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ऐसी दर्दनाक मौत कि देखने वाले गश खाकर गिरे

Sun, 25 May 2014 08:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरहन, एत्मादपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, बरहन, एत्मादपुर Updated Sun, 25 May 2014 08:19 AM IST
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lekhpal killed by rajdhani express

यूपी में बरहन की गोवल रेलवे क्रासिंग पर फाटक बंद होने के बाद भी बाइक से ट्रैक पार कर रहे लेखपाल की राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं बाइक के परखच्चे उड़ गए। घटना शनिवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे की है।

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आगरा सदर तहसील में तैनात चकबंदी लेखपाल राम निवास (38) पुत्र चिंरजीलाल (निवासी नवीपुर खुर्द, पथवारी रोड उधैना-हाथरस), कानूनगो राघवेंद्र सिंह और एसीओ चकबंदी शैलेश यादव के साथ अलग-अलग बाइक से एत्मादपुर के गांव यूसुफपुर में पैमाइश के लिए जा रहे थे। बरहन की गोवल रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक बंद था।
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इस पर लेखपाल की बाइक पर बैठे कानूनगो उतर गए। लेखपाल छोटे गेट से बाइक निकालने लगे। बाइक ट्रैक के बीच में पहुंची तो लेखपाल का पैर फिसल कर पटरी के बीच में फंस गया। इससे बाइक नीचे गिर गई। शोर मचाने पर एसीओ और कानूनगो बचाने के लिए दौड़े। उन्होंने उनका पैर निकालने का भरसक प्रयास किया।

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दर्दनाक दृश्य देख खो बैठे सुधबुध

lekhpal killed by rajdhani express

इसी बीच टूंडला की ओर से हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस नजदीक आते ही एसीओ और कानूनगो दूर भाग गए। ट्रेन से बाइक और लेखपाल के परखच्चे उड़ गए। अपने साथी की मौत का दर्दनाक मंजर देख एसीओ और कानूनगो कुछ पल के लिए सुधबुध खो बैठे। आसपास के ग्रामीण भी पहुंच गए।

उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी। इस पर एसीओ चकबंदी, सीओ चकबंदी, सीओ एत्मादपुर, एसओ बरहन मौके पर पहुंचे। जानकारी पर मृतक के घर में कोहराम मच गया।

मौत का दर्दनाक मंजर

lekhpal killed by rajdhani express

पटरी के बीच में लेखपाल का पैर फंसने के बाद हम उसे निकालने में लगे थे। तभी ट्रेन के हार्न देने पर तीनों कांपने लगे। हमारी हिम्मत जवाब देने लगी। कुछ ही क्षणों में ट्रेन के रूप में मौत हमारे सामने थी। अचानक ही एसीओ और मैं दूसरी ओर कूद गए। देखते ही देखते धूल का गुबार छा गया। हादसे के इस भयानक मंजर के बाद जब धूल का गुबार छटा तो बस एक ही बात निकली, कहां गया रामनिवास। देखा तो शरीर टुकड़ों में बंटा हुआ था। इस दर्दनाक हादसे को बयां करते हुए कानूनगो राघवेंद्र सुधबुध खो बैठे।

काफी देर तक वे घटना पर यकीन करने के लिए तैयार नहीं थे। घटना के दो घंटे बाद भी लोग उन्हें होश में लाने की कोशिश करते रहे।

कानूनगो राघवेंद्र सिंह ने बताया कि लेखपाल राम निवास उनके साथ दो वर्ष से था। वे तीनों भगवान टाकीज से सुबह तकरीबन 7:45 बजे यूसुफपुर के लिए चले थे। एसीओ शैलेश कुमार दूसरी बाइक से थे, जबकि वे दोनों एक बाइक से थे। वह बार-बार रोते यही कह रहे थे कि क्या पता था कि यह हमारा आखिरी साथ होगा। उन्होंने बताया कि मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा दो पुत्री सरिता (16), शिखा (13), पुत्र अमन(9) है।

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