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खुद में आत्मविश्वास पैदा कर बनें अपराजिता
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कास्मोपोलिटन स्कूल में अपराजिता के तहत नारी सशक्तिकरण कार्यक्रम में सेल्फी लेती महिलाएं।
- फोटो : MAHARAJGANJ
‘खुद में आत्मविश्वास पैदा कर बनें अपराजिता’
महराजगंज। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत गुरुवार को शहर के कास्मोपोलिटन स्कूल में नारी सशक्तिकरण विषय पर गोष्ठी हुई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि स्कूल की प्रबंध निदेशक श्वेता जायसवाल ने कहा कि नारी की गरिमा को बरकरार रखने के लिए खुद में आत्मविश्वास पैदा कर अपराजिता बनना होगा। आज के दौर में महिलाएं किसी से कम नही हैं। हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रहीं हैं। देश की तरक्की में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ शिक्षित होने या फिर अधिकारों और कानून की जानकारी होने से बात नहीं बनने वाली है। जब तक गलत के खिलाफ आवाज उठाने का साहस नहीं जुटाएंगी छेड़खानी, घरेलू हिंसा, कार्यक्षेत्र में उत्पीड़न की घटनाएं नहीं रुकेंगी। सही वक्त पर कानून का इस्तेमाल और खुद में आत्मविश्वास पैदा कर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने महिलाओं से जुड़े कानूनों की विस्तार से जानकारी दी।
विशिष्ट अतिथि अध्यापिका सहाना खान ने कहा कि साहस, शिक्षा और संस्कार नारी सशक्तिकरण का आधार हैं। उन्होंने डायल-100, 1090, एंटी रोमियो स्क्वॉड आदि के बारे में भी जानकारी दी। गोष्ठी का संचालन कर रहे प्रबंधक महेंद्रानंद जायसवाल ने संविधान में दिए गए महिला अधिकारों के बारे में जानकारी दी। सहाना खान ने कहा कि ‘पढ़ने दो मुझे बढ़ने दो, पढ़ जाऊंगी बढ़ जाऊंगी..’ कविता के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। अंत में उन्होंने सभी को नारी की गरिमा को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए शपथ दिलाई। इस दौरान कैफाइतुन निशा, रागिनी, सुमन दुबे, सारिका, यशोदा मिश्रा, गायत्री, सरस्वती, अमरावती, अंजली मिश्रा, अनिता देवी, शिब्बी, चित्ररेखा, अर्चना आदि मौजूद रहे।
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फोटो:-
उत्पीड़न होता है तो उसे छिपाए नहीं बताएं
यदि बहन का उत्पीड़न होता है तो उसे छिपाए नहीं बल्कि उसका डटकर मुकाबला करें, जिससे दोबारा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। इस बातों की जानकारी गोष्ठी में हुई। ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।
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सईमा खान, लोहिया नगर
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बेटियों को बेटों के समान मिले शिक्षा
बेटियों को बेटों के समान बेहतर शिक्षा दिलानी चाहिए। जिससे वह पढ़-लिखकर आगे बढ़ सकें। ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों को जागरूक होने की जरूरत है। हर वर्ग को एक साथ मिलकर कदम आगे बढ़ाना होगा।
अंजली गौतम, आफीसर्स कालोनी
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हर क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की भूमिका
आज के दौर में महिलाएं सशक्त बन रहीं हैं और प्रत्येक क्षेत्र में कामयाबी की इबारत लिख रहीं हैं। चाहे वह खेल हो या फिर सरकारी जॉब। सभी जगह महिलाओं की भूमिका तेजी से बढ़ रही हैं। बेटियों को पढ़ाई से रोकें नहीं बल्कि प्रोत्साहित करें।
यशोद मिश्रा, गांधीनगर
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फोटो:-
जानकारी से आत्मबल बढ़ा
गोष्ठी में मिली जानकारी से आत्मबल बढ़ा है। महिलाओं के अधिकारों के बारे में जानकारी मिली है। महिलाओं को जागरूक करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों होते रहना बेहद जरूरी है।
अनीता देवी, लालपुर
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महराजगंज। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत गुरुवार को शहर के कास्मोपोलिटन स्कूल में नारी सशक्तिकरण विषय पर गोष्ठी हुई। इसमें बतौर मुख्य अतिथि स्कूल की प्रबंध निदेशक श्वेता जायसवाल ने कहा कि नारी की गरिमा को बरकरार रखने के लिए खुद में आत्मविश्वास पैदा कर अपराजिता बनना होगा। आज के दौर में महिलाएं किसी से कम नही हैं। हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रहीं हैं। देश की तरक्की में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ शिक्षित होने या फिर अधिकारों और कानून की जानकारी होने से बात नहीं बनने वाली है। जब तक गलत के खिलाफ आवाज उठाने का साहस नहीं जुटाएंगी छेड़खानी, घरेलू हिंसा, कार्यक्षेत्र में उत्पीड़न की घटनाएं नहीं रुकेंगी। सही वक्त पर कानून का इस्तेमाल और खुद में आत्मविश्वास पैदा कर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने महिलाओं से जुड़े कानूनों की विस्तार से जानकारी दी।
विशिष्ट अतिथि अध्यापिका सहाना खान ने कहा कि साहस, शिक्षा और संस्कार नारी सशक्तिकरण का आधार हैं। उन्होंने डायल-100, 1090, एंटी रोमियो स्क्वॉड आदि के बारे में भी जानकारी दी। गोष्ठी का संचालन कर रहे प्रबंधक महेंद्रानंद जायसवाल ने संविधान में दिए गए महिला अधिकारों के बारे में जानकारी दी। सहाना खान ने कहा कि ‘पढ़ने दो मुझे बढ़ने दो, पढ़ जाऊंगी बढ़ जाऊंगी..’ कविता के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। अंत में उन्होंने सभी को नारी की गरिमा को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए शपथ दिलाई। इस दौरान कैफाइतुन निशा, रागिनी, सुमन दुबे, सारिका, यशोदा मिश्रा, गायत्री, सरस्वती, अमरावती, अंजली मिश्रा, अनिता देवी, शिब्बी, चित्ररेखा, अर्चना आदि मौजूद रहे।
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उत्पीड़न होता है तो उसे छिपाए नहीं बताएं
यदि बहन का उत्पीड़न होता है तो उसे छिपाए नहीं बल्कि उसका डटकर मुकाबला करें, जिससे दोबारा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। इस बातों की जानकारी गोष्ठी में हुई। ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।
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सईमा खान, लोहिया नगर
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बेटियों को बेटों के समान मिले शिक्षा
बेटियों को बेटों के समान बेहतर शिक्षा दिलानी चाहिए। जिससे वह पढ़-लिखकर आगे बढ़ सकें। ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों को जागरूक होने की जरूरत है। हर वर्ग को एक साथ मिलकर कदम आगे बढ़ाना होगा।
अंजली गौतम, आफीसर्स कालोनी
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हर क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की भूमिका
आज के दौर में महिलाएं सशक्त बन रहीं हैं और प्रत्येक क्षेत्र में कामयाबी की इबारत लिख रहीं हैं। चाहे वह खेल हो या फिर सरकारी जॉब। सभी जगह महिलाओं की भूमिका तेजी से बढ़ रही हैं। बेटियों को पढ़ाई से रोकें नहीं बल्कि प्रोत्साहित करें।
यशोद मिश्रा, गांधीनगर
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फोटो:-
जानकारी से आत्मबल बढ़ा
गोष्ठी में मिली जानकारी से आत्मबल बढ़ा है। महिलाओं के अधिकारों के बारे में जानकारी मिली है। महिलाओं को जागरूक करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों होते रहना बेहद जरूरी है।
अनीता देवी, लालपुर