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सात घंटे में मान गए बिजली कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Oct 2016 12:53 AM IST
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strike news lalitpur
- फोटो : demo
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मानदेय की मांग को लेकर हड़ताल पर गए संविदा कर्मी सात घंटे में ही मान गए। इस दौरान शहर की बिजली व्यवस्था चरमराई रही।
उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के बैनर तले 112 संविदा विद्युत कर्मचारियों ने छह माह से कार्यदाई संस्था के ठेकेदार द्वारा भुगतान नहीं किए जाने के चलते शुक्रवार को कार्य बहिष्कार करते हुए हड़ताल कर दी। वह भुगतान न करने के अलावा आठ वर्ष से ईपीएफ खाता नंबर नहीं देने और अनुबंध द्वारा टीएनपी नहीं देने से नाराज चल रहे थे। यह लोग जिला परिषद स्थित विद्युत अधिशासी अभियंता कार्यालय के सामने हड़ताल पर बैठ गए, जिससे विद्युत महकमे में हड़कंप मच गया। कर्मियों का आरोप था कि एक ओर ठेकेदार द्वारा छह माह से भुगतान नहीं किया जा रहा है, वहीं तालबेहट अवर अभियंता द्वारा उनके कार्य का मेजरमेंट भी नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही शुक्रवार की शाम को मंडलायुक्त का दौरा भी था, जिसके चलते विद्युत अधिकारी मामले को जल्द से जल्द निपटाने चाह रहे थे।
इस दौरान शहर के फीडर नंबर एक के अंतर्गत तुवन चौराहा पर आजादपुरा की ओर बने नाथूराम कुशवाहा गेट के पास एक खंभा में करंट आने से पूरे फीडर की बिजली बंद कर दी गई। वहीं फीडर नंबर चार के अंतर्गत स्टेशन के पास स्थित आकाश होटल और फीडर नंबर पांच के अंतर्गत एसपी कार्यालय के आगे नहर की सफाई के दौरान जेसीबी मशीन से तार टूटने के चलते बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। जिससे आधे शहर की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। वहीं कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति धीरे-धीरे लड़खड़ाने लगी। मंडलायुक्त के जनपद दौरे के ठीक पहले बिजली कर्मियों की इस हड़ताल को समाप्त कराने के प्रयास उच्चाधिकारियों द्वारा शुरु किए गए।
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जिला प्रशासन द्वारा भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए मामले के शीघ्र निस्तारण का दबाब बनाया जाने लगा। जिसके चलते अधिकारियों द्वारा तत्काल ठेकेदार को जिला परिषद स्थित विद्युत कार्यालय में तलब किया गया और आंदोलनकारियों की शर्तों के अनुसार सभी कर्मियों के भुगतान और ईपीएफ दिलाने का लिखित आश्वासन दिलाया गया। वहीं अवर अभियंता को भी तलब कर हड़काया गया और मेजरमेंट का अटका भुगतान दिलाने का भरोसा दिया गया। इसके चलते सुबह दस बजे शुरू हुई हड़ताल को शाम पांच बजे समाप्त कराकर जनपद की चरमराई बिजली व्यवस्था को देर शाम तक दुरुस्त कराया गया।
हड़ताल के दौरान अध्यक्ष एसएस पाटिल, संविदा कर्मी छोटेलाल दुबे, देशराज, सोनू खटीक, सुनील परिहार, देवेंद्र सिंह, अर्जुन, रामपाल, कल्यान, दीपक, अशोक, हरप्रसाद, गोविंद सिंह, तुलसीराम, कृपाल, अजय सिंह, राजा बाबूू, हरपाल, गंगाराम, रमेश, गजराज सिंह, रामसेवक, कमल सिंह, लखनलाल, राजेश सेन समेत सभी संविदा कर्मी उपस्थित रहे।
महरौनी में भी हड़ताल पर गए संविदा कर्मी
महरौनी। उत्तर प्रदेश बिजली संविदा कर्मचारियों ने मानदेय का भुगतान न होने पर आंदोलन की राह पकड़ ली। वह हड़ताल पर बैठ गए हैं। संविदाकर्मियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक वह काम पर नहीं लौटेंगे।
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उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के बैनर तले 112 संविदा विद्युत कर्मचारियों ने छह माह से कार्यदाई संस्था के ठेकेदार द्वारा भुगतान नहीं किए जाने के चलते शुक्रवार को कार्य बहिष्कार करते हुए हड़ताल कर दी। वह भुगतान न करने के अलावा आठ वर्ष से ईपीएफ खाता नंबर नहीं देने और अनुबंध द्वारा टीएनपी नहीं देने से नाराज चल रहे थे। यह लोग जिला परिषद स्थित विद्युत अधिशासी अभियंता कार्यालय के सामने हड़ताल पर बैठ गए, जिससे विद्युत महकमे में हड़कंप मच गया। कर्मियों का आरोप था कि एक ओर ठेकेदार द्वारा छह माह से भुगतान नहीं किया जा रहा है, वहीं तालबेहट अवर अभियंता द्वारा उनके कार्य का मेजरमेंट भी नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही शुक्रवार की शाम को मंडलायुक्त का दौरा भी था, जिसके चलते विद्युत अधिकारी मामले को जल्द से जल्द निपटाने चाह रहे थे।
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इस दौरान शहर के फीडर नंबर एक के अंतर्गत तुवन चौराहा पर आजादपुरा की ओर बने नाथूराम कुशवाहा गेट के पास एक खंभा में करंट आने से पूरे फीडर की बिजली बंद कर दी गई। वहीं फीडर नंबर चार के अंतर्गत स्टेशन के पास स्थित आकाश होटल और फीडर नंबर पांच के अंतर्गत एसपी कार्यालय के आगे नहर की सफाई के दौरान जेसीबी मशीन से तार टूटने के चलते बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। जिससे आधे शहर की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। वहीं कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति धीरे-धीरे लड़खड़ाने लगी। मंडलायुक्त के जनपद दौरे के ठीक पहले बिजली कर्मियों की इस हड़ताल को समाप्त कराने के प्रयास उच्चाधिकारियों द्वारा शुरु किए गए।
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जिला प्रशासन द्वारा भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए मामले के शीघ्र निस्तारण का दबाब बनाया जाने लगा। जिसके चलते अधिकारियों द्वारा तत्काल ठेकेदार को जिला परिषद स्थित विद्युत कार्यालय में तलब किया गया और आंदोलनकारियों की शर्तों के अनुसार सभी कर्मियों के भुगतान और ईपीएफ दिलाने का लिखित आश्वासन दिलाया गया। वहीं अवर अभियंता को भी तलब कर हड़काया गया और मेजरमेंट का अटका भुगतान दिलाने का भरोसा दिया गया। इसके चलते सुबह दस बजे शुरू हुई हड़ताल को शाम पांच बजे समाप्त कराकर जनपद की चरमराई बिजली व्यवस्था को देर शाम तक दुरुस्त कराया गया।
हड़ताल के दौरान अध्यक्ष एसएस पाटिल, संविदा कर्मी छोटेलाल दुबे, देशराज, सोनू खटीक, सुनील परिहार, देवेंद्र सिंह, अर्जुन, रामपाल, कल्यान, दीपक, अशोक, हरप्रसाद, गोविंद सिंह, तुलसीराम, कृपाल, अजय सिंह, राजा बाबूू, हरपाल, गंगाराम, रमेश, गजराज सिंह, रामसेवक, कमल सिंह, लखनलाल, राजेश सेन समेत सभी संविदा कर्मी उपस्थित रहे।
महरौनी में भी हड़ताल पर गए संविदा कर्मी
महरौनी। उत्तर प्रदेश बिजली संविदा कर्मचारियों ने मानदेय का भुगतान न होने पर आंदोलन की राह पकड़ ली। वह हड़ताल पर बैठ गए हैं। संविदाकर्मियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक वह काम पर नहीं लौटेंगे।