ति गोरखपुर से होती है।
सूत्रों की माने तो बाजार में गुलाल भी तीन प्रकार के हैं। इसे हर्बल बताकर बेचा जाता है। कुछ में तो मिट्टी की मिलावट होती है। वहीं केमिकल व रंग मिलाकर गुलाल तैयार होता है। धंधेबाज इसमें लेड के ऑक्साइड मिलाते हैं। इस वजह से यह ज्यादा चमकदार दिखता है।
यह सेहत के लिए खतरनाक होता है। थोक में इसका रेट 15 से 20 में रुपये प्रति किलो है। दूसरे प्रकार के अबीर में खराब चावल का आटा मिलाया जा रहा है। इसकी कीमत 40 से 50 रुपये है। चेहरे पर लगाने पर ये थोड़ा मुलायम रहता है, लेकिन इसमें उस चावल का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे खराब होने पर दुकान से हटा दिया जाता है। इस चावल को पीसकर आटा बनाया जाता है।
इसके बाद मिक्सर में रंग, केमिकल और आटे को खूब मिलाते हैं। तीसरा अरारोट का बना गुलाल है। इसकी कीमत 65 से 70 रुपये है। इसमें भी केमिकल है लेकिन नुकसान कम हैं। इसके अलावा एक हर्बल गुलाल भी है, लेकिन ज्यादातर दुकानदार अरारोट के गुलाल को ही हर्बल बताकर बेच रहे हैं। ग्राहक पकड़ न पाए इसके लिए गुलाल में खुशबू के लिए फ्रेगरेंस मिलाया जाता है।

मिलावट के खेल में इस बार धंधेबाज मोटी रकम कमाने में जुटे हैं। उनको लोगों की सेहत से कोई मतलब नहीं है। शहर में थोक दुकानदार रंग, अबीर, गुलाल आदि मंगाना शुरू कर दिए हैं। ग्रामीण बाजारों में उनकी ओर से आर्डर मिलने पर भेजा जा रहा है।
मांग के अनुसार दुकानदार आर्डर लगा रहे हैं। रंग कारोबारी संतोष कहते हैं कि कुछ लोग थोड़े से लाभ के लिए अच्छे कारोबारियों की छवि को खराब कर रहे हैं। र
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