{"_id":"5abd2a5a4f1c1bc0618b4625","slug":"11522346586-maharajganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद हों, प्रतिबंधित दवा की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर्स ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद हों, प्रतिबंधित दवा की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर्स
Updated Thu, 29 Mar 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
Drugs
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
महराजगंज। गुरुवार को केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्रनाथ द्विवेदी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मिला। पत्रक देकर दवा की उन दुकानों की जांच की मांग की, जो प्राइवेट फार्मासिस्टों के नाम खोली गई हैं, जो अनाधिकृत तौर पर प्रतिबंधित नारकोटिक्स दवाओं का खुलेआम ब्रिकी कर ड्रग एक्ट एवं कास्मेटिक एक्ट का खुला उलंघन कर रहे हैं।
जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी ने कहा कि प्राइवेट फार्मासिस्टों की जो दुकानें जिले में संचालित हैं उन्हें चिन्हित कर जांच कराई जाए। कमियां खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाए। जिले के मोहनापुर, चिउटहा तथा सिन्दुरिया में खोली गई दवा की दुकानों की जांच कराई जाए तो मामला प्रकाश में आ सकता है।
जिलामंत्री विनय कुमार नायक ने कहा कि प्राइवेट फार्मासिस्टों द्वारा जिलाधिकारी के जनसुनवाई पोर्टल पर दवा की दुकानदारों के खिलाफ शिकायत की गई थी, जिसे संज्ञान में लेकर औषधि निरीक्षक द्वारा मनमाने तरीके से दवा की दुकानों की जांच की जा रही है। जबकि मुख्यमंत्री का स्पष्ट आदेश है कि फार्मासिस्ट के अभाव में किसी भी दवा व्यवसायी का लाइसेंस निरस्त नहीं होगा।
विज्ञापन
शासन की मंशा के विपरीत प्राइवेट फार्मासिस्टों की शिकायत पर औषधि निरीक्षक द्वारा उत्पीड़न की कार्रवाई की जा रही है, जिसे लेकर दवा व्यापारियों में आक्रोश है। पत्रक देने वाले प्रतिनिधि मंडल में एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष संजीव कश्यप, संतोष नायक, अनुराग जायसवाल आदि शामिल रहे।
जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी ने कहा कि प्राइवेट फार्मासिस्टों की जो दुकानें जिले में संचालित हैं उन्हें चिन्हित कर जांच कराई जाए। कमियां खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाए। जिले के मोहनापुर, चिउटहा तथा सिन्दुरिया में खोली गई दवा की दुकानों की जांच कराई जाए तो मामला प्रकाश में आ सकता है।
विज्ञापन
जिलामंत्री विनय कुमार नायक ने कहा कि प्राइवेट फार्मासिस्टों द्वारा जिलाधिकारी के जनसुनवाई पोर्टल पर दवा की दुकानदारों के खिलाफ शिकायत की गई थी, जिसे संज्ञान में लेकर औषधि निरीक्षक द्वारा मनमाने तरीके से दवा की दुकानों की जांच की जा रही है। जबकि मुख्यमंत्री का स्पष्ट आदेश है कि फार्मासिस्ट के अभाव में किसी भी दवा व्यवसायी का लाइसेंस निरस्त नहीं होगा।
विज्ञापन
शासन की मंशा के विपरीत प्राइवेट फार्मासिस्टों की शिकायत पर औषधि निरीक्षक द्वारा उत्पीड़न की कार्रवाई की जा रही है, जिसे लेकर दवा व्यापारियों में आक्रोश है। पत्रक देने वाले प्रतिनिधि मंडल में एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष संजीव कश्यप, संतोष नायक, अनुराग जायसवाल आदि शामिल रहे।