{"_id":"66414cc6385311b11109be44","slug":"40-percent-duty-increased-on-onion-nepalese-traders-are-returning-trucks-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-122295-2024-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: प्याज पर बढ़ी 40 प्रतिशत ड्यूटी, नेपाल के व्यापारी लौटा रहे ट्रक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: प्याज पर बढ़ी 40 प्रतिशत ड्यूटी, नेपाल के व्यापारी लौटा रहे ट्रक
Mon, 13 May 2024 04:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 13 May 2024 04:42 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज/सोनौली। भारत सरकार ने प्याज पर प्रतिबंध हटा लिया है, लेकिन वेल्युएशन और 40 प्रतिशत निर्यात ड्यूटी के बाद नेपाल के कारोबारी आयात नहीं कर रहे हैं। नेपाल के कारोबारी प्याज से लदे ट्रक रास्ते से ही वापस कर दे रहे हैं। रोजाना से चार से पांच ट्रक वापस हो रहे हैं। ऐसे में तस्कर चांदी काट रहे हैं। भारत से वह 25 रुपये किलो प्याज खरीदकर नेपाल में 60-70 रुपये प्रतिकिलो की दर से बेच रहे हैं।
भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के पगडंडियों से साइकिल, बाइक और ई-रिक्शे से प्याज नेपाल भेजा जा रहा है। तस्कर पहले सीमावर्ती गांव के निकट गोदाम में प्याज डंप करते हैं, फिर दिन और रात में मौका मिलते ही नेपाल पहुंचा दिया जा रहा है। भारत के प्याज मंडी कानपुर, बाराबंकी, नासिक, मध्यप्रदेश से सस्ते दाम पर प्याज नौतनवा, ठूठीबारी और निचलौल कस्बे में डंप किया जा रहा है। उसके बाद छोटे वाहन से सीमावर्ती गांव में बनाए गए गोदाम में रखकर साइकिल और बाइक से नेपाल पहुंचा दिया जा रहा है। इन दिनों नेपाल में प्याज का भाव थोक में भारत की तुलना में तीन गुना है। तस्कर इसका फायदा उठाने में लगे हैं। पगडंडियों के रास्ते प्याज को आसानी से नेपाल पहुंचाकर मोटी रकम कमा रहे हैं।
चार मई को भारत सरकार ने प्याज निर्यात के लिए कुछ शर्तों के साथ अनुमति दे दी है। उसके बाद नेपाल के कुछ कारोबारियों ने सरहद तक प्याज मंगाने के बाद उसे नौतनवा मंडी में बेच दिया। उनका कहना है कि कस्टम कराने के बाद जिस भाव में नेपाल में प्याज बिक रहा है। उससे 20 रुपये किलो महंगा कस्टम कराने के बाद हो रहा है। जिसके कारण प्याज बिकना मुश्किल हो जाएगा। नेपाल में पहले 20 रुपये भारतीय में बिकने वाला प्याज अब 60 रुपये में बिक रहा है। प्याज पर प्रतिबंध के बाद नेपाल में यह समस्या हुई है। नेपाल में लोग भारतीय प्याज को ज्यादा पसंद करते हैं। उसके लिए प्याज की मांग अधिक है।
विज्ञापन
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सर्तकता की वजह से बरामदगी हो रही है। सुरक्षा कर्मी प्रत्येक हलचल पर नजर रखे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
कैरियर को मिलता है प्रतिकिलो 20 रुपये
प्याज की तस्करी के लिए धंधेबाजों ने कोल्हुई, नौतनवा, सोनौली, हरदीडाली, शेख फरैना, कैलाश नगर, भगवानपुर, बरगदवा, ठूठीबारी, निचलौल, सिसवा में प्याज को लाते हैं। फिर पगडंडियों के रास्ते कैरियर प्याज नेपाल पहुंचा रहे हैं। इसके लिए वह बाइक और साइकिल का प्रयोग करते हैं। प्रतिकिलो 20 रुपये कैरियरों को मिलता है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
नेपाल में प्याज निर्यात नहीं होने के बाद भी 90 फीसदी भारतीय प्याज
नेपाल में प्याज एक्सपोर्ट पर रोक हट गई है। लेकिन 4 मई के बाद एक गाड़ी भी नेपाल निर्यात नहीं हुआ। उसके बाद भी नेपाल के बाजार में 90 फीसदी प्याज भारत के दिख रहे हैं। नेपाल के रूपनदेही जिले में नेपाल सशस्त्र पुलिस प्रतिदिन बड़े पैमाने पर प्याज बरामद कर रही है। सीमा पर 24 घंटे चौकसी के बाद भी प्याज नेपाल पहुंच जा रहा है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
सीमावर्ती क्षेत्र में प्रतिदिन पहुंच रहा 10 ट्रक प्याज
भारत नेपाल के सीमावर्ती बाजार नौतनवा कोल्हुई ठूठीबारी और निचलौल में प्रतिदिन 10 ट्रक प्याज पहुंच रहा है। मंडी कारोबारी से खरीद कर तस्कर नेपाल पहुंचाने में जुट जाते हैं। नेपाल के भैरहवा बुटवल चितवन और पोखरा की मंडियों में प्याज लगभग भारतीय 60 से 70 रुपये तक बिक रहा है। जबकि भारतीय क्षेत्र की मंडियों में प्याज की कीमत 25 से 30 रुपये है। तस्करों का एक सिंडिकेट सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में सक्रिय हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
कितना होगा निर्यात वाली प्याज का मूल्य
भारत सरकार ने प्याज निर्यात की कीमत 550 डॉलर प्रति टन (तकरीबन 46 रुपये प्रति किलो) रखी है और इस पर 40 फीसद का निर्यात शुल्क भी लगना है। इस आधार पर निर्यातित प्याज की पूरी कीमत 770 डॉलर प्रति टन (64 रुपये प्रति टन) के करीब होगी। उस पर ट्रक भाड़ा और नेपाल कस्टम ड्यूटी मिलाकर 70 रुपए भारतीय मूल्य पहुंच रहा है। वैट और मुनाफे के बाद कस्टम होकर नेपाल पहुंची प्याज का मूल्य 82 रुपये किलो भारतीय रुपये में रही है। नाम नही छापने की शर्त पर एक नेपाल के कारोबारी ने बताया कि काठमांडो में 60 से 70 रुपये किलो प्याज मिल रहा है। इसलिए कोई भी व्यापारी प्याज का आयात नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के पगडंडियों से साइकिल, बाइक और ई-रिक्शे से प्याज नेपाल भेजा जा रहा है। तस्कर पहले सीमावर्ती गांव के निकट गोदाम में प्याज डंप करते हैं, फिर दिन और रात में मौका मिलते ही नेपाल पहुंचा दिया जा रहा है। भारत के प्याज मंडी कानपुर, बाराबंकी, नासिक, मध्यप्रदेश से सस्ते दाम पर प्याज नौतनवा, ठूठीबारी और निचलौल कस्बे में डंप किया जा रहा है। उसके बाद छोटे वाहन से सीमावर्ती गांव में बनाए गए गोदाम में रखकर साइकिल और बाइक से नेपाल पहुंचा दिया जा रहा है। इन दिनों नेपाल में प्याज का भाव थोक में भारत की तुलना में तीन गुना है। तस्कर इसका फायदा उठाने में लगे हैं। पगडंडियों के रास्ते प्याज को आसानी से नेपाल पहुंचाकर मोटी रकम कमा रहे हैं।
विज्ञापन
चार मई को भारत सरकार ने प्याज निर्यात के लिए कुछ शर्तों के साथ अनुमति दे दी है। उसके बाद नेपाल के कुछ कारोबारियों ने सरहद तक प्याज मंगाने के बाद उसे नौतनवा मंडी में बेच दिया। उनका कहना है कि कस्टम कराने के बाद जिस भाव में नेपाल में प्याज बिक रहा है। उससे 20 रुपये किलो महंगा कस्टम कराने के बाद हो रहा है। जिसके कारण प्याज बिकना मुश्किल हो जाएगा। नेपाल में पहले 20 रुपये भारतीय में बिकने वाला प्याज अब 60 रुपये में बिक रहा है। प्याज पर प्रतिबंध के बाद नेपाल में यह समस्या हुई है। नेपाल में लोग भारतीय प्याज को ज्यादा पसंद करते हैं। उसके लिए प्याज की मांग अधिक है।
विज्ञापन
अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सर्तकता की वजह से बरामदगी हो रही है। सुरक्षा कर्मी प्रत्येक हलचल पर नजर रखे हैं।
कैरियर को मिलता है प्रतिकिलो 20 रुपये
प्याज की तस्करी के लिए धंधेबाजों ने कोल्हुई, नौतनवा, सोनौली, हरदीडाली, शेख फरैना, कैलाश नगर, भगवानपुर, बरगदवा, ठूठीबारी, निचलौल, सिसवा में प्याज को लाते हैं। फिर पगडंडियों के रास्ते कैरियर प्याज नेपाल पहुंचा रहे हैं। इसके लिए वह बाइक और साइकिल का प्रयोग करते हैं। प्रतिकिलो 20 रुपये कैरियरों को मिलता है।
नेपाल में प्याज निर्यात नहीं होने के बाद भी 90 फीसदी भारतीय प्याज
नेपाल में प्याज एक्सपोर्ट पर रोक हट गई है। लेकिन 4 मई के बाद एक गाड़ी भी नेपाल निर्यात नहीं हुआ। उसके बाद भी नेपाल के बाजार में 90 फीसदी प्याज भारत के दिख रहे हैं। नेपाल के रूपनदेही जिले में नेपाल सशस्त्र पुलिस प्रतिदिन बड़े पैमाने पर प्याज बरामद कर रही है। सीमा पर 24 घंटे चौकसी के बाद भी प्याज नेपाल पहुंच जा रहा है।
सीमावर्ती क्षेत्र में प्रतिदिन पहुंच रहा 10 ट्रक प्याज
भारत नेपाल के सीमावर्ती बाजार नौतनवा कोल्हुई ठूठीबारी और निचलौल में प्रतिदिन 10 ट्रक प्याज पहुंच रहा है। मंडी कारोबारी से खरीद कर तस्कर नेपाल पहुंचाने में जुट जाते हैं। नेपाल के भैरहवा बुटवल चितवन और पोखरा की मंडियों में प्याज लगभग भारतीय 60 से 70 रुपये तक बिक रहा है। जबकि भारतीय क्षेत्र की मंडियों में प्याज की कीमत 25 से 30 रुपये है। तस्करों का एक सिंडिकेट सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में सक्रिय हैं।
कितना होगा निर्यात वाली प्याज का मूल्य
भारत सरकार ने प्याज निर्यात की कीमत 550 डॉलर प्रति टन (तकरीबन 46 रुपये प्रति किलो) रखी है और इस पर 40 फीसद का निर्यात शुल्क भी लगना है। इस आधार पर निर्यातित प्याज की पूरी कीमत 770 डॉलर प्रति टन (64 रुपये प्रति टन) के करीब होगी। उस पर ट्रक भाड़ा और नेपाल कस्टम ड्यूटी मिलाकर 70 रुपए भारतीय मूल्य पहुंच रहा है। वैट और मुनाफे के बाद कस्टम होकर नेपाल पहुंची प्याज का मूल्य 82 रुपये किलो भारतीय रुपये में रही है। नाम नही छापने की शर्त पर एक नेपाल के कारोबारी ने बताया कि काठमांडो में 60 से 70 रुपये किलो प्याज मिल रहा है। इसलिए कोई भी व्यापारी प्याज का आयात नहीं कर रहे हैं।