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स्कूल प्रबंधकों ने घेरा सांसद आवास
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Fri, 11 May 2018 12:24 AM IST
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स्कूल प्रबंधकों ने घेरा सांसद आवास
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। शिक्षा विभाग मान्यता के बगैर संचालित होने वाले विद्यालयों को बंद कराने का अभियान चला रहा है। जिले में बगैर मान्यता के संचालित कई विद्यालय अब तक बंद कराए जा चुके हैं। विभागीय प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज उत्तर प्रदेश वित्त विहीन प्रबंधक संघ की जिला कमेटी के पदाधिकारियों ने भाजपा सांसद पंकज चौधरी के धनेवा धनेई स्थित आवास का घेराव कर उन्हें छह सूत्री ज्ञापन सौंपा।
संगठन की तरफ से विभागीय प्रशासन की कार्रवाई पर रोक लगवाने तथा मान्यता के लिए समय दिलाने की मांग की गई। सांसद ने प्रबंधकों की समस्याओं को सुनने के बाद आश्वासन दिया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। करीब एक घंटे तक सांसद आवास का घेराव करने के बाद प्रबंधक संघ के लोग लौट गए।संगठन के जिलाध्यक्ष रामराज चौरसिया ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर विद्यालयों के प्रबंधकों को उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि अधिकारियों द्वारा इन दिनों की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन विद्यालयों की मान्यता संबंधी फाइलें बीएसए कार्यालय में हैं, उन स्कूलों को मान्यता देने में बिना वजह देर क्यों की जा रही है। उन्होंने मांग की कि जिन विद्यालयों में मानक पूरे नहीं हैं, उन्हें मानक पूरा करने के लिए कम से कम दो साल का समय दिया जाए। उन्होंने आगाह किया कि अगर विद्यालय बंद हो गए तो बच्चों की पढ़ाई बाधित होगी। साथ ही बेरोजगारी बढ़ेगी। तमाम प्राइवेट शिक्षकों के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो जाएगा। उन्होंने जांच के नाम उत्पीड़न बंद कराने की मांग भी की। कहा कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ठोस निर्णय लिए जाने की जरूरत है। इस दौरान दुर्गेश यादव, राजेश पासवान, रामप्रवेश दूबे, धर्मराज यादव, वरुण कुमार गौतम, कृष्ण मोहन मिश्रा, लाल बहादुर, चंद्रभान जायसवाल, हरेंद्र कुमार, तारकेश्वर आदि मौजूद रहे।
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संगठन की तरफ से विभागीय प्रशासन की कार्रवाई पर रोक लगवाने तथा मान्यता के लिए समय दिलाने की मांग की गई। सांसद ने प्रबंधकों की समस्याओं को सुनने के बाद आश्वासन दिया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। करीब एक घंटे तक सांसद आवास का घेराव करने के बाद प्रबंधक संघ के लोग लौट गए।संगठन के जिलाध्यक्ष रामराज चौरसिया ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर विद्यालयों के प्रबंधकों को उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि अधिकारियों द्वारा इन दिनों की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन विद्यालयों की मान्यता संबंधी फाइलें बीएसए कार्यालय में हैं, उन स्कूलों को मान्यता देने में बिना वजह देर क्यों की जा रही है। उन्होंने मांग की कि जिन विद्यालयों में मानक पूरे नहीं हैं, उन्हें मानक पूरा करने के लिए कम से कम दो साल का समय दिया जाए। उन्होंने आगाह किया कि अगर विद्यालय बंद हो गए तो बच्चों की पढ़ाई बाधित होगी। साथ ही बेरोजगारी बढ़ेगी। तमाम प्राइवेट शिक्षकों के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो जाएगा। उन्होंने जांच के नाम उत्पीड़न बंद कराने की मांग भी की। कहा कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ठोस निर्णय लिए जाने की जरूरत है। इस दौरान दुर्गेश यादव, राजेश पासवान, रामप्रवेश दूबे, धर्मराज यादव, वरुण कुमार गौतम, कृष्ण मोहन मिश्रा, लाल बहादुर, चंद्रभान जायसवाल, हरेंद्र कुमार, तारकेश्वर आदि मौजूद रहे।
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