{"_id":"6a445ba2-e480-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"lda-planning-to-stop-work-on-hotel-hyatt-construction","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं चली हयात की दरियादिली, एलडीए ने रोका काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं चली हयात की दरियादिली, एलडीए ने रोका काम
लखनऊ/ इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 04 Jul 2013 01:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
होटल हयात के मनमाने ढंग से काम करने पर लखनऊ विकास प्राधिकरण ने सख्ती दिखाई है। प्राधिकरण का कहना है कि कंपनी ने निर्माण के दौरान कई नियमों का तोड़ा है।
विज्ञापन
यही वजह है कि प्राधिकरण को यह कड़ा कदम उठाना पड़ रहा है और वह होटल हयात चार्टर का नक्शा रद्द करने के बारे में सोच रहा है।
पहले की मनमानी फिर दिखाई दरियादिली
अभी कुछ ही दिन पहले कंपनी ने प्रभावित लोगों के सामने हर्जाना देने का प्रस्ताव रखा था। कंपनी ने ऐसा इसलिए किया था ताकि एलडीए उस पर रहम बनाए रखे और प्रभावित लोगों के मन में उसके लिए गुस्सा न फूटे।
विज्ञापन
हांलाकि उसकी यह मंशा पूरी नहीं हो सकी और एलडीए ने आखिरकार उस पर अपनी टेढ़ी नजर कर ही दी और काम पर रोक लगा दी।
पढ़ें: होटल हयात ने पहले छोड़ी हया, अब दिखा रहा दया
विज्ञापन
फिलहाल खोदाई की वजह से हो रही मिट्टी के कटान को रोकने के लिए रिटेनिंग वॉल बनाई जाएगी। दीवार बनाने का काम पूरा होने के बाद नक्शा निरस्त कर दिया जाएगा।
प्राधिकरण का कहना है कि नक्शा पास करते समय जो एग्रीमेंट किया गया था, उसमें खोदाई के लिए दिए गए मानकों का कंपनी ने पालन नहीं किया।
मुकदमा भी हुआ था दर्ज
पिछले दिनों इस होटल के बेसमेंट के लिए की जा रही खोदाई के चलते यहां जबरदस्त हादसा होते-होते बचा। इससे करीब आधा दर्जन मकानों की नींव की मिट्टी खिसक गई और यहां रहने वालों को पलायन करना पड़ा।
कंपनी के खिलाफ इस प्रकरण में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। अब एलडीए ने होटल का नक्शा निरस्त करने की कार्यवाही शुरू कर दी है।
किसका हुआ नुकसान
कंपनी जहां खोदाई कर रही थी उससे रिसहापुरवा के लोग प्रभावित हुए हैं। खोदाई की वजह से यहां सीवर और वाटर लाइन की दिक्कत हो गई है।
करीब दो महीने से लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया था। यहां कई मकानों के नीचे मिट्टी खिसक गई और कुछ मकान तो हवा में लटके हैं।