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अन्नप्राशन भारतीय संस्कृति का हिस्सा : डीएम
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- सदर ब्लॉक के सिसवा अमहवा में हुए अन्नप्राशन कार्यक्रम में बोले जिलाधिकारी
- बोले बेटियां देवी की अवतार, बिना भेदभाव शिक्षा दें
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अन्नप्राशन हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों के सही पोषण के लिए परिवार व विशेषतौर पर माताओं का जागरूक करना है। सभी लोग इस कार्यक्रम में सहभागी बनते हुए इसे सामुदायिक कार्यक्रम का रूप दें तथा ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को इसके प्रति जागरूक करें।
ये बातें जिलाधिकारी अनुनय झा ने रविवार को सदर ब्लॉक के सिसवा अमहवा में हुए अन्नप्राशन कार्यक्रम में जिलाधिकारी अनुनय झा ने अष्टमी के दिन आठ बालिकाओं को अन्नप्राशन कराते हुए कही। उन्होंने कहा कि बेटियां देवी का अवतार हैं, अभिभावक उन्हें बिना किसी भेदभाव के अच्छी शिक्षा देने का कार्य करें। उन्होंने ग्रामीणों से पराली न जलाने की अपील भी की। जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में नैंशी, अराध्या, रिया, अनन्या, अशिता, दिव्या, वेदिका व सुंदरी को अन्नप्राशन कराया गया। जिलाधिकारी ने अन्नप्राशन कार्यक्रम से पूर्व पोषण वाटिका में आंवला के पौधे लगाए। जिले भर में कुल 12,768 बच्चियों को अन्नप्राशन कराया गया है। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविका व बच्चों के अभिभावक मौजूद रहे।
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- बोले बेटियां देवी की अवतार, बिना भेदभाव शिक्षा दें
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अन्नप्राशन हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों के सही पोषण के लिए परिवार व विशेषतौर पर माताओं का जागरूक करना है। सभी लोग इस कार्यक्रम में सहभागी बनते हुए इसे सामुदायिक कार्यक्रम का रूप दें तथा ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को इसके प्रति जागरूक करें।
ये बातें जिलाधिकारी अनुनय झा ने रविवार को सदर ब्लॉक के सिसवा अमहवा में हुए अन्नप्राशन कार्यक्रम में जिलाधिकारी अनुनय झा ने अष्टमी के दिन आठ बालिकाओं को अन्नप्राशन कराते हुए कही। उन्होंने कहा कि बेटियां देवी का अवतार हैं, अभिभावक उन्हें बिना किसी भेदभाव के अच्छी शिक्षा देने का कार्य करें। उन्होंने ग्रामीणों से पराली न जलाने की अपील भी की। जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में नैंशी, अराध्या, रिया, अनन्या, अशिता, दिव्या, वेदिका व सुंदरी को अन्नप्राशन कराया गया। जिलाधिकारी ने अन्नप्राशन कार्यक्रम से पूर्व पोषण वाटिका में आंवला के पौधे लगाए। जिले भर में कुल 12,768 बच्चियों को अन्नप्राशन कराया गया है। इस दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविका व बच्चों के अभिभावक मौजूद रहे।
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