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Maharajganj News: जिला अस्पताल में 10 बेड और सीएचसी पर चार बेड कोल्ड वेव रूम तैयार
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शीतलहर से निपटने को स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए किए गए इंतजाम
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर दो-दो बेड शीतलहर से प्रभावित मरीजों के लिए आरक्षित
हीटर, पर्याप्त गर्म कंबल, गर्म पानी, ऑक्सीजन सिलेंडर, जरूरी दवाएं, थर्मल मॉनिटरिंग की होगी सुविधा
महराजगंज। जिले में लगातार बढ़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिला अस्पताल में 10 बेड का विशेष कोल्ड वेव रूम तैयार किया गया है। साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर चार-चार बेड और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर दो-दो बेड शीतलहर से प्रभावित मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य ठंड के मौसम में हाइपोथर्मिया, सांस संबंधी समस्याओं, हृदय रोग, बुजुर्गों में कमजोरी और बच्चों में होने वाली मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को समय पर सुरक्षित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। जिला अस्पताल में बनाए गए कोल्ड वेव रूम में गंभीर रूप से ठंड से प्रभावित मरीजों को भर्ती कर विशेष निगरानी में इलाज किया जाएगा। कोल्ड वेव रूम में मरीजों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां हीटर, पर्याप्त गर्म कंबल, गर्म पानी, ऑक्सीजन सिलेंडर, जरूरी दवाएं, थर्मल मॉनिटरिंग की सुविधा और अन्य जीवन रक्षक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। चिकित्सकों के अनुसार, शीतलहर के दौरान शरीर का तापमान अचानक गिरने से हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी हो सकता है। ऐसे में कोल्ड वेव रूम की व्यवस्था बेहद अहम साबित होगी।
जिला अस्पताल के साथ-साथ जिले के सभी सीएचसी पर चार-चार बेड के कोल्ड वेव रूम बनाए गए हैं। वहीं पीएचसी स्तर पर भी दो-दो बेड ठंड से प्रभावित मरीजों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वहां हीटर, कंबल, दवाएं और अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएं।
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वर्जन
शीतलहर को देखते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की गई है। इमरजेंसी सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। साथ ही 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय किया गया है।
-डॉ. नवनाथ प्रसाद, एसीएमओ
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर दो-दो बेड शीतलहर से प्रभावित मरीजों के लिए आरक्षित
हीटर, पर्याप्त गर्म कंबल, गर्म पानी, ऑक्सीजन सिलेंडर, जरूरी दवाएं, थर्मल मॉनिटरिंग की होगी सुविधा
महराजगंज। जिले में लगातार बढ़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिला अस्पताल में 10 बेड का विशेष कोल्ड वेव रूम तैयार किया गया है। साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर चार-चार बेड और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर दो-दो बेड शीतलहर से प्रभावित मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य ठंड के मौसम में हाइपोथर्मिया, सांस संबंधी समस्याओं, हृदय रोग, बुजुर्गों में कमजोरी और बच्चों में होने वाली मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को समय पर सुरक्षित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है। जिला अस्पताल में बनाए गए कोल्ड वेव रूम में गंभीर रूप से ठंड से प्रभावित मरीजों को भर्ती कर विशेष निगरानी में इलाज किया जाएगा। कोल्ड वेव रूम में मरीजों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां हीटर, पर्याप्त गर्म कंबल, गर्म पानी, ऑक्सीजन सिलेंडर, जरूरी दवाएं, थर्मल मॉनिटरिंग की सुविधा और अन्य जीवन रक्षक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। चिकित्सकों के अनुसार, शीतलहर के दौरान शरीर का तापमान अचानक गिरने से हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी हो सकता है। ऐसे में कोल्ड वेव रूम की व्यवस्था बेहद अहम साबित होगी।
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जिला अस्पताल के साथ-साथ जिले के सभी सीएचसी पर चार-चार बेड के कोल्ड वेव रूम बनाए गए हैं। वहीं पीएचसी स्तर पर भी दो-दो बेड ठंड से प्रभावित मरीजों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि वहां हीटर, कंबल, दवाएं और अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएं।
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शीतलहर को देखते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की गई है। इमरजेंसी सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। साथ ही 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय किया गया है।
-डॉ. नवनाथ प्रसाद, एसीएमओ