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डीएम दफ्तर के सामने शिक्षा मित्रों ने किया अर्द्धनग्न प्रदर्शन
Updated Fri, 08 Sep 2017 12:24 AM IST
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महराजगंज। गुरुवार को डीएम दफ्तर के सामने शिक्षामित्रों ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया तो पुलिस प्रशासन का पसीना छूट गया। शिक्षामित्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही समान कार्य समान वेतन की मांग दोहराई। कहा कि मांगे पूर नहीं हुई तो सरकार की ईट से ईट बजा देंगे। 10 हजार मानदेय दिए जाने की घोषणा के विरोध में शिक्षामित्र आंदोलन की राह पर हैं। वे शिक्षक बनाने के लिए सरकार से कानून बनाकर अड़चन दूर करने की मांग कर रहे हैं।
दोपहर 12 बजे तमाम शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट पहुंचे और अर्द्धनग्न होकर प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी करने लगे। बड़ी संख्या में पुलिस के जवान आ आए। इसके बाद शिक्षामित्रों का आक्रोश और बढ़ गया। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन शिक्षामित्रों ने उनकी एक न सुनी। शिक्षामित्रों के आक्रोश को देखते हुए डीएम दफ्तर का गेट बंद करा दिया गया और गेट के पहले पुलिस कर्मियों ने शिक्षामित्रों को रोक दिया। इसके बाद महिला पुलिस भी बड़ी संख्या में पहुंच गई। कुछ देर प्रदर्शन के बाद नारेबाजी करते शिक्षामित्र धरना स्थल पर पहुंचे। तब जाकर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। संगठन के जिला संरक्षक सनंदन पांडेय ने कहा कि संगठन की ओर से कई बार वार्ता हुई लेकिन पेंच फंसा कर छोड़ दिया गया। शिक्षक बनने की राह में अब तो सरकार ही रोड़ा अटका रही है। संगठन इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। महंगाई के इस दौर में 10 हजार रूपए से गुजर बसर होना मुश्किल है। सरकार को इस विषयपर सोचना चाहिए।
इस दौरान जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता, गोपाल यादव, ओम प्रकाश, राजेन्द्र राय, रंजना यादव, अमृता पाण्डेय, अंबिका प्रसाद, धर्मावती देवी, संगीता, अनुराधा, सुुुशीला, विनोद कुमार, विमलावती देवी के अलावा तमाम शिक्षामित्र मौजूद रहे।
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सुरक्षा घेरे में रहा बीएसए दफ्तर
शिक्षामित्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए बीएसए दफ्तर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। गेट पर एक एसआई समेत दर्जनभर पुलिस कर्मी तैनात हो गए। इसके अलावा कार्यालय गेट पर भी पुलिस कर्मी तैनात रहे। सभी प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रखे रहे।
पल भर में बदला डीएम दफ्तर के सामने का नजारा
कलेक्ट्रेट पर शिक्षामित्र आंदोलन कर रहे थे। दोपहर बाद अचानक शिक्षामित्रों के तेवर उग्र हो गए। सभी शर्ट उतारकर प्रदर्शन करने लगे। सरकार के विरोध में उग्र नारेबाजी से कलेक्ट्रेट परिसर का नजारा बदला गया। हर तरफ पुलिस का कड़ा पहरा हो गया। मुख्यालय के प्रवेश द्वारा से लेकर धरना स्थल तक पुलिस सतर्क हो गई। एक पल लिए ऐसा लगा कि लाठी चार्ज हो सकती है। लेकिन माहौल थोड़ी देर में शांत हो गया और पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली। कोतवाल रामदवन मौर्य ने बताया कि शिक्षामित्रों के आक्रोश को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
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दोपहर 12 बजे तमाम शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट पहुंचे और अर्द्धनग्न होकर प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी करने लगे। बड़ी संख्या में पुलिस के जवान आ आए। इसके बाद शिक्षामित्रों का आक्रोश और बढ़ गया। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन शिक्षामित्रों ने उनकी एक न सुनी। शिक्षामित्रों के आक्रोश को देखते हुए डीएम दफ्तर का गेट बंद करा दिया गया और गेट के पहले पुलिस कर्मियों ने शिक्षामित्रों को रोक दिया। इसके बाद महिला पुलिस भी बड़ी संख्या में पहुंच गई। कुछ देर प्रदर्शन के बाद नारेबाजी करते शिक्षामित्र धरना स्थल पर पहुंचे। तब जाकर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। संगठन के जिला संरक्षक सनंदन पांडेय ने कहा कि संगठन की ओर से कई बार वार्ता हुई लेकिन पेंच फंसा कर छोड़ दिया गया। शिक्षक बनने की राह में अब तो सरकार ही रोड़ा अटका रही है। संगठन इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। महंगाई के इस दौर में 10 हजार रूपए से गुजर बसर होना मुश्किल है। सरकार को इस विषयपर सोचना चाहिए।
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इस दौरान जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता, गोपाल यादव, ओम प्रकाश, राजेन्द्र राय, रंजना यादव, अमृता पाण्डेय, अंबिका प्रसाद, धर्मावती देवी, संगीता, अनुराधा, सुुुशीला, विनोद कुमार, विमलावती देवी के अलावा तमाम शिक्षामित्र मौजूद रहे।
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सुरक्षा घेरे में रहा बीएसए दफ्तर
शिक्षामित्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए बीएसए दफ्तर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। गेट पर एक एसआई समेत दर्जनभर पुलिस कर्मी तैनात हो गए। इसके अलावा कार्यालय गेट पर भी पुलिस कर्मी तैनात रहे। सभी प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रखे रहे।
पल भर में बदला डीएम दफ्तर के सामने का नजारा
कलेक्ट्रेट पर शिक्षामित्र आंदोलन कर रहे थे। दोपहर बाद अचानक शिक्षामित्रों के तेवर उग्र हो गए। सभी शर्ट उतारकर प्रदर्शन करने लगे। सरकार के विरोध में उग्र नारेबाजी से कलेक्ट्रेट परिसर का नजारा बदला गया। हर तरफ पुलिस का कड़ा पहरा हो गया। मुख्यालय के प्रवेश द्वारा से लेकर धरना स्थल तक पुलिस सतर्क हो गई। एक पल लिए ऐसा लगा कि लाठी चार्ज हो सकती है। लेकिन माहौल थोड़ी देर में शांत हो गया और पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली। कोतवाल रामदवन मौर्य ने बताया कि शिक्षामित्रों के आक्रोश को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई।