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चानकी घाट आंदोलनकारियों की हालत बिगड़ी
ब्यूरो अमर उजाला/ महराजगंज
Updated Fri, 10 Jun 2016 12:33 AM IST
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आंदोलन जारी
- फोटो : अमर उजाला
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किसानों की जमीनों का मुआवजा दिलाने और जंगल गुलरिहा होते हुए कजरी तक पक्की सड़क बनवानेे की मांग को लेकर धरना ग्यारहवे दिन जारी रहा। भाकियू नेता जिला पंचायत सदस्य सुरेश चंद साहनी के नेतृत्व में चल रहा अनिश्चित कालीन धरने में कुछ आंदोलनकारियों की तबियत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने जांच की।
जिला पंचायत सदस्य सुरेश चंद साहनी ने कहा कि जन आंदोलन किसी भी हाल में रुकने वाला नहीं है। जनता के साथ विश्वासघात बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अब जिला प्रशासन से दो-दो हांथ करने ही पड़ेंगे। समाजसेवी विजय सिंह संत उर्फ बबलू ने कहा कि जनता अपनी मांगों के लिए ग्यारह दिन से धरना दे रही है।
लेकिन जिला प्रशासन के लोग चुप्पी साधे हुए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रवींद्र जैन ने कहा कि चानकी पुल की सड़क के लिए जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अब जल सत्याग्रह किया जाएगा।
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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विवेक प्रताप उर्फनिक्कू सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की उपेक्षा का शिकार जिले भर की जनता हो रही है। जनता इसका जवाब जरूर देगी। अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। बृहस्पतिवार को धरने का रुख बदल गया। कजरी, बेलौहा नर्सरी, कानपुर नर्सरी, अचलगढ़ नर्सरी, तिनकोनिया, गुलरिहा, मुसहरवा डीह, तुलसीपुर, रामनगर, धोतिअहवा, पिपरहिया, देवपुर, अजगरहा, सिंहपुर, केवलापुर खुर्द, चानकी टोला, फुर्सतपुर बाजार, सलामतगढ़, बरगदवा राजा, बेलवा काजी, विजयपुर, बागापार, पिपरा, अवधपुर, बनहिया, परासखांड़, झुंगवा, नाथनगर सहित अन्य ग्राम सभाओं के लोग जन आंदोलन का हिस्सा बने।
धरने को युवा नेता जीतेंद्र आर्य उर्फ कवि, सेवा निवृत शिक्षक अनंत यादव, उमेश चंद मिश्र, ईश्वर चंद गौतम ने भी संबोधित किया।
इस दौरान रमाशंकर निषाद, बाबूलाल त्रिपाठी, सुकदेव पासवान, रामबचन चौहान, रामदयाल, बीडीसी देवपाल, मोहन, अंगद चौहान, रमेश साहनी, आशीष चौबे, रामविभूति, देवदत्त, उमेश यादव, ई. ज्ञान सिंह, पवन सिंह, देवमती, जानकी, पुष्पा, सरोज, साबित्री, नीतू, अन्नू, संगीता, गरिमा, तारा, इंद्रावती, बिन्दा, सोनमती, चानमती, करमी, लालती, चंपा, रमावती, आशा, दुर्गावती, कौशिल्या, झिनका, मीना सहित तमाम महिलाएं मौजूद रहीं।
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जिला पंचायत सदस्य सुरेश चंद साहनी ने कहा कि जन आंदोलन किसी भी हाल में रुकने वाला नहीं है। जनता के साथ विश्वासघात बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि अब जिला प्रशासन से दो-दो हांथ करने ही पड़ेंगे। समाजसेवी विजय सिंह संत उर्फ बबलू ने कहा कि जनता अपनी मांगों के लिए ग्यारह दिन से धरना दे रही है।
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लेकिन जिला प्रशासन के लोग चुप्पी साधे हुए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रवींद्र जैन ने कहा कि चानकी पुल की सड़क के लिए जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अब जल सत्याग्रह किया जाएगा।
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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विवेक प्रताप उर्फनिक्कू सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की उपेक्षा का शिकार जिले भर की जनता हो रही है। जनता इसका जवाब जरूर देगी। अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। बृहस्पतिवार को धरने का रुख बदल गया। कजरी, बेलौहा नर्सरी, कानपुर नर्सरी, अचलगढ़ नर्सरी, तिनकोनिया, गुलरिहा, मुसहरवा डीह, तुलसीपुर, रामनगर, धोतिअहवा, पिपरहिया, देवपुर, अजगरहा, सिंहपुर, केवलापुर खुर्द, चानकी टोला, फुर्सतपुर बाजार, सलामतगढ़, बरगदवा राजा, बेलवा काजी, विजयपुर, बागापार, पिपरा, अवधपुर, बनहिया, परासखांड़, झुंगवा, नाथनगर सहित अन्य ग्राम सभाओं के लोग जन आंदोलन का हिस्सा बने।
धरने को युवा नेता जीतेंद्र आर्य उर्फ कवि, सेवा निवृत शिक्षक अनंत यादव, उमेश चंद मिश्र, ईश्वर चंद गौतम ने भी संबोधित किया।
इस दौरान रमाशंकर निषाद, बाबूलाल त्रिपाठी, सुकदेव पासवान, रामबचन चौहान, रामदयाल, बीडीसी देवपाल, मोहन, अंगद चौहान, रमेश साहनी, आशीष चौबे, रामविभूति, देवदत्त, उमेश यादव, ई. ज्ञान सिंह, पवन सिंह, देवमती, जानकी, पुष्पा, सरोज, साबित्री, नीतू, अन्नू, संगीता, गरिमा, तारा, इंद्रावती, बिन्दा, सोनमती, चानमती, करमी, लालती, चंपा, रमावती, आशा, दुर्गावती, कौशिल्या, झिनका, मीना सहित तमाम महिलाएं मौजूद रहीं।