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Maharajganj News: संशोधित....
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भाजपा कार्यालय विवाद: स्वागत समारोह में हंगामा, मुकदमे पर अड़े पदाधिकारी, जांच तेज
नौतनवा। भाजपा कार्यालय में बुधवार को आयोजित स्वागत समारोह के दौरान हुआ चप्पल विवाद अब बड़ा सियासी रूप लेता जा रहा है। पार्टी के ही दो गुटों के बीच टकराव और उसके बाद आरोप-प्रत्यारोप ने मामले को प्रदेश स्तर तक सुर्खियों में ला दिया है। घटना के बाद भाजपा के अंदरूनी मतभेद भी सामने आ गए हैं। प्रकरण में जहां एक ओर नगर अध्यक्ष मुकदमा दर्ज कराने पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी इसे आंतरिक मामला बताते हुए समझौते की कोशिश में जुटे हैं।
बताया जा रहा है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने भी मामले का संज्ञान लिया है। पार्टी स्तर पर रिपोर्ट तलब किए जाने की चर्चा है। वहीं, थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव का कहना है कि भाजपा नगर अध्यक्ष एवं मनोनीत सभासद की ओर से तहरीर मिली है। दूसरे पक्ष को थाने पर बुलाया जाएगा। वार्ता और जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, इस घटनाक्रम के बीच सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट ने मामले को और तूल दे दिया है। उन्होंने भाजपा की ‘ट्रिपल एस’ (सरकार, संगठन, संगी-साथी) पर तंज कसते हुए इसे आपसी टकराव और अव्यवस्था से जोड़ दिया। इसके बाद पूरा मामला प्रदेश स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
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सम्मान समारोह में बिगड़ा माहौल : मालूम हो कि बुधवार को भाजपा कार्यालय में मनोनीत सभासदों और मंडल अध्यक्षों के स्वागत का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला मंत्री सुधांशु उर्फ राजन वर्मा की मां अचानक पहुंचीं और एक मनोनीत सभासद बृजेंद्र श्रीवास्तव का कॉलर पकड़कर कथित बकाया रुपये की मांग करने लगीं। बात इतनी बढ़ी कि महिला ने चप्पल तक उठा ली। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को हस्तक्षेप कर स्थिति संभालनी पड़ी।
क्या कहते हैं पार्टी के जिम्मेदार : नगर अध्यक्ष हरिशंकर जायसवाल ने इसे पार्टी की गरिमा के खिलाफ बताते हुए स्पष्ट कहा है कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। घटना के दौरान मौके पर मौजूद रहे पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष समीर त्रिपाठी का कहना है कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है। दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर वार्ता की जाएगी, जिससे कि सहमति के आधार पर मामले का समाधान हो सके।
लोकप्रियता से घबराए हैं विरोधी :
मनोनीत सभासद बृजेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि उनकी बढ़ती राजनीतिक और सामाजिक लोकप्रियता से कुछ विरोधी घबराए हुए हैं। ऐसे ही लोगों के इशारे पर सुनियोजित तरीके से इस कृत्य को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि कंपनी में निवेश करने वालों का पैसा सुप्रीम कोर्ट से वापस करने का आदेश हो चुका है। कंपनी द्वारा ही पैसा लौटाया जाएगा। इस बात से मेरे विपक्षी भी अवगत हैं। बावजूद इसके जान बूझकर मेरी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से यह किया गया है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए उन्होंने थाने में तहरीर दी है।
फर्जी कंपनी में पैसा जमा करने का आरोप : भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला मंत्री सुधांशु उर्फ राजन वर्मा का कहना है कि कुछ वर्ष पूर्व बृजेंद्र श्रीवास्तव एलआईसी के एजेंट थे। उन्हें एलआईसी में जमा करने के लिए रुपये दिए जाते थे लेकिन वह किसी फर्जी कंपनी में रुपए जमा करते रहे। जानकारी के बाद विरोध किया तो उन्होंने पैसा वापस करने की बात कही पर बाद में मुकर गए। उन्होंने कहा कि उनके छोटे बेटे के इलाज और बहन की शादी के लिए पैसों की जरूरत है। बार-बार कहने के बाद भी वह पैसे नहीं लौटा रहे हैं। पार्टी के पदाधिकारियों ने वार्ता से मामले को हल करने का आश्वासन दिया है। यदि उचित निष्कर्ष नहीं निकला तो मैं भी कानूनी कार्रवाई करूंगा।
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नौतनवा। भाजपा कार्यालय में बुधवार को आयोजित स्वागत समारोह के दौरान हुआ चप्पल विवाद अब बड़ा सियासी रूप लेता जा रहा है। पार्टी के ही दो गुटों के बीच टकराव और उसके बाद आरोप-प्रत्यारोप ने मामले को प्रदेश स्तर तक सुर्खियों में ला दिया है। घटना के बाद भाजपा के अंदरूनी मतभेद भी सामने आ गए हैं। प्रकरण में जहां एक ओर नगर अध्यक्ष मुकदमा दर्ज कराने पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी इसे आंतरिक मामला बताते हुए समझौते की कोशिश में जुटे हैं।
बताया जा रहा है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने भी मामले का संज्ञान लिया है। पार्टी स्तर पर रिपोर्ट तलब किए जाने की चर्चा है। वहीं, थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम राव का कहना है कि भाजपा नगर अध्यक्ष एवं मनोनीत सभासद की ओर से तहरीर मिली है। दूसरे पक्ष को थाने पर बुलाया जाएगा। वार्ता और जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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इस बीच, इस घटनाक्रम के बीच सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोशल मीडिया पोस्ट ने मामले को और तूल दे दिया है। उन्होंने भाजपा की ‘ट्रिपल एस’ (सरकार, संगठन, संगी-साथी) पर तंज कसते हुए इसे आपसी टकराव और अव्यवस्था से जोड़ दिया। इसके बाद पूरा मामला प्रदेश स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
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सम्मान समारोह में बिगड़ा माहौल : मालूम हो कि बुधवार को भाजपा कार्यालय में मनोनीत सभासदों और मंडल अध्यक्षों के स्वागत का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला मंत्री सुधांशु उर्फ राजन वर्मा की मां अचानक पहुंचीं और एक मनोनीत सभासद बृजेंद्र श्रीवास्तव का कॉलर पकड़कर कथित बकाया रुपये की मांग करने लगीं। बात इतनी बढ़ी कि महिला ने चप्पल तक उठा ली। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को हस्तक्षेप कर स्थिति संभालनी पड़ी।
क्या कहते हैं पार्टी के जिम्मेदार : नगर अध्यक्ष हरिशंकर जायसवाल ने इसे पार्टी की गरिमा के खिलाफ बताते हुए स्पष्ट कहा है कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। घटना के दौरान मौके पर मौजूद रहे पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष समीर त्रिपाठी का कहना है कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है। दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर वार्ता की जाएगी, जिससे कि सहमति के आधार पर मामले का समाधान हो सके।
लोकप्रियता से घबराए हैं विरोधी :
मनोनीत सभासद बृजेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि उनकी बढ़ती राजनीतिक और सामाजिक लोकप्रियता से कुछ विरोधी घबराए हुए हैं। ऐसे ही लोगों के इशारे पर सुनियोजित तरीके से इस कृत्य को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि कंपनी में निवेश करने वालों का पैसा सुप्रीम कोर्ट से वापस करने का आदेश हो चुका है। कंपनी द्वारा ही पैसा लौटाया जाएगा। इस बात से मेरे विपक्षी भी अवगत हैं। बावजूद इसके जान बूझकर मेरी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से यह किया गया है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए उन्होंने थाने में तहरीर दी है।
फर्जी कंपनी में पैसा जमा करने का आरोप : भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला मंत्री सुधांशु उर्फ राजन वर्मा का कहना है कि कुछ वर्ष पूर्व बृजेंद्र श्रीवास्तव एलआईसी के एजेंट थे। उन्हें एलआईसी में जमा करने के लिए रुपये दिए जाते थे लेकिन वह किसी फर्जी कंपनी में रुपए जमा करते रहे। जानकारी के बाद विरोध किया तो उन्होंने पैसा वापस करने की बात कही पर बाद में मुकर गए। उन्होंने कहा कि उनके छोटे बेटे के इलाज और बहन की शादी के लिए पैसों की जरूरत है। बार-बार कहने के बाद भी वह पैसे नहीं लौटा रहे हैं। पार्टी के पदाधिकारियों ने वार्ता से मामले को हल करने का आश्वासन दिया है। यदि उचित निष्कर्ष नहीं निकला तो मैं भी कानूनी कार्रवाई करूंगा।