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रेगुलेटर के स्थान पर बैराज फाटक बनवाने की मांग
Updated Thu, 07 Sep 2017 12:26 AM IST
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महराजगंज। बुधवार को बसपा के जिला पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर जर्दी डोमरा बांध पर बने रेगुलेटर के स्थान पर बैराज फाटक लगवाने की मांग की। कहा कि जब जिले में बाढ़ आती है तो इस क्षेत्र के तमाम गांवों की फसलें नष्ट हो जाती हैं। साथ ही लोगों का जीना दुश्वार हो जाता है।
बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष नारद राव ने कहा कि जर्दी डोमरा बांध पर नरगटहा और कटहवां के बीच रेगुलेटर लगा है। जिससे बरसात का पानी जिससे बरसात का पानी या नदी के कटान का पानी निकलता है। लेकिन भारी बरसात से नरकटहां, डोमरा, हरखपुरा, अहिरौली, औरहिया, रानीपुर, लक्ष्मीपुर, अडबडहवां, रामनगर, जर्दी लाला बड़हरा, लेन्दुअहिया गांव के अलावा तमाम गांव में जब बाढ़ आती है तो फसल जलजमाव के कारण नष्ट हो जाती है। उन्होंने कहा कि 1998, 2001, 2007, 2017 में आई बाढ़ से क्षेत्र के फसल को बर्वाद हो गई तमाम मकान गिर गए। ऐसे में नरकटहां और अकटहवां के बीच में बने रेगुलेटर के स्थान पर 30 से 40 मीटर का बैराज फाटक लग जाने से पानी आसानी से नदी की तरफ निकल जाएगा। इस मौके पर भगौती प्रसाद, प्रहलाद प्रसाद कन्नौजिया, लबारक हुसैन, नन्दू प्रसाद, अशोक प्रताप निषाद, शत्रुधन कन्नौजिया, मदन चंद्र, रामराज, विरेंद्र, समसुल होदा, सुबाष, रामानंद, वृजलाल, अमर नाथ पटेल, दुलारी देवी, मनोज, इस्तेखार, रामचंद्र बौद्व, रविकांत पांडेय, अनिल रब्बुल हसन, विरेंद्र निषाद, बाबूला, अमरजीत, राम मिलन आदि मौजूद रहे।
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बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष नारद राव ने कहा कि जर्दी डोमरा बांध पर नरगटहा और कटहवां के बीच रेगुलेटर लगा है। जिससे बरसात का पानी जिससे बरसात का पानी या नदी के कटान का पानी निकलता है। लेकिन भारी बरसात से नरकटहां, डोमरा, हरखपुरा, अहिरौली, औरहिया, रानीपुर, लक्ष्मीपुर, अडबडहवां, रामनगर, जर्दी लाला बड़हरा, लेन्दुअहिया गांव के अलावा तमाम गांव में जब बाढ़ आती है तो फसल जलजमाव के कारण नष्ट हो जाती है। उन्होंने कहा कि 1998, 2001, 2007, 2017 में आई बाढ़ से क्षेत्र के फसल को बर्वाद हो गई तमाम मकान गिर गए। ऐसे में नरकटहां और अकटहवां के बीच में बने रेगुलेटर के स्थान पर 30 से 40 मीटर का बैराज फाटक लग जाने से पानी आसानी से नदी की तरफ निकल जाएगा। इस मौके पर भगौती प्रसाद, प्रहलाद प्रसाद कन्नौजिया, लबारक हुसैन, नन्दू प्रसाद, अशोक प्रताप निषाद, शत्रुधन कन्नौजिया, मदन चंद्र, रामराज, विरेंद्र, समसुल होदा, सुबाष, रामानंद, वृजलाल, अमर नाथ पटेल, दुलारी देवी, मनोज, इस्तेखार, रामचंद्र बौद्व, रविकांत पांडेय, अनिल रब्बुल हसन, विरेंद्र निषाद, बाबूला, अमरजीत, राम मिलन आदि मौजूद रहे।
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