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नवलपरासी में चार सौ नेपाली नागरिकता की गई रद्द
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नवलपरासी में चार सौ नेपाली नागरिकता रद्द
भारतीय नागरिकता के बावजूद नेपाली नागरिकता बनवाने में दो गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नवलपरासी (नेपाल)। सर्वोच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने नवलपरासी में नागरिकता वितरण पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि पूर्व में दिए गए आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है। ऐसे में वंशज के आधार पर लिए गए चार सौ नेपाली नागरिकता को रद्द कर दिया गया। वहीं झापा में दो लोगों को नेपाली नागरिकता बनवाते गिरफ्तार किया गया। यह जानकारी जिला प्रशासन कार्यालय के प्रशासकीय अधिकृत ज्योतिराज अर्याल ने दी है।
उन्होंने बताया कि नेपाल में नई व्यवस्था के तहत 1997 में जिलेवार नेपाली नागरिकता बनाने के लिए टोली गठित की गई थी। कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण स्थानीय स्कूल, कैंपस सहित सरकारी कर्मचारियों को इस टोली में शामिल किया गया था। ऐसे में नेपाली नागरिकता देते समय अनियमितता का मामला सामने आने पर नेपाल सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा और पुरुषोत्तम भंडारी की दो सदस्यीय टीम ने नवलपरासी में नेपाली नागरिकता के वितरण पर रोक लगा दी थी। आदेश का पालन करते हुए जिला प्रशासन कार्यालय प्रशासकीय अधिकृत ने चार सौ नेपाली नागरिकता को रद्द कर दी है। दूसरी तरफ झापा के कचन कवल गांव पालिका-2 निवासी भूपाल गुरूंग और उसके पिता चंद्र बहादुर गुरूंग को नेपाल प्रहरी पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया जब वे भारतीय नागरिकता के होते हुए नेपाली नागरिकता बनवाने की फिराक में थे।
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भारतीय नागरिकता के बावजूद नेपाली नागरिकता बनवाने में दो गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नवलपरासी (नेपाल)। सर्वोच्च न्यायालय की दो सदस्यीय पीठ ने नवलपरासी में नागरिकता वितरण पर यह कहते हुए रोक लगा दी थी कि पूर्व में दिए गए आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है। ऐसे में वंशज के आधार पर लिए गए चार सौ नेपाली नागरिकता को रद्द कर दिया गया। वहीं झापा में दो लोगों को नेपाली नागरिकता बनवाते गिरफ्तार किया गया। यह जानकारी जिला प्रशासन कार्यालय के प्रशासकीय अधिकृत ज्योतिराज अर्याल ने दी है।
उन्होंने बताया कि नेपाल में नई व्यवस्था के तहत 1997 में जिलेवार नेपाली नागरिकता बनाने के लिए टोली गठित की गई थी। कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण स्थानीय स्कूल, कैंपस सहित सरकारी कर्मचारियों को इस टोली में शामिल किया गया था। ऐसे में नेपाली नागरिकता देते समय अनियमितता का मामला सामने आने पर नेपाल सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा और पुरुषोत्तम भंडारी की दो सदस्यीय टीम ने नवलपरासी में नेपाली नागरिकता के वितरण पर रोक लगा दी थी। आदेश का पालन करते हुए जिला प्रशासन कार्यालय प्रशासकीय अधिकृत ने चार सौ नेपाली नागरिकता को रद्द कर दी है। दूसरी तरफ झापा के कचन कवल गांव पालिका-2 निवासी भूपाल गुरूंग और उसके पिता चंद्र बहादुर गुरूंग को नेपाल प्रहरी पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया जब वे भारतीय नागरिकता के होते हुए नेपाली नागरिकता बनवाने की फिराक में थे।
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