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तीन स्थानो पर टूटा महाव नाला, किसानो की मेहनत बर्बाद
Updated Thu, 22 Jun 2017 12:24 AM IST
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बरगदवां(महराजगंज)। नेपाल की पहाडी नदियों से जुडे़ महाव नाले में बुधवार भोर में एकाएक पानी स्तर का बढ़ गया। नाले में पानी का दबाव इतना बढ़ गया कि नाले के जर्जर तटबंध झेल नहीं सके। नतीजा यह हुआ कि तीन स्थानों नाला टूट गया। इससे कई एकड़ धान की रोपाई बर्बाद हो गई। यही नहीं, धान की नर्सरी भी पानी की तेज धारा में समा गई।
महाव तटबंध सुबह 10 बजे छितवनिया गांव के पश्चिमी तटबंध जगवंत यादव और परशुराम यादव के खेत के सामने 40 मीटर, 11:30 बजे कनरी चकरार गांव के पश्चिम पूरबी तटबंध घनश्याम गिरी के खेत के पास 10 मीटर और दोपहर 12 बजे खैरहवा दूबे के सामने रामभवन यादव के खेत में 10 मीटर पश्चिमी तटबंध टूट गया है। किसान चन्द्रभान, गोकुला, राजबहादुर यादव, बंशे यादव, चंद्रशेखर सिंह, जोखू खां, विजयसेन चौधरी, रामनिवास रौनियार, रामप्रसाद, महेंद्र कसौधन, प्रेमलाल रौनियार, महादेव आदि लोगों ने बंधे के रखरखाव को लेकर प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाया और रोष प्रकट किया। लोगों का कहना था कि जानबूझकर महाव तटबंध को दुरुस्त नहीं किया जाता है। इस वजह से हर साल परेशानी होती है और अधिकारी रिपेयरिंग के नाम पर रकम का बंदरबांट करते हैं। क्षेत्र के छितवनिया, बिशुनपुरा, दोगहरा, पिपरहीयां, जहरी, महरी, घोडहवां आदि गांवों की तरफ बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है।
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महाव तटबंध सुबह 10 बजे छितवनिया गांव के पश्चिमी तटबंध जगवंत यादव और परशुराम यादव के खेत के सामने 40 मीटर, 11:30 बजे कनरी चकरार गांव के पश्चिम पूरबी तटबंध घनश्याम गिरी के खेत के पास 10 मीटर और दोपहर 12 बजे खैरहवा दूबे के सामने रामभवन यादव के खेत में 10 मीटर पश्चिमी तटबंध टूट गया है। किसान चन्द्रभान, गोकुला, राजबहादुर यादव, बंशे यादव, चंद्रशेखर सिंह, जोखू खां, विजयसेन चौधरी, रामनिवास रौनियार, रामप्रसाद, महेंद्र कसौधन, प्रेमलाल रौनियार, महादेव आदि लोगों ने बंधे के रखरखाव को लेकर प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाया और रोष प्रकट किया। लोगों का कहना था कि जानबूझकर महाव तटबंध को दुरुस्त नहीं किया जाता है। इस वजह से हर साल परेशानी होती है और अधिकारी रिपेयरिंग के नाम पर रकम का बंदरबांट करते हैं। क्षेत्र के छितवनिया, बिशुनपुरा, दोगहरा, पिपरहीयां, जहरी, महरी, घोडहवां आदि गांवों की तरफ बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है।
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