{"_id":"63519a102ffa2c78186ef8d2","slug":"10-years-rigorous-imprisonment-for-wife-s-murder-maharajganj-news-gkp454781583","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी की हत्या के मामले में 10 वर्ष का सश्रम कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी की हत्या के मामले में 10 वर्ष का सश्रम कारावास
विज्ञापन
पत्नी की हत्या के मामले में 10 वर्ष का सश्रम कारावास
महराजगंज। जिले के थाना कोठीभार क्षेत्र के ग्रामसभा बलहीखोर टोला चमकनपुर में वर्ष 2007 में रुपये के लिए पत्नी की हत्या करने के मामले में रामप्रीत यादव को दोषी पाए जाने पर सत्र जनपद न्यायाधीश जयप्रकाश तिवारी ने दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी। 15,000 रुपये अर्थदण्ड भी लगाया है।
जोगी यादव निवासी चैनपुर, थाना कोठीभार ने 25 जुलाई 2007 को थाना कोठीभार में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी पुत्री रीमा की हत्या हो गई है। रीमा का विवाह पांच वर्ष पूर्व रामप्रीत यादव के साथ हुआ था। रुपये-पैसे के विवाद को लेकर रामप्रीत यादव रीमा को पीटता था, साथ ही जान से मारने की धमकी देता था।
रामप्रीत यादव 24 जुलाई को सायं 6 बजे शराब पीकर आया और रीमा को मारने लगा। जिससे उसकी मौत हो गई। सहायक शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सर्वेश्वर मणि त्रिपाठी ने गवाही कराने के बाद सजा की मांग की। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर यह सजा सुनायी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
महराजगंज। जिले के थाना कोठीभार क्षेत्र के ग्रामसभा बलहीखोर टोला चमकनपुर में वर्ष 2007 में रुपये के लिए पत्नी की हत्या करने के मामले में रामप्रीत यादव को दोषी पाए जाने पर सत्र जनपद न्यायाधीश जयप्रकाश तिवारी ने दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी। 15,000 रुपये अर्थदण्ड भी लगाया है।
जोगी यादव निवासी चैनपुर, थाना कोठीभार ने 25 जुलाई 2007 को थाना कोठीभार में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी पुत्री रीमा की हत्या हो गई है। रीमा का विवाह पांच वर्ष पूर्व रामप्रीत यादव के साथ हुआ था। रुपये-पैसे के विवाद को लेकर रामप्रीत यादव रीमा को पीटता था, साथ ही जान से मारने की धमकी देता था।
विज्ञापन
रामप्रीत यादव 24 जुलाई को सायं 6 बजे शराब पीकर आया और रीमा को मारने लगा। जिससे उसकी मौत हो गई। सहायक शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सर्वेश्वर मणि त्रिपाठी ने गवाही कराने के बाद सजा की मांग की। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर यह सजा सुनायी है।
विज्ञापन