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स्वस्थ दांत और मसूड़े व्यक्तित्व को बनाते हैं बेहतर
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- फोटो : doctor.jpg
ललितपुर। ओरल हाईजीन अर्थात मुंह के स्वास्थ्य का ध्यान रखना उतना ही जरूरी है जितना पूरे शरीर का रखा जाता है। स्वस्थ दांत और मसूड़े व्यक्तित्व को बेहतर बनाने में मदद करता है। जिला चिकित्सालय के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष माथुर ने लोगों को बताया कि अक्सर हम दांतों की सफाई पर ध्यान नहीं देते और हमें दांतों में दर्द, मुंह से बदबू आना और दांतों में कीड़े लगने की समस्या आती है।
वर्ल्ड ओरल हाईजीन डे 20 मार्च को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2013 में वर्ल्ड डेंटल फेडरेशन द्वारा की गई थी। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना है। डॉ. मनीष माथुर बताते हैं कि दिन में दो बार ब्रश करना ही ओरल हाईजीन नहीं कहलाता है। इसके लिए रात को मीठा खाने से बचना चाहिए। मीठा खाने के बाद बैक्टीरिया पनपने की संभावना होती है। ऐसी स्थिति में मुंह में दुर्गंध और कीड़ा लगने की संभावना अधिक होती है। उन्होंने बताया कि मुंह की सुरक्षा के लिए चाय और कॉफ़ी को सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए। अधिक धूम्रपान और शराब के अधिक सेवन से बचना चाहिए। दुर्गंध से बचने के लिए तीन माह में ब्रश अवश्य बदलें।
रात में सोते समय मुंह में लार कम बनती है और करीब 8 घंटे मुंह बंद रहता है। इस वजह से खाना दांतों के बीच फंसा रह जाता है, और धीरे- धीरे सड़ने लगता है। इस तरह बैक्टीरिया मुंह में पनपने लगते हैं। इसलिए रात में सोने से पहले दांत साफ़ करना बहुत ही जरूरी है।
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वर्ल्ड ओरल हाईजीन डे 20 मार्च को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2013 में वर्ल्ड डेंटल फेडरेशन द्वारा की गई थी। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों में दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना है। डॉ. मनीष माथुर बताते हैं कि दिन में दो बार ब्रश करना ही ओरल हाईजीन नहीं कहलाता है। इसके लिए रात को मीठा खाने से बचना चाहिए। मीठा खाने के बाद बैक्टीरिया पनपने की संभावना होती है। ऐसी स्थिति में मुंह में दुर्गंध और कीड़ा लगने की संभावना अधिक होती है। उन्होंने बताया कि मुंह की सुरक्षा के लिए चाय और कॉफ़ी को सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए। अधिक धूम्रपान और शराब के अधिक सेवन से बचना चाहिए। दुर्गंध से बचने के लिए तीन माह में ब्रश अवश्य बदलें।
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रात में सोते समय मुंह में लार कम बनती है और करीब 8 घंटे मुंह बंद रहता है। इस वजह से खाना दांतों के बीच फंसा रह जाता है, और धीरे- धीरे सड़ने लगता है। इस तरह बैक्टीरिया मुंह में पनपने लगते हैं। इसलिए रात में सोने से पहले दांत साफ़ करना बहुत ही जरूरी है।
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