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इमरजेंसी गेट पर कूड़ा, बेड़ के पास कूडे़ेदान
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इमरजेंसी गेट पर कूड़ा, गर्मी से बचने के लिए हाथ के पंखे का सहारा
फोटो:-
अस्पताल में गर्मी से मरीज बेहाल, हाथ से पंखा झलना मजबुरी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। गर्मी में हर कोई परेशान है। मगर जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत और ही दयनीय है। बिजली गुल होते ही मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है। ऐसे में मरीजों की परेशानी कम करने के लिए तीमारदारों को हाथ के पंखा चलाना पड़ता है। इतना ही नहीं, स्वच्छता का संदेश भी यहां बेमानी साबित होती दिख रही है। इंमरजेंसी गेट के पास पड़ा कूड़ा सफाई व्यवस्था की पोल खोल रही थी। मरीज के बेड़ के पास भी कूड़ेदान रखा मिला।
बुधवार को शाम 7:45 बजे अमर उजाला टीम ने जिला अस्पताल का जायजा लिया। इमरजेंसी वार्ड में मरीज के बेड़ के पास कूड़ेदान रखा हुआ मिला। एक बेड़ पर दो महिलाएं बैठी मिलीं। वह हाथ का पंखा झल रही थीं। जच्चा-बच्चा वार्ड में गंदगी से मरीज और तीमारदार दोनों परेशान दिखे। किसी मरीज को देखने आए कन्हैया लाल ने बताया कि बिजली रहने के बाद भी पंखे की रफ्तार धीमी रहती है। गैलरी में तीमारदारों की भीड़ थी। डिलिवरी के बाद एक महिला को गैलरी में ही बेड़ लगाकर रखा गया था। अंदर कमरे में उमस से सभी परेशान दिखे। नवजात शिशु देखभाल ईकाई के पास बेंच लगाकर प्रदीप बैठे मिले। वह रूमाल से पसीना पोछ रहे थे। थोड़ी दूर पर बतीसा बैठी मिलीं। वह इलाज कराने आई थीं। सर्जिकल वार्ड में स्टाफ नर्स मौजूद मिलीं। पास में फर्श पर एक बच्चा लेटा था। एक बेड़ पर महिला बैठकर मरीज के पास पंखा झल रही थी। इसके अलावा अन्य वार्ड में भी गर्मी से मरीज बेहाल रहे। सीएमएस डॉ. आरबी राम ने बताया कि अस्पताल के सभी वार्ड में पंखे लगे हैं। मरीजों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जाता है। दिन में कई बार सफाई कराई जाती है।
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फोटो:-
अस्पताल में गर्मी से मरीज बेहाल, हाथ से पंखा झलना मजबुरी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। गर्मी में हर कोई परेशान है। मगर जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत और ही दयनीय है। बिजली गुल होते ही मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है। ऐसे में मरीजों की परेशानी कम करने के लिए तीमारदारों को हाथ के पंखा चलाना पड़ता है। इतना ही नहीं, स्वच्छता का संदेश भी यहां बेमानी साबित होती दिख रही है। इंमरजेंसी गेट के पास पड़ा कूड़ा सफाई व्यवस्था की पोल खोल रही थी। मरीज के बेड़ के पास भी कूड़ेदान रखा मिला।
बुधवार को शाम 7:45 बजे अमर उजाला टीम ने जिला अस्पताल का जायजा लिया। इमरजेंसी वार्ड में मरीज के बेड़ के पास कूड़ेदान रखा हुआ मिला। एक बेड़ पर दो महिलाएं बैठी मिलीं। वह हाथ का पंखा झल रही थीं। जच्चा-बच्चा वार्ड में गंदगी से मरीज और तीमारदार दोनों परेशान दिखे। किसी मरीज को देखने आए कन्हैया लाल ने बताया कि बिजली रहने के बाद भी पंखे की रफ्तार धीमी रहती है। गैलरी में तीमारदारों की भीड़ थी। डिलिवरी के बाद एक महिला को गैलरी में ही बेड़ लगाकर रखा गया था। अंदर कमरे में उमस से सभी परेशान दिखे। नवजात शिशु देखभाल ईकाई के पास बेंच लगाकर प्रदीप बैठे मिले। वह रूमाल से पसीना पोछ रहे थे। थोड़ी दूर पर बतीसा बैठी मिलीं। वह इलाज कराने आई थीं। सर्जिकल वार्ड में स्टाफ नर्स मौजूद मिलीं। पास में फर्श पर एक बच्चा लेटा था। एक बेड़ पर महिला बैठकर मरीज के पास पंखा झल रही थी। इसके अलावा अन्य वार्ड में भी गर्मी से मरीज बेहाल रहे। सीएमएस डॉ. आरबी राम ने बताया कि अस्पताल के सभी वार्ड में पंखे लगे हैं। मरीजों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जाता है। दिन में कई बार सफाई कराई जाती है।
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