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Maharajganj News: स्टेज कैरिज परमिट के सहारे दौड़ रहे 200 पर्यटक वाहन
Mon, 02 Jun 2025 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 02 Jun 2025 12:47 AM IST
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महराजगंज। नेपाल के लिए सोनौली तक लग्जरी ट्रेवलर और कैब जैसे करीब 200 वाहन गोरखपुर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टेशन से संचालित हैं।
पर्यटकों के लिए संचालित होने वाले इन वाहनों के अलग परमिट का प्रावधान है, लेकिन संचालन स्टेज कैरिज के सहारे हो रहा है।
इस गड़बड़ी के मद्देनजर आरटीओ गोरखपुर की तरफ से उप संभागीय परिवहन कार्यालय को जांच व कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया, बावजूद स्थानीय अधिकारी मौन हैं। गोरखपुर से होते हुए नेपाल के पर्यटकीय क्षेत्र व बौद्ध स्थलों के लिए पर्यटकों का आवागमन गर्मी में पूरे वर्ष के मुताबिक सर्वाधिक होता है।
इनके लिए नेपाल सीमा तक एसी व डिजिटल स्क्रीन से लैस ट्रेवलर व कैब बड़ी संख्या में संचालित हैं, लेकिन वाहन संचालकों ने पंजीकरण पर्यटकीय वाहनों में कराने की जगह स्टेज कैरिज में करा रखा है जो नियम का उल्लंघन है। इसी परमिट पर 6 की संख्या में सुविधा संपन्न मिनी स्लीपर वाहनों का संचालन भी किया जा रहा है जो रूट के पीपीगंज, फरेंदा व नौतनवां तक की सवारी बैठाने से भी पीछे नहीं रहते।
वाहनों में डिजिटल स्क्रीन और एसी की उपलब्धता तो है, लेकिन फायर सेफ्टी के प्रबंध व रिफिलिंग को लेकर कोई विशेष जागरूकता नहीं है। मामले में गोरखपुर आरटीओ की तरफ से जांच-पड़ताल के लिए स्थानीय अधिकारियों को निर्देश भी जारी है, लेकिन अनुपालन के लिए अभियान अब तक नहीं प्रभावी किया गया। संवाद
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पर्यटकों के लिए संचालित होने वाले इन वाहनों के अलग परमिट का प्रावधान है, लेकिन संचालन स्टेज कैरिज के सहारे हो रहा है।
इस गड़बड़ी के मद्देनजर आरटीओ गोरखपुर की तरफ से उप संभागीय परिवहन कार्यालय को जांच व कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया, बावजूद स्थानीय अधिकारी मौन हैं। गोरखपुर से होते हुए नेपाल के पर्यटकीय क्षेत्र व बौद्ध स्थलों के लिए पर्यटकों का आवागमन गर्मी में पूरे वर्ष के मुताबिक सर्वाधिक होता है।
इनके लिए नेपाल सीमा तक एसी व डिजिटल स्क्रीन से लैस ट्रेवलर व कैब बड़ी संख्या में संचालित हैं, लेकिन वाहन संचालकों ने पंजीकरण पर्यटकीय वाहनों में कराने की जगह स्टेज कैरिज में करा रखा है जो नियम का उल्लंघन है। इसी परमिट पर 6 की संख्या में सुविधा संपन्न मिनी स्लीपर वाहनों का संचालन भी किया जा रहा है जो रूट के पीपीगंज, फरेंदा व नौतनवां तक की सवारी बैठाने से भी पीछे नहीं रहते।
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वाहनों में डिजिटल स्क्रीन और एसी की उपलब्धता तो है, लेकिन फायर सेफ्टी के प्रबंध व रिफिलिंग को लेकर कोई विशेष जागरूकता नहीं है। मामले में गोरखपुर आरटीओ की तरफ से जांच-पड़ताल के लिए स्थानीय अधिकारियों को निर्देश भी जारी है, लेकिन अनुपालन के लिए अभियान अब तक नहीं प्रभावी किया गया। संवाद
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