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Maharajganj News: पेट्रोल-डीजल व गैस की दिक्कत के बीच अब नकदी का भी संकट
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नकद के लिए बैंकों में घंटों लाइन में खड़े हो रहे खाताधारक
चार-पांच दिनों से बैंकों में नकदी की समस्या से जूझ रहे हैं लोग
महराजगंज/मिठौरा। जिले में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, गैस सिलिंडर की कमी के बाद अब बैंकों में नकदी के संकट से लोग परेशान हैं। क्षेत्र के कई सरकारी और निजी बैंकों में खाताधारकों को नकद के लिए घंटों लाइन खड़ा रहना पड़ रहा है। ग्राहकों की मांग की अपेक्षा 50 प्रतिशत की नकद दिया जा रहा है। कई शाखाओं में नकद खत्म होने का बोर्ड लगाकर ग्राहकों को वापस भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह दिक्कत चार-पांच दिनों से सामने आ रही है।
मिठौरा क्षेत्र में मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर कस्बों तक बैंक शाखाओं में सुबह से ही लोगों की भीड़ जुट रही है। किसान, व्यापारी, मजदूर, पेंशन धारक और छात्र अपने जरूरी खर्चों के लिए नकद निकालने बैंक पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त नकद नहीं मिल पा रहा है। कहीं दो हजार तो कहीं पांच हजार रुपये तक ही भुगतान किया जा रहा है।
शहर के कुछ बैंकों, मिठौरा, चौक, सिंदुरिया, निचलौल सिसवा सहित कई इलाकों में बैंक शाखाओं पर नकदी का संकट है। खाताधारकों का आरोप है कि बैंक खुलने के कुछ घंटे बाद ही कैश खत्म होने की बात कह दी जाती है। कई लोग दूर-दराज गांवों से किराया खर्च करके बैंक पहुंचते हैं लेकिन खाली हाथ लौटते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी-विवाह का सीजन, खेती-बाड़ी के कार्य और रोजमर्रा की जरूरतों के चलते नकदी की मांग बढ़ी है लेकिन बैंक पर्याप्त व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। एटीएम की स्थिति भी ज्यादा बेहतर नहीं है। अधिकांश एटीएम या तो बंद पड़े हैं या उनमें कैश नहीं है।
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व्यापार और खेती पर भी असर
कैश संकट का असर स्थानीय बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। शहर निवासी प्लास्टिक कारोबारी राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि आठ दिन से नकद के लिए परेशान हैं। उनका स्टेट बैंक में अकाउंट है लेकिन पर्याप्त नकदी नहीं मिल पा रही है। ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से काम चलाया जा रहा है। मिठौरा निवासी एक गल्ला कारोबारी ने बताया कि दो दिन पहले उनको मजदूरों को पैसे देने के लिए चार लाख नकद की जरूरत थी लेकिन बैंक से नहीं मिला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नकद लेनदेन ज्यादा होता है। बैंक से पैसा नहीं मिलने के कारण खरीदारी प्रभावित हो रही है। किसानों को खाद, बीज और मजदूरी भुगतान में दिक्कत हो रही है। पेंशनधारकों और मनरेगा मजदूरों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही नकदी
सिसवा। भारतीय स्टेट बैंक के सिसवा में मंगलवार को उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। लोग अपने जरूरत के अनुसार पैसे लेने पहुंचे थे। शाखा प्रबंधक मोहम्मद फारूक ने बताया कि बैंक में कैश की किल्लत है जो उसी में ग्राहकों को कुछ पैसे देकर काम चलाया जा रहा है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक के सिसवा शाखा प्रबंधक अरुण कुमार ने बताया की पिछले सप्ताह बैंक में कैश की दिक्क़त हुई थी पर इस सप्ताह ठीक चल रहा है।
स्पीकअप
सेंट्रल बैंक मिठौरा में मेरा खाता है। नकद निकासी की समस्या है। जितना नकद निकालना चाहता हूं, नहीं दिया जा रहा है।
-विद्या सागर द्विवेदी, निवासी मिठौरा
..............
मेरा यूनियन बैंक में अकाउंट है। मंगलवार को नकद की जरूरत पड़ी तो निकालने के लिए गया था। मैंने 40 हजार रुपये मांगे थे लेकिन 20 हजार ही दिया गया।
-मनीष विश्वकर्मा, सेखुई
स्टेट बैंक मुख्य शाखा का एटीएम सप्ताह भर से खाली
जनपद मुख्यालय पर करेंसी की समस्या के कारण अधिकतर बैंकों के एटीएम ड्राई हैं। स्टेट बैंक मुख्य शाखा की बात करें तो एक एटीएम मुख्य शाखा के बगल में तो दूसरा सामने है। सामने वाले एटीएम में जमा व निकासी दोनों की सुविधा है जिसके कारण यह खुला है लेकिन शाखा के बगल में स्थित एटीएम सप्ताह भर से बंद है। शास्तीनगर निवासी वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि चार दिन पहले पैसा निकालने एसबीआई एटीएम गए पहली बार तकनीकी खराबी बताकर लौटाया गया और दूसरी बार पैसा नहीं डाले जाने की जानकारी मुख्य ब्रांच से मिली। दुकानदारी में नकदी की जरूरत तो पड़ती ही रहती लेकिन एटीएम में नकद नहीं होने से दिक्कत हो रही है। मंगलवार की पड़ताल में एसबीआई के अलावा ओरिएण्टल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ए चडीएफसी बैंक के एटीएम या तो बंद मिले या खाली मिले। मुख्यालय के एक्सिस बैंक व यूनियन बैंक के ही एटीएम खुले मिले। यहां गैर बैंकों के उपभोक्ता भी धन निकासी के लिए जुटे दिखे।
वर्जन
कैश आरबीआई भेजती है। कुछ दिक्कतों के कारण कुछ बैंकों में नकदी समस्या है। इसके सुधार के लिए प्रयास किया जा रहा है। जल्दी ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
-भूपेंद्र कुमार मिश्र, मैनेजर लीड बैंक
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चार-पांच दिनों से बैंकों में नकदी की समस्या से जूझ रहे हैं लोग
महराजगंज/मिठौरा। जिले में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, गैस सिलिंडर की कमी के बाद अब बैंकों में नकदी के संकट से लोग परेशान हैं। क्षेत्र के कई सरकारी और निजी बैंकों में खाताधारकों को नकद के लिए घंटों लाइन खड़ा रहना पड़ रहा है। ग्राहकों की मांग की अपेक्षा 50 प्रतिशत की नकद दिया जा रहा है। कई शाखाओं में नकद खत्म होने का बोर्ड लगाकर ग्राहकों को वापस भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह दिक्कत चार-पांच दिनों से सामने आ रही है।
मिठौरा क्षेत्र में मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर कस्बों तक बैंक शाखाओं में सुबह से ही लोगों की भीड़ जुट रही है। किसान, व्यापारी, मजदूर, पेंशन धारक और छात्र अपने जरूरी खर्चों के लिए नकद निकालने बैंक पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त नकद नहीं मिल पा रहा है। कहीं दो हजार तो कहीं पांच हजार रुपये तक ही भुगतान किया जा रहा है।
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शहर के कुछ बैंकों, मिठौरा, चौक, सिंदुरिया, निचलौल सिसवा सहित कई इलाकों में बैंक शाखाओं पर नकदी का संकट है। खाताधारकों का आरोप है कि बैंक खुलने के कुछ घंटे बाद ही कैश खत्म होने की बात कह दी जाती है। कई लोग दूर-दराज गांवों से किराया खर्च करके बैंक पहुंचते हैं लेकिन खाली हाथ लौटते हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी-विवाह का सीजन, खेती-बाड़ी के कार्य और रोजमर्रा की जरूरतों के चलते नकदी की मांग बढ़ी है लेकिन बैंक पर्याप्त व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। एटीएम की स्थिति भी ज्यादा बेहतर नहीं है। अधिकांश एटीएम या तो बंद पड़े हैं या उनमें कैश नहीं है।
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व्यापार और खेती पर भी असर
कैश संकट का असर स्थानीय बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। शहर निवासी प्लास्टिक कारोबारी राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि आठ दिन से नकद के लिए परेशान हैं। उनका स्टेट बैंक में अकाउंट है लेकिन पर्याप्त नकदी नहीं मिल पा रही है। ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से काम चलाया जा रहा है। मिठौरा निवासी एक गल्ला कारोबारी ने बताया कि दो दिन पहले उनको मजदूरों को पैसे देने के लिए चार लाख नकद की जरूरत थी लेकिन बैंक से नहीं मिला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी नकद लेनदेन ज्यादा होता है। बैंक से पैसा नहीं मिलने के कारण खरीदारी प्रभावित हो रही है। किसानों को खाद, बीज और मजदूरी भुगतान में दिक्कत हो रही है। पेंशनधारकों और मनरेगा मजदूरों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही नकदी
सिसवा। भारतीय स्टेट बैंक के सिसवा में मंगलवार को उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही। लोग अपने जरूरत के अनुसार पैसे लेने पहुंचे थे। शाखा प्रबंधक मोहम्मद फारूक ने बताया कि बैंक में कैश की किल्लत है जो उसी में ग्राहकों को कुछ पैसे देकर काम चलाया जा रहा है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक के सिसवा शाखा प्रबंधक अरुण कुमार ने बताया की पिछले सप्ताह बैंक में कैश की दिक्क़त हुई थी पर इस सप्ताह ठीक चल रहा है।
स्पीकअप
सेंट्रल बैंक मिठौरा में मेरा खाता है। नकद निकासी की समस्या है। जितना नकद निकालना चाहता हूं, नहीं दिया जा रहा है।
-विद्या सागर द्विवेदी, निवासी मिठौरा
..............
मेरा यूनियन बैंक में अकाउंट है। मंगलवार को नकद की जरूरत पड़ी तो निकालने के लिए गया था। मैंने 40 हजार रुपये मांगे थे लेकिन 20 हजार ही दिया गया।
-मनीष विश्वकर्मा, सेखुई
स्टेट बैंक मुख्य शाखा का एटीएम सप्ताह भर से खाली
जनपद मुख्यालय पर करेंसी की समस्या के कारण अधिकतर बैंकों के एटीएम ड्राई हैं। स्टेट बैंक मुख्य शाखा की बात करें तो एक एटीएम मुख्य शाखा के बगल में तो दूसरा सामने है। सामने वाले एटीएम में जमा व निकासी दोनों की सुविधा है जिसके कारण यह खुला है लेकिन शाखा के बगल में स्थित एटीएम सप्ताह भर से बंद है। शास्तीनगर निवासी वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि चार दिन पहले पैसा निकालने एसबीआई एटीएम गए पहली बार तकनीकी खराबी बताकर लौटाया गया और दूसरी बार पैसा नहीं डाले जाने की जानकारी मुख्य ब्रांच से मिली। दुकानदारी में नकदी की जरूरत तो पड़ती ही रहती लेकिन एटीएम में नकद नहीं होने से दिक्कत हो रही है। मंगलवार की पड़ताल में एसबीआई के अलावा ओरिएण्टल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ए चडीएफसी बैंक के एटीएम या तो बंद मिले या खाली मिले। मुख्यालय के एक्सिस बैंक व यूनियन बैंक के ही एटीएम खुले मिले। यहां गैर बैंकों के उपभोक्ता भी धन निकासी के लिए जुटे दिखे।
वर्जन
कैश आरबीआई भेजती है। कुछ दिक्कतों के कारण कुछ बैंकों में नकदी समस्या है। इसके सुधार के लिए प्रयास किया जा रहा है। जल्दी ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।
-भूपेंद्र कुमार मिश्र, मैनेजर लीड बैंक