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Maharajganj News: लंबित पत्रावलियों में आदेश न होने के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने एसडीएम और तहसीलदार को पत्र सौंपकर दी आंदोलन की चेतावनी
नौतनवा। रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में मंगलवार को नौतनवा तहसील के समस्त अधिवक्ता लंबित पत्रावलियों में कोई आदेश न होने के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहे। अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम नवीन प्रसाद एवं तहसीलदार कर्ण सिंह को पत्र सौंपकर जल्द से जल्द मांगों पर अमल न होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायालय में विगत कई महीनों से आदेश के अभाव में तमाम पत्रावलियां लंबित पड़ी हुई हैं। एसडीएम के पेशकार द्वारा अधिवक्ताओं की बातों को अनसुना किया जा रहा है। वहीं तहसीलदार न्यायालय में एक-एक महीने तक रजिस्ट्री बैनामा से जुड़ी पत्रावलियों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा रहा है। इसका खामियाजा अधिवक्ताओं और वादकारियों को ही भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को एक दिन के न्यायिक बहिष्कार के माध्यम से आक्रोश व्यक्त किया गया और एसडीएम को पत्र सौंपकर समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। यदि इस बार अनदेखी हुई तो आंदोलन होना तय है।
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नौतनवा। रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में मंगलवार को नौतनवा तहसील के समस्त अधिवक्ता लंबित पत्रावलियों में कोई आदेश न होने के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहे। अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम नवीन प्रसाद एवं तहसीलदार कर्ण सिंह को पत्र सौंपकर जल्द से जल्द मांगों पर अमल न होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायालय में विगत कई महीनों से आदेश के अभाव में तमाम पत्रावलियां लंबित पड़ी हुई हैं। एसडीएम के पेशकार द्वारा अधिवक्ताओं की बातों को अनसुना किया जा रहा है। वहीं तहसीलदार न्यायालय में एक-एक महीने तक रजिस्ट्री बैनामा से जुड़ी पत्रावलियों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जा रहा है। इसका खामियाजा अधिवक्ताओं और वादकारियों को ही भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को एक दिन के न्यायिक बहिष्कार के माध्यम से आक्रोश व्यक्त किया गया और एसडीएम को पत्र सौंपकर समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। यदि इस बार अनदेखी हुई तो आंदोलन होना तय है।
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