{"_id":"666b73149e759996d10eb0b4","slug":"attention-danger-of-landslide-in-kathmandu-road-mugling-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-124572-2024-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: सावधान! काठमांडो मार्ग मुगलिंग में भूस्खलन का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: सावधान! काठमांडो मार्ग मुगलिंग में भूस्खलन का खतरा
Fri, 14 Jun 2024 04:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 14 Jun 2024 04:00 AM IST
विज्ञापन
काठमांडो मार्ग मुगलिंग में भूस्खलन का खतरा।
महराजगंज। सावधान! काठमांडो मार्ग मुगलिंग में भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। नेपाल यातायात विभाग ने बारिश से पहले यात्रियों को परेशानी न हो इसको देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि काठमांडो जाने वाले मार्ग के बीच में नारायण घाट मुगलिंग सड़क पर 25 स्थानों पर भूस्खलन हो सकता है। इससे पर्यटक रास्ते में फंस सकते हैं।
डिविजनल रोड कार्यालय, चितवन के अनुसार, नारायणगढ़-मुग्लिन रोड पर 25 स्थानों पर भूस्खलन का खतरा है। कार्यालय के प्रमुख रमेश प्रसाद पौडेल ने बताया कि उनमें से चार उच्च जोखिम वाले और सात कम जोखिम वाले हैं। इसमें मौरी ब्रिज, नामसी ब्रिज, कालीखोला और तुइन ब्रिज इलाकों में भूस्खलन का खतरा ज्यादा है। सड़क के नामसी, कालीखोला और तुईन खोला भूस्खलन पर 52 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
उन स्थानों पर ढलान स्थिरीकरण और रॉक नेटिंग करना होगा, जिससे यातायात को सुचारु रूप से बहाल किया जा सके। इसी तरह, गायघाट, डुमरे पुल, घुमान, सिमलताल, जालवेरे और पांच किलोमीटर की सड़कें, जहां भूस्खलन की संभावना कम है। इस वर्ष बारिश के चलते इस सड़क पर 30 बार भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात अवरुद्ध हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डिविजनल रोड कार्यालय, चितवन के अनुसार, नारायणगढ़-मुग्लिन रोड पर 25 स्थानों पर भूस्खलन का खतरा है। कार्यालय के प्रमुख रमेश प्रसाद पौडेल ने बताया कि उनमें से चार उच्च जोखिम वाले और सात कम जोखिम वाले हैं। इसमें मौरी ब्रिज, नामसी ब्रिज, कालीखोला और तुइन ब्रिज इलाकों में भूस्खलन का खतरा ज्यादा है। सड़क के नामसी, कालीखोला और तुईन खोला भूस्खलन पर 52 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
विज्ञापन
उन स्थानों पर ढलान स्थिरीकरण और रॉक नेटिंग करना होगा, जिससे यातायात को सुचारु रूप से बहाल किया जा सके। इसी तरह, गायघाट, डुमरे पुल, घुमान, सिमलताल, जालवेरे और पांच किलोमीटर की सड़कें, जहां भूस्खलन की संभावना कम है। इस वर्ष बारिश के चलते इस सड़क पर 30 बार भूस्खलन हुआ, जिससे यातायात अवरुद्ध हुआ है।
विज्ञापन