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गंडक नदी के टेल फाल में छोडे़ जाएंगे 40 घड़ियाल
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गंडक नदी के टेल फाल में छोडे़ जाएंगे 40 घड़ियाल
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग में 40 घड़ियाल और छोड़े जाएंगे। ये घड़ियाल लखनऊ के कुकरैल से लाए जाएंगे। इसके लिए सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी ने मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखा है। स्वीकृति मिलने पर फरवरी माह में ाकुकरैल से यहां घड़ियाल लाए जाएंगे। इससे पहले भी 15 घड़ियाल लाए गए थे। जिन्हें गंडक नदी के टेल फाल में छोड़ा गया है। सोहगीबरवां के दर्जींनिया ताल में मगरमच्छ व गंडक नदी में घड़ियाल सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे।
सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के प्रति पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वन विभाग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सिंगरहना व दर्जींनिया ताल को विकसित कर रहा है। मगरमच्छों के लिए मशहूर दर्जीनिया ताल में पर्यटकों की सुविधा के लिए कई कार्य कराए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि मगरमच्छों की अठखेलियां देखने के लिए प्रतिदिन करीब दो सौ पर्यटक यहां आते हैं। मगरमच्छ के साथ ही घड़ियाल भी दिखें, इसके लिए अभी और घड़ियाल मंगाने की तैयारी तेज कर दी गई है। कहा जा रहा है कि गंडक नदी सोहगीबरवां के निचलौल रेंज से होकर प्रवाहित होती है। इसमें मगरमच्छ व डाल्फिन आदि पाए जाते हैं। यहां घड़ियालों के लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध है। बीते साल 10 अक्तूबर को लखनऊ के कुकरैल से जो 15 घड़ियाल लाए गए थे, उन्हें गंडक नदी के टेल फाल के पास छोड़ा गया था।
सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि गंडक नदी में अभी 40 घड़ियाल और छोड़े जाएंगे। इसके लिए मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव पूर्वी वृत गोंडा को पत्र लिखा गया है। मंजूरी मिलने के बाद फरवरी माह में लखनऊ के कुकरैल से घड़ियाल लाए जाएंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग में 40 घड़ियाल और छोड़े जाएंगे। ये घड़ियाल लखनऊ के कुकरैल से लाए जाएंगे। इसके लिए सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी ने मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखा है। स्वीकृति मिलने पर फरवरी माह में ाकुकरैल से यहां घड़ियाल लाए जाएंगे। इससे पहले भी 15 घड़ियाल लाए गए थे। जिन्हें गंडक नदी के टेल फाल में छोड़ा गया है। सोहगीबरवां के दर्जींनिया ताल में मगरमच्छ व गंडक नदी में घड़ियाल सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे।
सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के प्रति पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वन विभाग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सिंगरहना व दर्जींनिया ताल को विकसित कर रहा है। मगरमच्छों के लिए मशहूर दर्जीनिया ताल में पर्यटकों की सुविधा के लिए कई कार्य कराए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि मगरमच्छों की अठखेलियां देखने के लिए प्रतिदिन करीब दो सौ पर्यटक यहां आते हैं। मगरमच्छ के साथ ही घड़ियाल भी दिखें, इसके लिए अभी और घड़ियाल मंगाने की तैयारी तेज कर दी गई है। कहा जा रहा है कि गंडक नदी सोहगीबरवां के निचलौल रेंज से होकर प्रवाहित होती है। इसमें मगरमच्छ व डाल्फिन आदि पाए जाते हैं। यहां घड़ियालों के लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध है। बीते साल 10 अक्तूबर को लखनऊ के कुकरैल से जो 15 घड़ियाल लाए गए थे, उन्हें गंडक नदी के टेल फाल के पास छोड़ा गया था।
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सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि गंडक नदी में अभी 40 घड़ियाल और छोड़े जाएंगे। इसके लिए मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव पूर्वी वृत गोंडा को पत्र लिखा गया है। मंजूरी मिलने के बाद फरवरी माह में लखनऊ के कुकरैल से घड़ियाल लाए जाएंगे।
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