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दोपहर बाद बेअसर हो गया बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, महराजगंज
Updated Tue, 05 Apr 2016 12:09 AM IST
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नगर के व्यवसायियों ने बाइक जुलूस निकाल कर दुकानें बंद कराई।
- फोटो : विनोद गुप्ता
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सर्राफा व्यवसाय पर लगे एक्साइज ड्यूटी के विरोध में भारत बंद के आह्वान पर सोमवार को जिले में बंद का मिला जुला असर रहा। स्वर्ण व्यापारियों के अलावा अन्य दुकानें बंद तो र्हुइं लेेकिन कुछ देर बाद ही खुल गईं। पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर व सिनेमा हाल खुले रहे। इस दौरान बाइक जुलूस भी निकाला गया।
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सर्राफा संघ का अनिश्चितकालीन बंदी एक माह से अधिक दिनों से है। सर्राफा संघ के समर्थन में उद्योग व्यापार मंडल व अन्य व्यापारिक संगठन भी समर्थन में आए हैं। सोमवार सुबह सर्राफा संघ और सोनार कल्याण समिति के लोगों ने कार्यालय से जुलूस की शक्ल में केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निकले। व्यापारियों ने खुली दुकानें बंद कराईं।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पशुपतिनाथ गुप्त, उप्र. उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष कन्हैया अग्रवाल, सोनार कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र स्वर्णकार, उप महामंत्री अनिल वर्मा, पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष काशीनाथ वर्मा आगे थे। पीछेे बाइक से भारी संख्या में व्यापारी नाराबाजी करते चल रहे थे। जुलूस के नगर भ्रमण के बाद सक्सेना चौराहे से होत हुए मुख्यालय तक गया। बाद में संघ कार्यालय पर एक सभा में परिवर्तित हो गया। व्यापारियों ने निर्णय किया कि लड़ाई जारी रहेगी। पांच अप्रैल को बनारस में पूर्वांचल भर के सर्राफा व्यवसायियों की विरोध रैली होगी। जिसमें जिले से हर छोटे बड़े कस्बों से व्यापारी हिस्सा लेंगे। अनिरुद्ध वर्मा, अच्छेलाल वर्मा, गौरीशंकर वर्मा, अरुण वर्मा, बसंत, गणेश, पूरन, पूरन, विजयी, उपेंद्र वर्मा, सतीश वर्मा, भरत, अजय वर्मा, सुखसागर, रमेष वर्मा, राजेन्द्र वर्मा, धरमी, राजेश्वर, वाल्मीकि, सोनू, हारून आदि लोग मौजूद रहे।
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सिसवा बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक एक्साइज ड्यूटी के विरोध में स्वर्ण व्यवसायियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल व प्रतिनिधि व्यापार मंडल द्वारा घोषित सिसवा बंदी असफल रहा। नगर की लगभग सभी दुकानें खुली रहीं। यहां तक कुछ स्वर्ण व्यवसायियों ने भी चुपके से दुकानें खोल रखी थी। व्यापार मंडल ने दो दिन पूर्व ही नगर में प्रचार कराते हुए सभी से प्रतिष्ठानों, पेट्रोल पंप, सिनेमा हाल बंद रखने की अपील की थी। उद्योग व्यापार के अध्यक्ष शिवकुमार रौनियार व कोषाध्यक्ष शैलेश सुल्तानिया के नेतृत्व में व्यापारियों ने केंद्र सरकार और वित्तमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। बीरन सोनी, नंदलाल सोनी, दुर्गा सोनी, गोविंद सोनी, सुजीत सोनी आदि शामिल रहे।
घुघली प्रतिनिधि के मुताबिक जिला अध्यक्ष सुरेश रुंगटा के नेतृत्व में स्वर्ण व्यापारियों ने एक्साइज ड्यूटी का विरोध जताकर दुकानें बंद रखीं। केंद्रीय वित्तमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला जलाकर नाराजगी जताई। रोशन वर्मा, पवन भालोटिया, अरुण, रितेश वर्मा, बलराम वर्मा, संजय वर्मा, रघुबीर वर्मा, सुनील वर्मा, मिंटू वर्मा, राजेंद्र मद्धेसिया, हरी लाल वर्मा, अनिल वर्मा, पंकज वर्मा, चन्दन वर्मा, लोरिक वर्मा मौजूद थे। व्यापार मंडल अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद अग्रहरी, अभिमन्यु वर्मा, अशोक वर्मा, श्रीचन्द वर्मा, पारस नाथ जायसवाल, शिवनाथ मद्धेशिया शम्भूलाल वर्मा मौजूद रहे।निचलौल प्रतिनिधि के मुताबिक एक्साइज ड्यूटी के विरोध में व्यापरियों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार से इस काले कानून को वापस लिए जाने की मांग की। पनियरा, परतावल, बृजमनगंज, लक्ष्मीपुर, कोल्हुई, मिठौरा प्रतिनिधियों के अनुसार बंदी का मिला जुला असर रहा।
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एक्साइज ड्यूटी के विरोध में सर्राफा संघ का अनिश्चितकालीन बंदी एक माह से अधिक दिनों से है। सर्राफा संघ के समर्थन में उद्योग व्यापार मंडल व अन्य व्यापारिक संगठन भी समर्थन में आए हैं। सोमवार सुबह सर्राफा संघ और सोनार कल्याण समिति के लोगों ने कार्यालय से जुलूस की शक्ल में केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निकले। व्यापारियों ने खुली दुकानें बंद कराईं।
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पशुपतिनाथ गुप्त, उप्र. उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष कन्हैया अग्रवाल, सोनार कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र स्वर्णकार, उप महामंत्री अनिल वर्मा, पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष काशीनाथ वर्मा आगे थे। पीछेे बाइक से भारी संख्या में व्यापारी नाराबाजी करते चल रहे थे। जुलूस के नगर भ्रमण के बाद सक्सेना चौराहे से होत हुए मुख्यालय तक गया। बाद में संघ कार्यालय पर एक सभा में परिवर्तित हो गया। व्यापारियों ने निर्णय किया कि लड़ाई जारी रहेगी। पांच अप्रैल को बनारस में पूर्वांचल भर के सर्राफा व्यवसायियों की विरोध रैली होगी। जिसमें जिले से हर छोटे बड़े कस्बों से व्यापारी हिस्सा लेंगे। अनिरुद्ध वर्मा, अच्छेलाल वर्मा, गौरीशंकर वर्मा, अरुण वर्मा, बसंत, गणेश, पूरन, पूरन, विजयी, उपेंद्र वर्मा, सतीश वर्मा, भरत, अजय वर्मा, सुखसागर, रमेष वर्मा, राजेन्द्र वर्मा, धरमी, राजेश्वर, वाल्मीकि, सोनू, हारून आदि लोग मौजूद रहे।
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सिसवा बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक एक्साइज ड्यूटी के विरोध में स्वर्ण व्यवसायियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल व प्रतिनिधि व्यापार मंडल द्वारा घोषित सिसवा बंदी असफल रहा। नगर की लगभग सभी दुकानें खुली रहीं। यहां तक कुछ स्वर्ण व्यवसायियों ने भी चुपके से दुकानें खोल रखी थी। व्यापार मंडल ने दो दिन पूर्व ही नगर में प्रचार कराते हुए सभी से प्रतिष्ठानों, पेट्रोल पंप, सिनेमा हाल बंद रखने की अपील की थी। उद्योग व्यापार के अध्यक्ष शिवकुमार रौनियार व कोषाध्यक्ष शैलेश सुल्तानिया के नेतृत्व में व्यापारियों ने केंद्र सरकार और वित्तमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। बीरन सोनी, नंदलाल सोनी, दुर्गा सोनी, गोविंद सोनी, सुजीत सोनी आदि शामिल रहे।
घुघली प्रतिनिधि के मुताबिक जिला अध्यक्ष सुरेश रुंगटा के नेतृत्व में स्वर्ण व्यापारियों ने एक्साइज ड्यूटी का विरोध जताकर दुकानें बंद रखीं। केंद्रीय वित्तमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला जलाकर नाराजगी जताई। रोशन वर्मा, पवन भालोटिया, अरुण, रितेश वर्मा, बलराम वर्मा, संजय वर्मा, रघुबीर वर्मा, सुनील वर्मा, मिंटू वर्मा, राजेंद्र मद्धेसिया, हरी लाल वर्मा, अनिल वर्मा, पंकज वर्मा, चन्दन वर्मा, लोरिक वर्मा मौजूद थे। व्यापार मंडल अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद अग्रहरी, अभिमन्यु वर्मा, अशोक वर्मा, श्रीचन्द वर्मा, पारस नाथ जायसवाल, शिवनाथ मद्धेशिया शम्भूलाल वर्मा मौजूद रहे।निचलौल प्रतिनिधि के मुताबिक एक्साइज ड्यूटी के विरोध में व्यापरियों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार से इस काले कानून को वापस लिए जाने की मांग की। पनियरा, परतावल, बृजमनगंज, लक्ष्मीपुर, कोल्हुई, मिठौरा प्रतिनिधियों के अनुसार बंदी का मिला जुला असर रहा।