फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   As demand increased in Sahalag, businessmen started adulterating it by bringing it from Nepal.

Maharajganj News: सहालग में बढ़ी मांग तो नेपाल से लाकर मिलावट करने लगे धंधेबाज

Mon, 24 Nov 2025 01:49 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Nov 2025 01:49 AM IST
विज्ञापन
As demand increased in Sahalag, businessmen started adulterating it by bringing it from Nepal.
नगर में बिक रहा मसाला।
महराजगंज। सहालग के दौरान नेपाल सीमा से लगे जनपदों में मसाले में मिलावट का खेल शुरू हो गया है। सस्ते रेट पर नेपाल से मसाले मंगा कर मिलावट के बाद गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ समेत अन्य बड़ी मंडियों में पहुंचाया जा रहा है। सहालग में मसालों की मांग अधिक होने से मिलावट का धंधा तेज हो गया है। कुछ मसाले भारत से नेपाल ले जाकर खपाए जा रहे हैं।
विज्ञापन

सूत्रों के मुताबिक, नेपाल से सोनौली के रास्ते रोजाना लाखों रुपये के मसाले गोरखपुर शहर के कई इलाकों में खपाए जा रहे हैं। वहीं, गोरखपुर से जीरा, धनिया और कबाब चीनी जैसे मसाले नेपाल के भैरहवा भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन

साहबगंज मंडी से लेकर शाहमारूफ और पांडेयहाता के विभिन्न इलाकों में होलसेलर तस्करी के इन सामानों को खरीदकर गांव-देहातों में खपा रहे हैं। तस्करी के कारोबार से धंधेबाज मालामाल हो रहे हैं लेकिन सरकार को रोजाना लाखों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मिलावट को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी यह धंधा कम नहीं हो रहा है। मसाले, तेल-रिफाइंड, दाल आदि खाद्य पदार्थों में मिलावट की जा रही है। मसालों में सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली हल्दी, मिर्च, धनिया, काली मिर्च, जीरा में अत्यधिक मिलावट की जा रही है।

थोक में असली दालचीनी 900 रुपये किलो से अधिक के भाव बिकती है लेकिन नकली दालचीनी 250 से 300 रुपये प्रति किलो में मिल जा रही है।
चीन के बिलीलीफ पौधे की छाल एकदम दालचीनी जैसी होती है। धंधेबाज नेपाल से सस्ता मसाला लाकर मिलावट करके बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो धंधेबाजों ने नकली जीरा और नकली सौंफ बनाने के बाद अब नकली काली मिर्च भी बाजार में उतार दी है।
मुनाफे के लिए जिसे काली मिर्च बताकर बेचा जा रहा है, वह पिचका मटर है। उस पर काली पॉलिश करके काली मिर्च बना दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed