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Maharajganj News: 48 बीज की दुकानों पर छापा, 40 बीज नमूने संग्रहीत किए
Sat, 16 Nov 2024 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 16 Nov 2024 12:29 AM IST
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महराजगंज। डीएम अनुनय झा के निर्देश पर शुक्रवार को संयुक्त टीम ने जनपद के 48 खाद बीज की दुकानों पर जांच की। इस दौरान बीज के 40 नमूने जांच के लिए संग्रहीत किए। नकली बीज बिक्री के मामले विभिन्न जनपदों में मिलने लगे है, जिसके मद्देनजर डीएम ने औचक जांच के लिए निर्देशित किया था।
उप कृषि निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में जिला कृषि रक्षा अधिकारी हिमांचल सोनकर, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर राजेश कुमार व सुमित निषाद शामिल रहे। जांच के दौरान बिक चुके बीज की जानकारी, बीज कंपनी, मूल्य, स्टाॅक की जानकारी इत्यादि की पड़ताल की गई। टीम ने जमाव तथा अन्य प्रमाणिकता के लिए 40 कंपनियों के बीज नमूने जांच के लिए संग्रहीत किए। उप कृषि निदेशक ने दुकानदारों को स्पष्ट किया कि अगर बीज जांच में फेल हुआ तो केस दर्ज कराते हुए विक्रेता को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने खाद व कीटनाशक बिक्री तय मूल्य पर करने तथा बिक्री रसीद कैश मेमो किसानों को उपलब्ध कराने के लिए भी निर्देशित किया। कहा कि अगर किसानों ने अधिक मूल्य अथवा अन्य कोई शिकायत दर्ज कराई तो निबंधन प्रमाणपत्र निरस्त करते हुए कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। आकस्मिक जांच से खाद-बीज विक्रेताओं की दुकानें धड़ाधड़ बंद होने लगी और अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
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उप कृषि निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में जिला कृषि रक्षा अधिकारी हिमांचल सोनकर, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर राजेश कुमार व सुमित निषाद शामिल रहे। जांच के दौरान बिक चुके बीज की जानकारी, बीज कंपनी, मूल्य, स्टाॅक की जानकारी इत्यादि की पड़ताल की गई। टीम ने जमाव तथा अन्य प्रमाणिकता के लिए 40 कंपनियों के बीज नमूने जांच के लिए संग्रहीत किए। उप कृषि निदेशक ने दुकानदारों को स्पष्ट किया कि अगर बीज जांच में फेल हुआ तो केस दर्ज कराते हुए विक्रेता को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने खाद व कीटनाशक बिक्री तय मूल्य पर करने तथा बिक्री रसीद कैश मेमो किसानों को उपलब्ध कराने के लिए भी निर्देशित किया। कहा कि अगर किसानों ने अधिक मूल्य अथवा अन्य कोई शिकायत दर्ज कराई तो निबंधन प्रमाणपत्र निरस्त करते हुए कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। आकस्मिक जांच से खाद-बीज विक्रेताओं की दुकानें धड़ाधड़ बंद होने लगी और अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
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