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Lalitpur News: क्षतिग्रस्त पड़े स्वच्छ जलाशय को ढंकने का कार्य प्रारंभ
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। डोड़ाघाट स्थित जल संस्थान के क्षतिग्रस्त स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) को ढंकने का कार्य शुरू हो गया है। इससे अब स्वच्छ व शुद्ध जल की आपूर्ति होगी।
पेयजल आपूर्ति के लिए जल संस्थान ने डोड़ाघाट में तीन स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) बनाए थे। इससे कच्चा पानी फिल्टर होने के बाद शुद्ध होकर सीडब्ल्यूआर में एकत्रित किया जाता था। फिर पंप के माध्यम से टंकियों में भेजा जाता था, लेकिन वर्ष 2019 में शहजाद नदी में आए पानी से तीनों सीडब्ल्यूआर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। तभी से जल संस्थान एक ही स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) से पानी की सप्लाई कर रहा था, जो कि खुला पड़ा था। इससे शुद्ध जल की आपूर्ति पर सवाल खड़े हो रहे थे। अमर उजाला ने इस खबर को छह फरवरी के अंक में पेज नंबर दो पर पांच वर्ष से क्षतिग्रस्त पड़ा जल संस्थान का स्वच्छ जलाशय, शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आए। अब तीन में प्रयोग किए जा रहे खुले पड़े एक स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) को ढंकने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस पर टीन शेड लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे शहर की लगभग 70 हजार की आबादी को शुद्ध जल की आपूर्ति हो सकेगी।
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खुले पड़े सीडब्ल्यूआर को टीन शेड से ढंकवाया जा रहा है। कचरा किसी भी तरह अंदर नहीं जा सकेगा। उपभोक्ताओं को शुद्ध जल की आपूर्ति होगी।-शिवराज सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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ललितपुर। डोड़ाघाट स्थित जल संस्थान के क्षतिग्रस्त स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) को ढंकने का कार्य शुरू हो गया है। इससे अब स्वच्छ व शुद्ध जल की आपूर्ति होगी।
पेयजल आपूर्ति के लिए जल संस्थान ने डोड़ाघाट में तीन स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) बनाए थे। इससे कच्चा पानी फिल्टर होने के बाद शुद्ध होकर सीडब्ल्यूआर में एकत्रित किया जाता था। फिर पंप के माध्यम से टंकियों में भेजा जाता था, लेकिन वर्ष 2019 में शहजाद नदी में आए पानी से तीनों सीडब्ल्यूआर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। तभी से जल संस्थान एक ही स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) से पानी की सप्लाई कर रहा था, जो कि खुला पड़ा था। इससे शुद्ध जल की आपूर्ति पर सवाल खड़े हो रहे थे। अमर उजाला ने इस खबर को छह फरवरी के अंक में पेज नंबर दो पर पांच वर्ष से क्षतिग्रस्त पड़ा जल संस्थान का स्वच्छ जलाशय, शीर्षक से प्रकाशित किया था। इसके बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आए। अब तीन में प्रयोग किए जा रहे खुले पड़े एक स्वच्छ जलाशय (सीडब्ल्यूआर) को ढंकने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस पर टीन शेड लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे शहर की लगभग 70 हजार की आबादी को शुद्ध जल की आपूर्ति हो सकेगी।
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खुले पड़े सीडब्ल्यूआर को टीन शेड से ढंकवाया जा रहा है। कचरा किसी भी तरह अंदर नहीं जा सकेगा। उपभोक्ताओं को शुद्ध जल की आपूर्ति होगी।-शिवराज सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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