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Maharajganj News: नवजात शिशु देखभाल इकाई में 50, संक्रामक रोग वार्ड में 24 बच्चे भर्ती
Mon, 08 Jul 2024 07:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 08 Jul 2024 07:56 PM IST
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महराजगंज। जिला अस्पताल में एसएनसीयू व संक्रामक रोग वार्ड में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती हैं। डॉक्टरों की टीम इलाज करने में जुटी है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि बेहतर इलाज की सुविधा दी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, नवजात शिशु देखभाल इकाई में 26 बेड पर 50 बच्चे भर्ती हैं। इस वार्ड में उन बच्चों को भर्ती किया जाता है जो जन्म के बाद रोते नहीं हैं यहां बीमार रहते हैं। तीमारदार कहते हैं कि निजी अस्पताल में यह सुविधा महंगे दर पर मिलेगी। सरकारी अस्पताल में मुफ्त में यह सुविधा मिल रही है। थोड़ी परेशानी है तो कोई बात नहीं। बच्चों को ठीक ढंग से इलाज तो हो रहा है। यहां भर्ती होने वाले बच्चों के माता-पिता सामने के गलियारे में वक्त गुजारते हुए मिले।
वहीं दूसरी ओर से संक्रामक रोग वार्ड में 21 बेड पर 24 बच्चे भर्ती मिले। इसमें डायरिया समेत बुखार आदि से पीड़ित बच्चे भर्ती हैं। मौसम के प्रभाव से डायरिया की चपेट में बच्चे आ रहे हैं। ओपीडी में आने वाले बच्चों की हालत गंभीर होने पर भर्ती किया जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि एसएनसीयू वार्ड में जन्म लेने के साथ सांस फूलने, जांडिस, दूध नहीं पीने, निर्धारित वजन से कम, नौ माह के पहले जन्म लेने, अविकसित शिशुओं को भर्ती कर इलाज किया जाता है। इनमें कई ऐसे नवजात होते हैं, जिन्हें जन्म के बाद से लगभग आठ से 10 दिनों के लिए इसमें रखना पड़ता है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एपी भार्गव ने बताया कि अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। सभी डॉक्टरों को दायित्व के प्रति सचेत रहने की निर्देश दिया गया है।
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जानकारी के अनुसार, नवजात शिशु देखभाल इकाई में 26 बेड पर 50 बच्चे भर्ती हैं। इस वार्ड में उन बच्चों को भर्ती किया जाता है जो जन्म के बाद रोते नहीं हैं यहां बीमार रहते हैं। तीमारदार कहते हैं कि निजी अस्पताल में यह सुविधा महंगे दर पर मिलेगी। सरकारी अस्पताल में मुफ्त में यह सुविधा मिल रही है। थोड़ी परेशानी है तो कोई बात नहीं। बच्चों को ठीक ढंग से इलाज तो हो रहा है। यहां भर्ती होने वाले बच्चों के माता-पिता सामने के गलियारे में वक्त गुजारते हुए मिले।
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वहीं दूसरी ओर से संक्रामक रोग वार्ड में 21 बेड पर 24 बच्चे भर्ती मिले। इसमें डायरिया समेत बुखार आदि से पीड़ित बच्चे भर्ती हैं। मौसम के प्रभाव से डायरिया की चपेट में बच्चे आ रहे हैं। ओपीडी में आने वाले बच्चों की हालत गंभीर होने पर भर्ती किया जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल चौधरी ने बताया कि एसएनसीयू वार्ड में जन्म लेने के साथ सांस फूलने, जांडिस, दूध नहीं पीने, निर्धारित वजन से कम, नौ माह के पहले जन्म लेने, अविकसित शिशुओं को भर्ती कर इलाज किया जाता है। इनमें कई ऐसे नवजात होते हैं, जिन्हें जन्म के बाद से लगभग आठ से 10 दिनों के लिए इसमें रखना पड़ता है।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. एपी भार्गव ने बताया कि अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। सभी डॉक्टरों को दायित्व के प्रति सचेत रहने की निर्देश दिया गया है।