फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   1200 से अधिक लोगों के 35 करोड़ रुपये डूबे

1200 से अधिक लोगों के 35 करोड़ रुपये डूबे

Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
Maharajganj
Maharajganj Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। जनमेजय खरवार ने राज हाईटेक ग्रीन सिटी के नाम से सीतापुर रोड, बाराबंकी रोड सहित राजधानी के अन्य इलाकों में जमीन का झांसा देकर 1200 से अधिक लोगों से लगभग 35 करोड़ रुपया जमा किए थे। पुलिस जनमेजय के बैंक अकाउंट खंगालने की तैयारी कर रही है। उधर, ठगी के शिकार लोगों ने जनमेजय के परिवारीजनों से रुपया वसूलने की बात कही है।
विज्ञापन

पीड़ितों का कहना है कि जनमेजय का एक भाई पीसीएस अफसर है और पूर्वांचल के एक जिले में तैनात है। उनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। जनमेजय के खिलाफ एफआईआर का सिलसिला वर्ष 2012 की शुरुआत से हुआ था। हालांकि, शुरुआत में जनमेजय ने अपने खिलाफ रिपोर्ट कराने वालों को रुपया लौटाकर समझौता कर लिया था, लेकिन फरवरी के बाद से कई एफआईआर होने से उसने लोगों के बजाय पुलिस से सेटिंग शुरू कर दी। सूत्रों का कहना है कि हजरतगंज कोतवाली पुलिस को उसने गिरफ्तारी व अन्य प्रकार की कार्रवाई से बचाने के लिए लाखों रुपये दिए। यही वजह थी कि पीड़ित खरवार के जॉपलिंग रोड पर सूरजदीप बिल्डिंग में स्थित ऑफिस आते और वह उन्हें गाली-गलौज करके भगा देता। हजरतगंज कोतवाली के एक-एक दरोगा और सिपाही पर उसने खूब रुपये लुटाए।
विज्ञापन


होर्डिंग के लिए देता था 20000 रुपये किराया
जन्मेजय ने लखनऊ में दर्जनों लोगों सहित गोरखपुर और बरेली के भी कई लोगों को ठगे थे। इन लोग ने हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। जन्मेजय सीतापुर रोड पर एक किसान की जमीन पर अपनी कंपनी की स्कीम की होर्डिंग लगाने के लिए 20,000 रुपये प्रतिमाह किराया देता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले ऐशोआराम, अब तंगहाली
कभी लग्जरी गाड़ियों की फ्लीट के साथ घूमने वाले जन्मेजय तंगहाली से जूझ रहा था।नौकर राजीव दास ने बताया कि तीन महीने से उसे सैलरी नहीं मिली। राजीव ने ही बताया कि जन्मेजय इन दिनों कभी-कभी अपने मित्रों की मोटर साइकिल मांग कर कहीं जाते थे। फ्लैट में भी फर्नीचर के नाम पर सिर्फ सोफा थाञ जन्मेजय खुद फर्श पर गद्दा बिछाकर सोते थे। उनकी कंपनी में भी कर्मचारियों को कई-कई महीने से सैलरी नहीं मिली थी। हालांकि जन्मेजय के पास एक बीएमडब्ल्यू कार थी, जिसे लेकर निशा कोलकाता चली गई थीं। फोन पर भी पैसे को लेकर पत्नी से झगड़ा होता रहता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed