फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Azizia College has remained closed for 16 years, despite having received land and a grant of 20 lakh.

Maharajganj News: जमीन और 20 लाख का अनुदान लेकर 16 वर्ष से बंद पड़ा है अजीजिया काॅलेज

Fri, 26 Jun 2026 01:57 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 01:57 AM IST
विज्ञापन
Azizia College has remained closed for 16 years, despite having received land and a grant of 20 lakh.
बंद अजीजिया इस्लामिया कालेज चिउंटहा रोड निचलौल ।
प्रशासनिक निर्देश पर अजीजिया इस्लामिया सोसाइटी को मिली थी 90 डिसमिल जमीन
विज्ञापन

1995-96 में तत्कालीन विधायक व मंत्री ज्ञानेंद्र सिंह ने दिया था 20 लाख रुपये का अनुदान
नीलोत्पल दुबे
महराजगंज। जनपद में सिर्फ वक्फ संपत्तियों पर ही नहीं बल्कि फर्म सोसाइटी बनाकर भी जमीनों के मामले में हेरफेर किया गया है। 1972 में प्रशासन ने जिस अजीजिया इस्लामिया काॅलेज को शिक्षा प्रबंध के लिए निशुल्क जमीन और तत्कालीन मंत्री से निर्माण का अनुदान मिला उसके सोसाइटी के मार्फत बने स्कूल में 16 वर्ष से ताला लगा है। स्कूल की जमीन और भवन किराए पर देकर कमाई की जा रही है।
इस्लाम के शरिया कानून व साधारण नियम कायदों के मिश्रित नियमों के अनुपालन की पृष्ठभूमि पर निचलौल में अजीजिया इस्लामिया सोसाइटी 1972 में बनाई गई। शिक्षा के लिए इस सोसाइटी को 1972 में तत्कालीन चकबंदी अधिकारी ने प्रशासनिक निर्देश पर 90 डिसमिल जमीन चिऊंटहा रोड पर उपलब्ध कराया। इस जमीन पर स्कूल निर्माण के लिए 1995-96 में सिसवां स्टेट से जुड़े तत्कालीन विधायक व मंत्री ज्ञानेंद्र सिंह ने लगभग 20 लाख रुपये का अनुदान दिया। अनुदान मिलने से पहले तक जमीन वैसे ही पड़ी रही। कॉलेज के तत्कालीन प्रबंधक मौलाना खैरुल्लाह थे। उनके इंतकाल के बाद सोसाइटी के सदस्यों की सहमति से समशुल प्रबंधक बने और वर्तमान समय में आबिद प्रबंधक हैं।
विज्ञापन

इस राशि से जमीन पर बाउंड्री, सात पक्के कमरे, एक पक्का आफिस व कुछ कच्चे कमरे निर्मित कराए गए। अजीजिया इस्लामिया कॉलेज में 1997-1998 से पहली जमात से 12 वीं जमात के बच्चों को शिक्षा देने का काम शुरू हुआ। स्कूल को पांचवीं तक मान्यता बेसिक शिक्षा विभाग और कक्षा नौ से 12वीं तक की मान्यता माध्यमिक शिक्षा परिषद से मिली। लेकिन निर्माण के महज 13 वर्ष बाद ही स्कूल में ताला लटका दिया गया। ऐसा नहीं कि इस स्कूल को विद्यार्थी नहीं मिल रहे थे इसलिए इसे बंद किया गया। बल्कि इसे सोसाइटी बाइलॉज बदलने को लेकर शुरू हुए विवाद के कारण बंद कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


120 सागौन वृक्षों में से बेच दिए गए 60
आरोप है कि सोसाइटी के सदस्यों में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जिन्हें खुद भी इसकी जानकारी नहीं है। स्कूल के प्रबंधक मौलाना खैरुल्लाह की 2009 में मौत हो गई। इसके बाद से प्रबंध तंत्र व बाइलॉज बदलने के आरोप सामने आने लगे। इसी बीच सोसाइटी के सदस्यों के नाम से अनुमोदन लेकर स्कूल परिसर में लगे 120 पुराने सागौन वृक्ष में से 60 पेड़ों को महंगे रेट पर बेच दिया गया। आज तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह पेड़ किसने बेचे। यह विवाद इतना बढ़ा कि 2010 में संचालन समिति को स्कूल बंद कर देना पड़ा। जिस समय स्कूल बंद हुआ उस सत्र में 1300 विद्यार्थी पंजीकृत थे। ताला लटकने के बाद सोसाइटी की तरफ से कभी दोबारा स्कूल को संचालित करने का प्रयास नहीं किया गया। अलबत्ता निचलौल के कुछ प्रबुद्ध जनों ने स्कूल संचालन शुरू करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया और हस्ताक्षर महज्जरनामा लेकर पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र सिंह तक ले गए लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। स्थानीय लोगों के मुताबिक स्कूल भवन व परिसर शादी विवाह में किराए पर दिया जाता है।

स्कूल के पदाधिकारियों की जुबानी
संचालन कमेटी सदस्य खुर्शीद ने बताया कि मेरा नाम अजीजिया इस्लामिया कॉलेज के कमेटी में सदस्य के रूप में शामिल किया गया लेकिन मुझे इसकी जानकारी नहीं दी गई। इस कॉलेज से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। काॅलेज प्रधानाचार्य मौलाना अनवार ने बताया कि समशुल साहब जब तक प्रबंधक थे तब तक स्कूल संचालित रहा लेकिन उनके इंतकाल के बाद इसका संचालन बंद कर दिया गया। मौजूदा प्रबंधक आबिद ने बताया कि स्कूल संचालन योग्य नहीं रह गया है। भवन जर्जर है जिसके कारण दुर्घटना हो सकती है। मरम्मत कराकर संचालित करने का प्रयास किया जाएगा।
वर्जन

स्कूल की पांचवीं तक की मान्यता अगर बेसिक शिक्षा विभाग से है तो जांच कराया जाएगा कि स्कूल क्यों और किसके आदेश पर बंद हुआ।

- सुरजीत सिंह, बीएसए महराजगंज
-----------

अजीजिया इस्लामिया काॅलेज की संबद्धता माध्यमिक शिक्षा विभाग से कब रही इसकी जानकारी नहीं है लेकिन मौजूदा समय में इस स्कूल की कोई मान्यता माध्यमिक शिक्षा विभाग से नहीं है। फिर भी जांच कराया जाएगा कि क्यों स्कूल बंद किया गया जब कि प्रशासन से जमीन व निर्माण अनुदान लाभ जनप्रतिनिधि से प्राप्त किया गया।

- प्रदीप कुमार शर्मा, डीआईओएस
-----------
अजीजिया इस्लामिया काॅलेज के निर्माण के लिए दो बार में लगभग 20 लाख रुपये का अनुदान दिया गया था लेकिन स्कूल संचालन अधिक दिन तक नहीं हुआ। कई बार इस स्कूल को संचालित कराने का प्रयास भी किया गया। कुछ माह पहले निचलौल से काफी संख्या में युवा व प्रबुद्ध जन आए थे लेकिन संचालन कमेटी के विवाद के चलते बात नहीं बन सकी। प्रशासनिक दखल से संचालन संभव हो सकता है।
-ज्ञानेंद्र सिंह, पूर्व विधायक व मंत्री सिसवां इस्टेट
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed