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बच्चे की मौत पर परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
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निचलौल अस्पताल में बच्चे की मौत केब हंगामा करते परिजन
- फोटो : MAHARAJGANJ
बच्चे की मौत पर परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
निचलौल। थाना क्षेत्र के गांव अमड़ी के टोला पतौना निवासी सुनीता के तीन दिन का मासूम बच्चे की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निचलौल में इलाज के कुछ देर बाद मौत हो गई। बच्चे की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया, जिससे इमरजेंसी में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद परिजनों को शांत कराया। परिजनों का कहना है कि चिकित्सक ने बच्चे की इलाज के दौरान लापरवाही बरती जिससे बच्चे की मौत हो गई।
अस्पताल पर हंगामा कर रहे लोगों ने बताया कि गांव अमड़ी के टोला पतौना निवासी गजेंद्र सिंह के पत्नी सुनीता देवी का बीते तीन दिन पहले अस्पताल पर प्रसव हुआ था। उस दौरान भी अस्पताल के कर्मचारियो द्वारा मरीज की देखभाल करने में लापरवाही बरती गई। शनिवार की दोपहर में सुनीता के मासूम बच्चे की तबियत खराब हुई तो उसे ईलाज के लिए अस्पताल लाया गया। कमरा नंबर तीन में बैठे चिकित्सक ने जांच कर व दवा देकर बच्चे को घर भेज दिया।घर जाकर बच्चे को दवा खिलाया गया तो बच्चे की हालत नाजुक होने पर फिर अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर बिहागड़ सिंह ने बताया कि बच्चे की मौत के बाद हंगामा कर रहे परिजनों को समझा-बुझा कर शांत कराया गया है।
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निचलौल। थाना क्षेत्र के गांव अमड़ी के टोला पतौना निवासी सुनीता के तीन दिन का मासूम बच्चे की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निचलौल में इलाज के कुछ देर बाद मौत हो गई। बच्चे की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया, जिससे इमरजेंसी में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद परिजनों को शांत कराया। परिजनों का कहना है कि चिकित्सक ने बच्चे की इलाज के दौरान लापरवाही बरती जिससे बच्चे की मौत हो गई।
अस्पताल पर हंगामा कर रहे लोगों ने बताया कि गांव अमड़ी के टोला पतौना निवासी गजेंद्र सिंह के पत्नी सुनीता देवी का बीते तीन दिन पहले अस्पताल पर प्रसव हुआ था। उस दौरान भी अस्पताल के कर्मचारियो द्वारा मरीज की देखभाल करने में लापरवाही बरती गई। शनिवार की दोपहर में सुनीता के मासूम बच्चे की तबियत खराब हुई तो उसे ईलाज के लिए अस्पताल लाया गया। कमरा नंबर तीन में बैठे चिकित्सक ने जांच कर व दवा देकर बच्चे को घर भेज दिया।घर जाकर बच्चे को दवा खिलाया गया तो बच्चे की हालत नाजुक होने पर फिर अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात चिकित्सक ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर बिहागड़ सिंह ने बताया कि बच्चे की मौत के बाद हंगामा कर रहे परिजनों को समझा-बुझा कर शांत कराया गया है।
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