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फाइलेरिया की दवा जरूरी
Maharajganj
Updated Wed, 03 Apr 2013 05:30 AM IST
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महराजगंज। स्वास्थ्य विभाग के जेडी कामेश्वर सिंह ने कहा कि फाइलेरिया की एक खुराक व्यक्ति को फाइलेरिया मुक्त बना देती है। जेडी मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 तक देश को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि फाइलेरिया मच्छर जनित बीमारी है। मच्छर से मनुष्य में फाइलेरिया के माइक्रो फाइलेरिया वर्म प्रवेश कर जाते हैं, जो वयस्क होने पर मनुष्य को प्रभावित करता है। माइक्रो वर्म को वयस्क होने में एक वर्ष लगता है। इसके अंदर यदि मनुष्य फाइलेरिया की एक खुराक डाईइथाइल कार्बाजिन ले ले तो माइक्रो फाइलेरिया वर्म नष्ट हो जाते हैं। मनुष्य फाइलेरिया से बच जाता है।
ट्रेनर डॉक्टर वीके श्रीवास्तव ने बताया कि फाइलेरिया खुराक के साथ व्यक्ति को कीड़े की गोली देना अधिक लाभप्रद होता है। इसलिए स्वास्थ्य टीम फाइलेरिया खुराक के साथ डी-वर्मिंग की गोली देना न भूले। उन्होंने कहा कि फागिंग से फाइलेरिया बीमारी पर कंट्रोल किया जा सकता है।
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फागिंग से मच्छर तो नहीं मरते लेकिन इस बीमारी को फैलाने वाले इनफेक्टीव मच्छर निष्क्रिय हो जाते हैं। एसीएमओ वेक्टर्न डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि पहली अप्रैल तक चलने वाले फाइलेरिया दिवस अभियान में फाइलेरिया खुराक का वितरण किया गया। सभी चिकित्साधिकारी ऐसे व्यक्तियों को प्रेरित कर उन्हें दवा खिलाने का काम करेंगे। डिप्टी सीएमओ डॉक्टर आईए अंसारी ने कहा कि देश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए पांच से सात प्रोग्राम चलने हैं। दो वर्ष से अधिक और गर्भवती महिला, गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को छोड़कर सभी को फाइलेरिया की खुराक अपने सामने देना है।
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उन्होंने कहा कि फाइलेरिया मच्छर जनित बीमारी है। मच्छर से मनुष्य में फाइलेरिया के माइक्रो फाइलेरिया वर्म प्रवेश कर जाते हैं, जो वयस्क होने पर मनुष्य को प्रभावित करता है। माइक्रो वर्म को वयस्क होने में एक वर्ष लगता है। इसके अंदर यदि मनुष्य फाइलेरिया की एक खुराक डाईइथाइल कार्बाजिन ले ले तो माइक्रो फाइलेरिया वर्म नष्ट हो जाते हैं। मनुष्य फाइलेरिया से बच जाता है।
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ट्रेनर डॉक्टर वीके श्रीवास्तव ने बताया कि फाइलेरिया खुराक के साथ व्यक्ति को कीड़े की गोली देना अधिक लाभप्रद होता है। इसलिए स्वास्थ्य टीम फाइलेरिया खुराक के साथ डी-वर्मिंग की गोली देना न भूले। उन्होंने कहा कि फागिंग से फाइलेरिया बीमारी पर कंट्रोल किया जा सकता है।
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फागिंग से मच्छर तो नहीं मरते लेकिन इस बीमारी को फैलाने वाले इनफेक्टीव मच्छर निष्क्रिय हो जाते हैं। एसीएमओ वेक्टर्न डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि पहली अप्रैल तक चलने वाले फाइलेरिया दिवस अभियान में फाइलेरिया खुराक का वितरण किया गया। सभी चिकित्साधिकारी ऐसे व्यक्तियों को प्रेरित कर उन्हें दवा खिलाने का काम करेंगे। डिप्टी सीएमओ डॉक्टर आईए अंसारी ने कहा कि देश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए पांच से सात प्रोग्राम चलने हैं। दो वर्ष से अधिक और गर्भवती महिला, गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को छोड़कर सभी को फाइलेरिया की खुराक अपने सामने देना है।