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कफ़न पर खुशबुओं से प्यारा हिंदुस्तान लिख देना
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:24 AM IST
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सिसवा बाजार। किसान आदर्श इंटर कॉलेज बेलवां के स्वर्ण जयंती समारोह में शनिवार को आयोजित कवि सम्मेलन व मुशायरे में गंगा-जमुनी तहजीब की बयार बही। कुशीनगर, गोरखपुर, वाराणसी सेआए कवि व शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर आयोजन को गरिमा प्रदान की
कवि सम्मेलन व मुशायरे की शुरुआत मनंजय तिवारी निर्मल ने सरस्वती वंदना से किया। मनीष चौबे मयूर ने ...मन में उपजे प्रश्नों का जवाब मांगने आया...सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। हास्य के भोजपुरी कवि रामप्रीत प्रजापति ‘खरगोश’ ने अपनी रचना ...चाल करी सिधरी आ रोहुए मराई.. सुनकर लोग लोट-पोट हो गए। वसीर अहमद ने अपनी शानदार रचना ...खुशबुओं का जहां जिंदाबाद, हिंदू मुस्लिम की शान जिंदाबाद... से लोगों में गंगा-जमुनी तहजीब का जज्बा पैदा कर दिया। डॉ.इम्तियाज समर ने देश भक्ति पर आधारित ...कफन पर खुशबुओं से प्यारा हिंदुस्तान लिख देना... सुनाकर लोगों में जोश भरा। संचालक कुशीनगर के प्रख्यात कवि डॉ. वारसी ने ...अमीरे शह की जो कोठियां तामीर करते हैं, उन्हीं के दिन गुजरते हैं फटे तिरपाल के नीचे... सुनाकर सामाजिक विषमता पर करारा प्रहार किया।
इसके पूर्व विद्यालय के प्रबंधक उदयभान मल्ल, मुख्य अतिथि आईपीएल चीनी मिल के यूनिट हेड अनिल पवार तथा कार्यक्रम के अध्यक्ष पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. घनश्याम पांडेय ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप जलाकर कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया। डॉ. पांडेय ने कहा कि कवि सम्मेलन से समाज में एकजुटता का भाव पैदा होता है। कवि समाज का दर्पण होता है। प्रबंधक उदयभान मल्ल ने कहा कि रचनाओं के अध्ययन से व्यक्तित्व का विकास होता है। कवि समसामयिक कुरीतियों को दूर करने के लिए अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रहार करते हैं। प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद ने अतिथियों का आभार जताया। विद्यालय के संरक्षक सदस्य सोमनाथ चौरसिया, उपाध्यक्ष अवधेश चौबे, पूर्व प्रधानाचार्य मदन किशोर, साहब सिंह, सहदेव पांडेय, शरदेंदु शुक्ला, डॉ. देवेंद्र मणि, राधेश्याम पांडेय, नागेंद्र मल्ल, सुरेंद्र मल्ल आदि उपस्थित रहे।
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कवि सम्मेलन व मुशायरे की शुरुआत मनंजय तिवारी निर्मल ने सरस्वती वंदना से किया। मनीष चौबे मयूर ने ...मन में उपजे प्रश्नों का जवाब मांगने आया...सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। हास्य के भोजपुरी कवि रामप्रीत प्रजापति ‘खरगोश’ ने अपनी रचना ...चाल करी सिधरी आ रोहुए मराई.. सुनकर लोग लोट-पोट हो गए। वसीर अहमद ने अपनी शानदार रचना ...खुशबुओं का जहां जिंदाबाद, हिंदू मुस्लिम की शान जिंदाबाद... से लोगों में गंगा-जमुनी तहजीब का जज्बा पैदा कर दिया। डॉ.इम्तियाज समर ने देश भक्ति पर आधारित ...कफन पर खुशबुओं से प्यारा हिंदुस्तान लिख देना... सुनाकर लोगों में जोश भरा। संचालक कुशीनगर के प्रख्यात कवि डॉ. वारसी ने ...अमीरे शह की जो कोठियां तामीर करते हैं, उन्हीं के दिन गुजरते हैं फटे तिरपाल के नीचे... सुनाकर सामाजिक विषमता पर करारा प्रहार किया।
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इसके पूर्व विद्यालय के प्रबंधक उदयभान मल्ल, मुख्य अतिथि आईपीएल चीनी मिल के यूनिट हेड अनिल पवार तथा कार्यक्रम के अध्यक्ष पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. घनश्याम पांडेय ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप जलाकर कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया। डॉ. पांडेय ने कहा कि कवि सम्मेलन से समाज में एकजुटता का भाव पैदा होता है। कवि समाज का दर्पण होता है। प्रबंधक उदयभान मल्ल ने कहा कि रचनाओं के अध्ययन से व्यक्तित्व का विकास होता है। कवि समसामयिक कुरीतियों को दूर करने के लिए अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रहार करते हैं। प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद ने अतिथियों का आभार जताया। विद्यालय के संरक्षक सदस्य सोमनाथ चौरसिया, उपाध्यक्ष अवधेश चौबे, पूर्व प्रधानाचार्य मदन किशोर, साहब सिंह, सहदेव पांडेय, शरदेंदु शुक्ला, डॉ. देवेंद्र मणि, राधेश्याम पांडेय, नागेंद्र मल्ल, सुरेंद्र मल्ल आदि उपस्थित रहे।
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