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बच्चे का शव मिलने पर गुस्साए लोगों ने कोतवाली में किया हंगामा

Sat, 12 Dec 2020 11:29 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2020 11:29 PM IST
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Angry people created ruckus in Kotwali after finding the dead body of a child
बच्चे का शव मिलने पर गुस्साए लोगों ने कोतवाली में किया हंगामा
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महराजगंज। कोतवाली थाना क्षेत्र के बांसपार गांव के टोला भुलनापुर के छह साल के पीयूष का शव मिलने के बाद गुस्साए परिवार और गांव के लोगों ने शनिवार की रात कोतवाली में हंगामा कर दिया। लोगों की नाराजगी देखकर पुलिस को पसीना आने लगा। एएसपी और सीओ लोगों को समझाने में लगे रहे। देर रात तक माहौल गर्म रहा।
शनिवार की रात में कोतवाली पुलिस बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले गई। बच्चे के पिता दीपक परिवार के सदस्यों के साथ कोतवाली पहुंचे। वे रोते हुए पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। परिजनों ने कहा कि इस मामले में कोतवाली पुलिस ने शुरू में गंभीरता नहीं दिखाई। यही कारण है कि पीयूष की हत्या हो गई। रात के करीब 9.30 बजे तक परिजन कोतवाली में डटे रहे। पीयूष के पिता कृष्णा और मां का रो-रो कर बुरा हाल है। कोतवाली पुलिस परिजनों को शांत कराने में जुटी रही।
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एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि परिजनों के आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस ने इस मामले में शुरू से ही गंभीरता दिखाई। हत्या के आरोप में पकड़ा गया आरोपित किशोर पीयूष का चाचा लगता है। शुरूआत से ही मामला घरेलू लग रहा था। आरोपित ने पूछताछ में बताया है कि नौ दिसंबर को ही उसने दोपहर में खेत में ले जाकर हत्या कर दी थी। साथ ही शव को पुआल से ढंक दिया था। रात में जब सब लोग सो गए तो वह घर से फावड़ा लेकर गया और शव को खेत में दफन कर दिया।
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बीते पांच दिसंबर को कृष्णा गुप्ता को धमकी मिली थी। इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने इसे हल्के में लिया था। तब तक नौ दिसंबर को अपहरण की घटना सामने आ गई।
पीयूष अपनी पट्टीदारी के चाचा (आरोपित) के साथ ज्यादा रहता था। वह घर सबसे ज्यादा उसी के करीब था। इसी का फायदा आरोपित किशोर ने उठाया। यही कारण है कि शुरूआत में किसी को उसस पर शक नहीं हुआ।
फिरौती के लिए चिट्ठी लिखकर आरोपित ने मामले को बड़ा बनाने की कोशिश की। उसने सोचा कि ऐसा करने से किसी को उस पर शक नहीं होगा। पुलिस ने जांच की तो शक के आधार में घर में छानबीन शुरू की। जांच में कॉपी मिली, जिसके पन्ने का इस्तेमाल फिरौती वाले पत्र के लिए किया गया था। उसके बाद शक ज्यादा पुख्ता हुआ तो आरोपित किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू हुई। आरोपित ने बताया कि उसने स्वयं फिरौती वाली चिट्ठी लिखी और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो वायरल हो गया।
पीयूष मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन है। अपने पापा का दुलारा पीयूष अब उनसे सदा के लिए दूर हो गया। लोग आरोपित को कोस रहे थे कि उसे रहम नहीं आई और उसने बच्चे की जान ले ली।

परिवार के लोगों का आरोप है कि जब पहली बार फिरौती के लिए धमकी मिली तो पुलिस ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। मासूम के पिता यही कहकर कोतवाली में फफक पड़े। पुलिस कर्मी उन्हें समझा रहे थे। उन्होंने कहा कि काश पहली बार सूचना को गंभीरता से ली गई होती तो आरोपित पकड़ में आ गया होता और उनके बेटे की हत्या न होती।
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