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Maharajganj News: कलाकारों ने ताड़का वध का किया मंचन
Wed, 19 Mar 2025 07:00 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 19 Mar 2025 07:00 PM IST
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मिठौरा। क्षेत्र के ग्राम सभा कुइया कंचनपुर में चल रहे रुद्र महायज्ञ के तीसरे दिन रामलीला मंडल के कलाकारों ने अहिल्या उद्धार, ताड़का वध का मंचन किया। गुरु वशिष्ठ के आश्रम से शिक्षा ग्रहण करने के बाद श्रीराम अपने भाईयों के साथ वापस अयोध्या आते हैं। दूसरे दिन महाराज दशरथ कुल गुरु वशिष्ठ के सानिध्य में श्रीराम को अयोध्या का राजपाट देने की मंत्री सुमंत्र तथा पुरवासियों से विचार-विमर्श कर रहे थे।
ब्रह्मर्षि विश्वामित्र के आने की सूचना द्वारपालों ने महाराज दशरथ को दी। विश्वामित्र ने कहा कि हे राजन असुर समूह सतावहिं मोहि मैं आयहु नृप जाचन तोहि। अपने दोनों बालक मुझे यज्ञ की रक्षा के लिए भेजें। महाराज दशरथ ने गुरु महर्षि वशिष्ठ के आदेशानुसार दोनों पुत्रों को विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा के लिए भेज देते हैं। रास्ते में राम, लक्ष्मण ने शिला को देखा। विश्वामित्र ने बताया कि गौतम ऋषि ने अपनी पत्नी को श्राप देकर पत्थर बना दिया। अतः वर्षों से यह शिला आपके चरण रज को चाहती है। विश्वामित्र के इतना कहते ही राम ने पत्थर को अपने चरण से स्पर्श किया, अहिल्या प्रकट हो गईं। बताया कि ताड़का वन में कहीं विश्राम करती हैं जिसके बाद श्रीराम ने अपने धनुष से टंकार किया। राक्षसी ताड़का उठकर विश्वामित्र पर ज्योंहि झपटी तत्काल श्रीराम, लक्ष्मण ने अपनी बाणों से ताड़का का वध कर डाला। संवाद
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ब्रह्मर्षि विश्वामित्र के आने की सूचना द्वारपालों ने महाराज दशरथ को दी। विश्वामित्र ने कहा कि हे राजन असुर समूह सतावहिं मोहि मैं आयहु नृप जाचन तोहि। अपने दोनों बालक मुझे यज्ञ की रक्षा के लिए भेजें। महाराज दशरथ ने गुरु महर्षि वशिष्ठ के आदेशानुसार दोनों पुत्रों को विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा के लिए भेज देते हैं। रास्ते में राम, लक्ष्मण ने शिला को देखा। विश्वामित्र ने बताया कि गौतम ऋषि ने अपनी पत्नी को श्राप देकर पत्थर बना दिया। अतः वर्षों से यह शिला आपके चरण रज को चाहती है। विश्वामित्र के इतना कहते ही राम ने पत्थर को अपने चरण से स्पर्श किया, अहिल्या प्रकट हो गईं। बताया कि ताड़का वन में कहीं विश्राम करती हैं जिसके बाद श्रीराम ने अपने धनुष से टंकार किया। राक्षसी ताड़का उठकर विश्वामित्र पर ज्योंहि झपटी तत्काल श्रीराम, लक्ष्मण ने अपनी बाणों से ताड़का का वध कर डाला। संवाद
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