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काठ के बक्से में लाए जाएंगे 15 घडियाल
Updated Wed, 03 Oct 2018 12:06 AM IST
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काठ के बक्से में लाए जाएंगे 15 घड़ियाल
डीएफओ के नेतृत्व में आज रवाना होगी टीम
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। वन विभाग की ओर से एक से सात अक्तूबर तक वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। चार अक्तूबर को विभाग की ओर से गंडक नदी के टेलफाल के ठोकर संख्या एक के पास 15 घड़ियाल छोड़ने की तैयारी पूरी की जा रही है। घड़ियाल लखनऊ के कुकरैल से मंगाने के लिए काठ के बक्से में तैयार किए जा रहे हैं।
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि जिले के गंडक नदी के टेलफान ठोकर संख्या एक के पास घड़ियाल छोड़ने की योजना तैयार की गई है। मुख्य वन जीव संरक्षक की देखरेख में यह चार अक्तूबर की सुबह घड़ियाल छोडे़ जाएंगे। उन्होंने बताया कि घड़ियाल लाने के लिए एक विषेश प्रकार के काठ के बक्से तैयार किए जा रहे हैं। इसमें फोम लगाए गए हैं। इसके अलावा घड़ियाल को सांस लेने के लिए सुराख बनाया गया है। घड़ियाल लाने इसके लिए टीम तीन अक्तूबर को लखनऊ के कुकरैल के लिए रवाना होगी। यहां से तीन नर व 12 मादा घड़ियाल लाए जाएंगे। उन्होंने कहा बताया कि दर्जिया ताल में पर्यटन की दृष्टि से आने वाले लोगों को गंडक नदी के टेलफाल में घड़ियाल भी देखने का मिलेगा। घड़ियाल देश में कम मात्रा में पाए जाते हैं, यह चंबल, गेरुआ आदि स्थानों पर देखने को मिलते हैं।
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डीएफओ के नेतृत्व में आज रवाना होगी टीम
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। वन विभाग की ओर से एक से सात अक्तूबर तक वन्य प्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। चार अक्तूबर को विभाग की ओर से गंडक नदी के टेलफाल के ठोकर संख्या एक के पास 15 घड़ियाल छोड़ने की तैयारी पूरी की जा रही है। घड़ियाल लखनऊ के कुकरैल से मंगाने के लिए काठ के बक्से में तैयार किए जा रहे हैं।
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि जिले के गंडक नदी के टेलफान ठोकर संख्या एक के पास घड़ियाल छोड़ने की योजना तैयार की गई है। मुख्य वन जीव संरक्षक की देखरेख में यह चार अक्तूबर की सुबह घड़ियाल छोडे़ जाएंगे। उन्होंने बताया कि घड़ियाल लाने के लिए एक विषेश प्रकार के काठ के बक्से तैयार किए जा रहे हैं। इसमें फोम लगाए गए हैं। इसके अलावा घड़ियाल को सांस लेने के लिए सुराख बनाया गया है। घड़ियाल लाने इसके लिए टीम तीन अक्तूबर को लखनऊ के कुकरैल के लिए रवाना होगी। यहां से तीन नर व 12 मादा घड़ियाल लाए जाएंगे। उन्होंने कहा बताया कि दर्जिया ताल में पर्यटन की दृष्टि से आने वाले लोगों को गंडक नदी के टेलफाल में घड़ियाल भी देखने का मिलेगा। घड़ियाल देश में कम मात्रा में पाए जाते हैं, यह चंबल, गेरुआ आदि स्थानों पर देखने को मिलते हैं।
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