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पांचवी बार में नौ स्थानों पर टूटा महाव तटबंध, बढी परेशानी
Updated Fri, 04 Aug 2017 06:44 PM IST
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बरगदवां। तीन दिनों से पहाड़ों पर हो रही मुसलाधार बारिश के कारण उफनाए महाव का पश्चिमी तटबंध झिंगटी गांव के सामने शुक्रवार सुबह आठ बजे रामसेवक सहानी के खेत के सामने लगभग 50 मीटर टूट गया। तटबंध टूटने से परसामलिक क्षेत्र के झिंगटी, पड़ौली, परसामलिक, मुजहना, खैरहवा दूबे आदि गांवों के सिवान के सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई। गुरुवार की शाम उफनाया महाव नाला कोहरगड्डी के सामने दो स्थानों पर 50 मीटर तोड़ते हुए कोहरगड्डी, छितवनिया, मल्लाह टोली, दोगहरा गांव में पानी घुस गया।
शुक्रवार सुबह झिंगटी गांव के सामने पांचवी बार में नौ स्थानों पर महाव टूट गया, जिससे खैरहवादूबे छितवनियां सड़क पर दो फिट पानी बहने लगा है। अंगद सहानी, असरफी, रामबेलास, भगवानदास, रंगी, सुरेन्द्र दूबे, रणजित सिंह आदि ने प्रशासन क्षेत्र के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इस संबंध मे सिंचाई खण्ड द्वितीय के अभियंता का कहना है कि बाढ़ से बचाव के लिए विभाग पूरी तरह से गम्भीर है। टूट हुए तटबंध की मरम्मत कराई गई थी।
इन स्थानों पर टूट चुका है तटबंध
बरगदवां।इस वर्ष महाव तटबंध नौ स्थानों पर टूट चुका है। बीते 21 जून को छितवनिया 40 मीटर, खैरहवा दूबे10 मीटर, कनरी चकरार10 मीटर के सामने तीन स्थानों पर व दो जुलाई को छितवनिया के सामने 50 मीटर, एक स्थान पर 10 जुलाई को छितवनिया 50 मीटर व हरखपुरा के सामने 30मीटर दो स्थानों पर फिर पुन: तीन अगस्त को दो स्थानों पर 40मीटर व 10मीटर कोहरगड्डी के सामने दो स्थानों पर और 4अगस्त को झिंगटी के सामने एक स्थान पर 50 मीटर महाव तटबंध टूट चुका है।
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घरों में घुसा पानी, सांसत में ग्रामीण
बरगदवा। गुरूवार को कोहरगड्डी के सामने दो स्थानों पर टूटे महाव के बाढ़ का पानी छितवनिया व कोहर गड्डी मल्लाह टोली दोगहरा गांव के सड़क पर लगभग दो फिट पानी बह रहा है, जिससे प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्रों में महाव के बाढ़ का पानी घुस गया है। गांव के जोखू, रामनरेश, रामकेशव वर्मा बिनोद वर्मा, राकेश वर्मा, जोगी वर्मा, पवन कुमार दूबे, परसुराम यादव, बाठे, त्रियुगी, हरीराम यादव आदि ग्रामीणों के रिहायसी मकान में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोग अपने सामानों को सुरक्षित स्थानों पर रख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हम लोगों के घरों में पानी आ जाने से बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घर में रखा सारा सामान भीग गया है। हम लोगों के घरों में सुबह खाना नहीं बन पाया है। वही मल्लाह टोली पर आने जाने के सारे रास्ते पर पानी से चारों तरफ से घिर गया है, जिससे लोगों के घरों में बाढ़ का पानी पहुंचने से पशुओं के लिए रखा भुसा भिग जाने से पशु भी भुखमरी के कगार पर है।
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शुक्रवार सुबह झिंगटी गांव के सामने पांचवी बार में नौ स्थानों पर महाव टूट गया, जिससे खैरहवादूबे छितवनियां सड़क पर दो फिट पानी बहने लगा है। अंगद सहानी, असरफी, रामबेलास, भगवानदास, रंगी, सुरेन्द्र दूबे, रणजित सिंह आदि ने प्रशासन क्षेत्र के किसानों के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इस संबंध मे सिंचाई खण्ड द्वितीय के अभियंता का कहना है कि बाढ़ से बचाव के लिए विभाग पूरी तरह से गम्भीर है। टूट हुए तटबंध की मरम्मत कराई गई थी।
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इन स्थानों पर टूट चुका है तटबंध
बरगदवां।इस वर्ष महाव तटबंध नौ स्थानों पर टूट चुका है। बीते 21 जून को छितवनिया 40 मीटर, खैरहवा दूबे10 मीटर, कनरी चकरार10 मीटर के सामने तीन स्थानों पर व दो जुलाई को छितवनिया के सामने 50 मीटर, एक स्थान पर 10 जुलाई को छितवनिया 50 मीटर व हरखपुरा के सामने 30मीटर दो स्थानों पर फिर पुन: तीन अगस्त को दो स्थानों पर 40मीटर व 10मीटर कोहरगड्डी के सामने दो स्थानों पर और 4अगस्त को झिंगटी के सामने एक स्थान पर 50 मीटर महाव तटबंध टूट चुका है।
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घरों में घुसा पानी, सांसत में ग्रामीण
बरगदवा। गुरूवार को कोहरगड्डी के सामने दो स्थानों पर टूटे महाव के बाढ़ का पानी छितवनिया व कोहर गड्डी मल्लाह टोली दोगहरा गांव के सड़क पर लगभग दो फिट पानी बह रहा है, जिससे प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्रों में महाव के बाढ़ का पानी घुस गया है। गांव के जोखू, रामनरेश, रामकेशव वर्मा बिनोद वर्मा, राकेश वर्मा, जोगी वर्मा, पवन कुमार दूबे, परसुराम यादव, बाठे, त्रियुगी, हरीराम यादव आदि ग्रामीणों के रिहायसी मकान में बाढ़ का पानी घुस जाने से लोग अपने सामानों को सुरक्षित स्थानों पर रख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हम लोगों के घरों में पानी आ जाने से बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घर में रखा सारा सामान भीग गया है। हम लोगों के घरों में सुबह खाना नहीं बन पाया है। वही मल्लाह टोली पर आने जाने के सारे रास्ते पर पानी से चारों तरफ से घिर गया है, जिससे लोगों के घरों में बाढ़ का पानी पहुंचने से पशुओं के लिए रखा भुसा भिग जाने से पशु भी भुखमरी के कगार पर है।