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चरस बरामदगी के मामले में 10 वर्ष का सश्रम कारावास
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चरस बरामदगी के मामले में 10 वर्ष का सश्रम कारावास
महराजगंज। जनपद के थाना सोनौली क्षेत्र में वर्ष 2016 में सिकंदर पाल के पास से पांच किग्रा 100 ग्राम चरस बरामदगी के मामले में दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश्वर पांडेय ने दस वर्ष के सश्रम कारावास के साथ दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पत्रावली से मिली जानकारी के अनुसार थाना सोनौली के तत्कालीन उप निरीक्षक भरत यादव 25 जनवरी 2016 को भारत-नेपाल बार्डर पर जांच के दौरान 5.100 किग्रा चरस के साथ सिकंदर पाल निवासी ग्रामसभा मुसहरखा, थाना कालपा, जनपद- बारा, नेपाल राष्ट्र को गिरफ्तार किया। न्यायालय में उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक राघवेन्द्र उपाध्याय की गवाही कराकर सजा की मांग की। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने सजा सुनाई है। संवाद
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महराजगंज। जनपद के थाना सोनौली क्षेत्र में वर्ष 2016 में सिकंदर पाल के पास से पांच किग्रा 100 ग्राम चरस बरामदगी के मामले में दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश्वर पांडेय ने दस वर्ष के सश्रम कारावास के साथ दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पत्रावली से मिली जानकारी के अनुसार थाना सोनौली के तत्कालीन उप निरीक्षक भरत यादव 25 जनवरी 2016 को भारत-नेपाल बार्डर पर जांच के दौरान 5.100 किग्रा चरस के साथ सिकंदर पाल निवासी ग्रामसभा मुसहरखा, थाना कालपा, जनपद- बारा, नेपाल राष्ट्र को गिरफ्तार किया। न्यायालय में उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक राघवेन्द्र उपाध्याय की गवाही कराकर सजा की मांग की। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने सजा सुनाई है। संवाद
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