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ऋणधारकों के मामले में सहानुभूति पूर्वक निर्णय लें
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sun, 12 Feb 2017 12:32 AM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत कैंप में बैंकों के स्टाल का निरीक्षण करते हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति, जिला जज भोपाल सिंह व सिविल जज दिवाकर द्विवेदी।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। शनिवार को जिले के सभी तहसील परिसरों में द्विमासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। उद्घाटन उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति ओमप्रकाश ने किया।
न्यायालय परिसर में एसबीआई, पीएनबी, सेंट्रल बैंक, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ बड़ौदा और केनरा बैंक के कैंप का निरीक्षण किया। उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि वे ऋणधारकों की समस्याओं को देखते हुए सहानुभूति पूर्वक निर्णय लें। उन्हें अधिकाधिक सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इस दौरान उनके साथ राजेंद्र कुमार, जीबी शर्मा, डा.बाल मुकुंद, संजय डे, योगेंद्र राम गुप्ता, देवेंद्र सिंह, ललित नारायण झा, रामकिशोर, आदि मौजूद रहे।
इस लोक अदालत में कुल 6143 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें जनपद न्यायाधीश भोपाल सिंह ने फौजदारी के एक मामले को निस्तारित करते हुए 400 रुपये का अर्थदंड वसूला। मोटर दुर्घटना वाद का निस्तारण करते हुए 65000 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलवाया गया। उन्होंने 4 वाद सिविल और 12 इजरा वाद का भी निस्तारण किया।
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इसी प्रकार अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट 3 राजेन्द्र कुमार ने फौजदारी के 7 वाद, सिविल के 4 वाद, का निस्तारण किया। अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट 1 गोविन्द वल्लभ शर्मा ने मोटर दुर्घटना के 2 वाद निस्तारित कर 6 लाख रुपये प्रतिकर दिलवाया।
इसके साथ ही उन्होंने 6 अन्य वाद भी निस्तारित किया। इसके निस्तारण में 10 लाख 73 हजार 420 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय डा.बालमुकुंद ने 21 वाद निस्तारित किए। इसी प्रकार न्यायाधीश योगेंद्र राम गुप्ता ने मोटर दुर्घटना का एक वाद निस्तारित करते हुए 320000 रुपये प्रतिकर दिलवाया। वहीं विद्युत के 10 वादों का निस्तारण करते हुए 10 हजार रूपये अर्थदंड वसूला गया।
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न्यायालय परिसर में एसबीआई, पीएनबी, सेंट्रल बैंक, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ बड़ौदा और केनरा बैंक के कैंप का निरीक्षण किया। उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि वे ऋणधारकों की समस्याओं को देखते हुए सहानुभूति पूर्वक निर्णय लें। उन्हें अधिकाधिक सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इस दौरान उनके साथ राजेंद्र कुमार, जीबी शर्मा, डा.बाल मुकुंद, संजय डे, योगेंद्र राम गुप्ता, देवेंद्र सिंह, ललित नारायण झा, रामकिशोर, आदि मौजूद रहे।
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इस लोक अदालत में कुल 6143 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें जनपद न्यायाधीश भोपाल सिंह ने फौजदारी के एक मामले को निस्तारित करते हुए 400 रुपये का अर्थदंड वसूला। मोटर दुर्घटना वाद का निस्तारण करते हुए 65000 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलवाया गया। उन्होंने 4 वाद सिविल और 12 इजरा वाद का भी निस्तारण किया।
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इसी प्रकार अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट 3 राजेन्द्र कुमार ने फौजदारी के 7 वाद, सिविल के 4 वाद, का निस्तारण किया। अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट 1 गोविन्द वल्लभ शर्मा ने मोटर दुर्घटना के 2 वाद निस्तारित कर 6 लाख रुपये प्रतिकर दिलवाया।
इसके साथ ही उन्होंने 6 अन्य वाद भी निस्तारित किया। इसके निस्तारण में 10 लाख 73 हजार 420 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय डा.बालमुकुंद ने 21 वाद निस्तारित किए। इसी प्रकार न्यायाधीश योगेंद्र राम गुप्ता ने मोटर दुर्घटना का एक वाद निस्तारित करते हुए 320000 रुपये प्रतिकर दिलवाया। वहीं विद्युत के 10 वादों का निस्तारण करते हुए 10 हजार रूपये अर्थदंड वसूला गया।