{"_id":"6a0393c625694c9a2f07bd04","slug":"after-the-strictness-on-the-border-the-burden-on-the-pockets-of-nepali-citizens-increased-maharajganj-news-c-206-1-mhg1034-177139-2026-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: सीमा पर सख्ती के बाद नेपाली नागरिकों की जेब पर बढ़ा बोझ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: सीमा पर सख्ती के बाद नेपाली नागरिकों की जेब पर बढ़ा बोझ
विज्ञापन
100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर भंसार वसूले जाने से भारत में आने से बच रहे नेपाली नागरिक
सामान महंगा पड़ने के बाद भी नेपाल में लोग कर रहे हैं खरीदारी
सोनौली। भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल सरकार की ओर से 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर भंसार (कस्टम शुल्क) लगाए जाने के बाद सीमावर्ती नेपाली बाजारों में रौनक बढ़ गई है। हालांकि भारत आने वाले नेपाली नागरिकों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। पहले बड़ी संख्या में नेपाल के नागरिक खरीदारी के लिए भारतीय बाजारों का रुख करते थे।
सीमा पर कड़ाई के चलते रोजमर्रा की वस्तुओं की खरीदारी के लिए भारतीय बाजारों में आने वाले नेपाली ग्राहकों की संख्या में कमी देखी जा रही है। वहीं दूसरी ओर नेपाल के बेलहिया, भैरहवा, बुटवल, माल, सुपर बाजार सहित आसपास के बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। नेपाल के व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में बिक्री में अच्छा इजाफा हुआ है, जिससे कारोबारियों में उत्साह है। भैरहवा के व्यापारी कुशल कलवार, दीपक बनिया, राजू बस्नेत निवासी भैरहवा ने बताया कि पहले नेपाली ग्राहक कपड़ा, किराना, इलेक्ट्रॉनिक और घरेलू उपयोग के सामान भारतीय बाजारों से खरीदकर ले जाते थे। हालांकि अब अब अतिरिक्त भंसार शुल्क के कारण लोग नेपाल में ही खरीदारी करना ज्यादा सुविधाजनक समझ रहे हैं। नेपाल के कारोबारियों का कहना है कि नेपाल सरकार के इस कदम से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, जबकि सीमावर्ती भारतीय बाजारों के कारोबार पर इसका असर पड़ रहा है।
हालांकि नेपाल के नागरिक व्यापारियों की तरह उत्साहित नहीं है। कारण कि भारतीय बाजारों में उन्हें सामान सस्ते में मिल जा रहे थे। अमन गुरुंग निवासी भैरहवा ने बताया कि सोनौली बाजार से खरीदारी करते थे। वहां समान सस्ता मिलता था। नेपाल में थोड़ा महंगा मिलता है। कुछ सामान मिलता भी नहीं है। इस वजह से भारत जाना ही पड़ता है। वहीं सलोनी कार्की निवासी बुटवल ने बताया कि कॉस्मेटिक सहित सूट साड़ी भारतीय बाजार में सस्ते हैं। इसलिए हम लोग वहीं से सामान खरीदते थे। नेपाल में यह सामान महंगे हैं।
विज्ञापन
60 प्रतिशत नेपाली ग्राहकों की कमी आई
सोनौली के व्यापारियों के अनुसार, सीमा पर कड़ी जांच और भंसार की व्यवस्था के कारण भारतीय बाजारों में नेपाली ग्राहकों की संख्या में 60 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं नेपाल के बेलहिया, भैरहवा और बुटवल के बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। सुपर माल, हाट बाजार, और माल के व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। भैरहवा निवासी राजेश खनाल ने बताया कि सीमावर्ती बाजार सोनौली से सामान खरीदने पर दोनों तरफ कड़ी जांच होती है और भंसार देना पड़ रहा है। इसके कारण अब नेपाल में ही जरूरी सामान खरीदना बेहतर समझ रहे हैं। वहीं बुटवल निवासी राजेश पोखरेल ने कहा कि बॉर्डर पार करने में काफी परेशानी हो रही है। नेपाल में सामान पहले से थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन भंसार लगने के बाद कीमत लगभग बराबर पड़ रही है। ऐसे में फिलहाल नेपाल में ही खरीदारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब सीमा पर स्थिति सामान्य होगी, तब आगे की स्थिति देखी जाएगी।
भारत के व्यापारियों की चिंता बढ़ी
सीमा पर नेपाल सरकार की सख्ती से सीमावर्ती बाजारों के व्यापारियों और ग्राहकों की चिंता बढ़ गई है। नेपाल सरकार द्वारा 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम शुल्क लागू किए जाने के बाद सीमा क्षेत्र के बाजारों में व्यापारी असमंजस में हैं। सीमावर्ती बाजारों का व्यापार काफी हद तक दोनों देशों के लोगों की आवाजाही और खरीदारी पर निर्भर करता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब छोटे-छोटे सामान पर भी शुल्क लगने से ग्राहकों की संख्या घटने लगी है। इसका असर खासकर सोनौली जैसे सीमा बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। सीमा पर दुकान चलाने वाले व्यापारियों का कहना है कि पहले लोग आसानी से रोजमर्रा का सामान खरीदकर नेपाल ले जाते थे, जिससे स्थानीय व्यापार सुचारु रूप से चलता था। व्यापारी नेता सुभाष जायसवाल ने बताया कि अब 100 रुपये से अधिक के सामान पर टैक्स लगने से ग्राहक खरीदारी से बच रहे हैं।
विज्ञापन
सामान महंगा पड़ने के बाद भी नेपाल में लोग कर रहे हैं खरीदारी
सोनौली। भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल सरकार की ओर से 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर भंसार (कस्टम शुल्क) लगाए जाने के बाद सीमावर्ती नेपाली बाजारों में रौनक बढ़ गई है। हालांकि भारत आने वाले नेपाली नागरिकों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। पहले बड़ी संख्या में नेपाल के नागरिक खरीदारी के लिए भारतीय बाजारों का रुख करते थे।
सीमा पर कड़ाई के चलते रोजमर्रा की वस्तुओं की खरीदारी के लिए भारतीय बाजारों में आने वाले नेपाली ग्राहकों की संख्या में कमी देखी जा रही है। वहीं दूसरी ओर नेपाल के बेलहिया, भैरहवा, बुटवल, माल, सुपर बाजार सहित आसपास के बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। नेपाल के व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में बिक्री में अच्छा इजाफा हुआ है, जिससे कारोबारियों में उत्साह है। भैरहवा के व्यापारी कुशल कलवार, दीपक बनिया, राजू बस्नेत निवासी भैरहवा ने बताया कि पहले नेपाली ग्राहक कपड़ा, किराना, इलेक्ट्रॉनिक और घरेलू उपयोग के सामान भारतीय बाजारों से खरीदकर ले जाते थे। हालांकि अब अब अतिरिक्त भंसार शुल्क के कारण लोग नेपाल में ही खरीदारी करना ज्यादा सुविधाजनक समझ रहे हैं। नेपाल के कारोबारियों का कहना है कि नेपाल सरकार के इस कदम से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, जबकि सीमावर्ती भारतीय बाजारों के कारोबार पर इसका असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
हालांकि नेपाल के नागरिक व्यापारियों की तरह उत्साहित नहीं है। कारण कि भारतीय बाजारों में उन्हें सामान सस्ते में मिल जा रहे थे। अमन गुरुंग निवासी भैरहवा ने बताया कि सोनौली बाजार से खरीदारी करते थे। वहां समान सस्ता मिलता था। नेपाल में थोड़ा महंगा मिलता है। कुछ सामान मिलता भी नहीं है। इस वजह से भारत जाना ही पड़ता है। वहीं सलोनी कार्की निवासी बुटवल ने बताया कि कॉस्मेटिक सहित सूट साड़ी भारतीय बाजार में सस्ते हैं। इसलिए हम लोग वहीं से सामान खरीदते थे। नेपाल में यह सामान महंगे हैं।
विज्ञापन
60 प्रतिशत नेपाली ग्राहकों की कमी आई
सोनौली के व्यापारियों के अनुसार, सीमा पर कड़ी जांच और भंसार की व्यवस्था के कारण भारतीय बाजारों में नेपाली ग्राहकों की संख्या में 60 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं नेपाल के बेलहिया, भैरहवा और बुटवल के बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। सुपर माल, हाट बाजार, और माल के व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। भैरहवा निवासी राजेश खनाल ने बताया कि सीमावर्ती बाजार सोनौली से सामान खरीदने पर दोनों तरफ कड़ी जांच होती है और भंसार देना पड़ रहा है। इसके कारण अब नेपाल में ही जरूरी सामान खरीदना बेहतर समझ रहे हैं। वहीं बुटवल निवासी राजेश पोखरेल ने कहा कि बॉर्डर पार करने में काफी परेशानी हो रही है। नेपाल में सामान पहले से थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन भंसार लगने के बाद कीमत लगभग बराबर पड़ रही है। ऐसे में फिलहाल नेपाल में ही खरीदारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब सीमा पर स्थिति सामान्य होगी, तब आगे की स्थिति देखी जाएगी।
भारत के व्यापारियों की चिंता बढ़ी
सीमा पर नेपाल सरकार की सख्ती से सीमावर्ती बाजारों के व्यापारियों और ग्राहकों की चिंता बढ़ गई है। नेपाल सरकार द्वारा 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम शुल्क लागू किए जाने के बाद सीमा क्षेत्र के बाजारों में व्यापारी असमंजस में हैं। सीमावर्ती बाजारों का व्यापार काफी हद तक दोनों देशों के लोगों की आवाजाही और खरीदारी पर निर्भर करता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब छोटे-छोटे सामान पर भी शुल्क लगने से ग्राहकों की संख्या घटने लगी है। इसका असर खासकर सोनौली जैसे सीमा बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। सीमा पर दुकान चलाने वाले व्यापारियों का कहना है कि पहले लोग आसानी से रोजमर्रा का सामान खरीदकर नेपाल ले जाते थे, जिससे स्थानीय व्यापार सुचारु रूप से चलता था। व्यापारी नेता सुभाष जायसवाल ने बताया कि अब 100 रुपये से अधिक के सामान पर टैक्स लगने से ग्राहक खरीदारी से बच रहे हैं।